रामपुरा पुलिस ने अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का किया खुलासा, 10 आरोपी गिरफ्तार
उरई के रामपुरा थाना पुलिस ने बाइक चोरी के मामलों का खुलासा करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 चोरी की बाइक, एक चेचिस, 5 मोबाइल फोन, पेचकस-हथौड़े और बाइक के खुले पार्ट्स बरामद किए हैं
अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का खुलासा
रैकी कर चोरी करते थे मोटरसाइकिलें
लॉक न खुले तो पेचकस-हथौड़े से तोड़ते थे
नंबर प्लेट बदलकर बेचते थे चोरी की बाइक
उरई। जालौन जिले के थाना रामपुरा पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी की लगातार सामने आ रही घटनाओं का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कथित अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने छह चोरी की मोटरसाइकिलें, एक मोटरसाइकिल का चेचिस, पांच मोबाइल फोन और बाइक के लॉक तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले पेचकस व हथौड़ा समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद सभी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक थाना रामपुरा क्षेत्र में लगातार मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। इन घटनाओं के संबंध में थाना रामपुरा में मु0अ0सं0 66/2026, 67/2026 और 68/2026 के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक जालौन के पर्यवेक्षण में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा था।
इसी अभियान के तहत 15 अगस्त 2026 को थाना रामपुरा पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को बाइक चोरी की घटनाओं से जुड़े आरोपियों के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की मोटरसाइकिलों तथा बाइक के पार्ट्स समेत अन्य सामान बरामद किया गया।
रैकी के बाद बनाते थे बाइक चोरी का निशाना
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य मोटरसाइकिल चोरी करने से पहले अलग-अलग स्थानों पर खड़ी बाइकों की रैकी करते थे। ऐसी मोटरसाइकिलों को चिन्हित किया जाता था, जिन्हें अपेक्षाकृत आसानी से चोरी किया जा सके।
पुलिस के अनुसार आरोपी शहाबुद्दीन ने पूछताछ में बताया कि गिरोह के सदस्य पहले बाइक की निगरानी करते थे और मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। चाबी से लॉक खोलने का प्रयास किया जाता था। यदि चाबी से लॉक नहीं खुलता था तो पेचकस और अन्य उपकरणों की मदद से लॉक तोड़ दिया जाता था।
वारदात के दौरान गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाएं निभाते थे। यदि आसपास कोई व्यक्ति मौजूद रहता था तो गिरोह का एक सदस्य लोगों की गतिविधियों पर नजर रखता था, जबकि दूसरा सदस्य बाइक लेकर मौके से निकल जाता था। इस तरह कुछ ही समय में बाइक को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जाता था।
नंबर प्लेट बदलकर बेचते थे चोरी की बाइक
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी की गई मोटरसाइकिलों की पहचान छिपाने के लिए उनकी नंबर प्लेट बदल दी जाती थी। इसके बाद इन्हें दूसरे स्थानों पर बेचने की कोशिश की जाती थी।
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य कुछ चोरी की मोटरसाइकिलों को पूरी बाइक के रूप में बेचते थे, जबकि कुछ मोटरसाइकिलों को खोलकर उनके अलग-अलग पार्ट्स कर दिए जाते थे। इसके बाद इन पार्ट्स को कबाड़ियों को बेचने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।
इस तरीके से आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों को उनके मूल स्वरूप से अलग कर देते थे, जिससे उनके पकड़े जाने की संभावना कम हो सके। पुलिस अब गिरोह द्वारा चोरी की गई अन्य मोटरसाइकिलों और उनके संभावित खरीदारों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
छह मोटरसाइकिल समेत सामान बरामद
रामपुरा पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर छह मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें एक मोटरसाइकिल अधूरी हालत में मिली है। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल का अलग से चेचिस भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। बाइक चोरी के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों में पेचकस और हथौड़ा समेत अन्य सामान शामिल है। पुलिस को मोटरसाइकिलों के खुले हुए पार्ट्स भी मिले हैं।
इसके अतिरिक्त पुलिस ने एक मोटरसाइकिल को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान सुरदीप चंदेल उर्फ बन्टी, शहाबुद्दीन उर्फ बुब्बा उर्फ लला, खुर्शीद अहमद, नमन तिवारी, सुरजीत कुमार शुक्ला, बबलू खां, इकरार अहमद, मंगल कुशवाहा, जीशू चतुर्वेदी और शिवम मिश्रा के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी जालौन और औरैया जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों के आपसी संबंध, गिरोह के नेटवर्क और चोरी की अन्य घटनाओं में उनकी संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है।
कई आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं के मामले शामिल बताए गए हैं।
पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने के साथ ही यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने जालौन और औरैया के अलावा अन्य जिलों में भी बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था या नहीं।
पुलिस ने भेजा न्यायिक अभिरक्षा में
गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई के बाद रामपुरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद सभी 10 आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी का अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस टीम बरामद मोटरसाइकिलों के वास्तविक मालिकों की पहचान करने के साथ-साथ गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक थाना रामपुरा मय पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और चोरी के वाहनों की बरामदगी में महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस