इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे पर किसानों का अनिश्चितकालीन चक्का जाम: MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग, 5000 से अधिक किसान सड़क पर डटे

हरदा में आम किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे-47 जाम कर दिया है। आंदोलन के चलते यातायात प्रभावित हुआ है और किसानों ने मांग पूरी न होने तक चक्काजाम जारी रखने का ऐलान किया है।

इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे पर किसानों का अनिश्चितकालीन चक्का जाम: MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग, 5000 से अधिक किसान सड़क पर डटे

हरदा में किसानों ने नागपुर इंदौर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम किया, MSP पर 1 क्विंटल 20 किलो मूंग प्रति एकड़ खरीदी से हैं नाराज.

हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन मंगलवार को बड़े उग्र रूप में सामने आया। आम किसान यूनियन के आह्वान पर करीब 5,000 से अधिक किसानों ने इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर दिया। किसानों का आरोप है कि राज्य सरकार समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की पर्याप्त खरीदी नहीं कर रही, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी चुनाव में सरकार को इसका जवाब दिया जाएगा।

दोपहर की तेज धूप और गर्मी के बावजूद किसान हाईवे पर टेंट और छतरियां लगाकर धरने पर बैठे रहे। आंदोलन के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई यात्रियों को पैदल ही अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। प्रशासन मौके पर मौजूद रहा और किसानों से लगातार बातचीत करता रहा, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ सका।

15 दिनों से जारी है आंदोलन

मूंग खरीदी को लेकर किसान पिछले 15 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अलग-अलग किसान संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन, पुतला दहन और सांकेतिक चक्का जाम जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। किसानों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का निर्णय लेना पड़ा।

किसानों का आरोप है कि सरकार वर्तमान में प्रति एकड़ केवल 1 क्विंटल 20 किलोग्राम मूंग ही समर्थन मूल्य पर खरीद रही है, जबकि औसत उत्पादन इससे कई गुना अधिक होता है। किसानों की मांग है कि सरकार कम से कम प्रति एकड़ 5 क्विंटल मूंग खरीदे ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

हाईवे पर टेंट लगाकर बैठे किसान

आंदोलन में शामिल किसानों ने हाईवे पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरने की तैयारी कर ली है। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। दूसरी ओर, हाईवे पर तैनात पुलिसकर्मी भी तेज धूप से बचने के लिए पेड़ों की छांव का सहारा लेते नजर आए।

यातायात बाधित होने से इंदौर-नागपुर मार्ग पर लंबा जाम लग गया। कई यात्री घंटों तक फंसे रहे, जबकि कुछ लोगों ने पैदल चलकर आगे का सफर तय किया।

किसानों की प्रमुख मांगें

आम किसान यूनियन ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

MSP पर मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित की जाए।

प्रति एकड़ खरीदी की सीमा 1 क्विंटल 20 किलो से बढ़ाकर कम से कम 5 क्विंटल की जाए।

खाद वितरण व्यवस्था में आ रही विसंगतियों को दूर किया जाए।

फसल बीमा योजना का लाभ सभी पात्र किसानों तक पहुंचाया जाए।

MSP को कानूनी गारंटी देने वाला कानून लागू किया जाए।

किसान नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना

आम किसान यूनियन समिति के सदस्य सुनील गोल्याने ने कहा कि संगठन 2 जुलाई से लगातार आंदोलन कर रहा है। गांव-गांव में मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए गए, 10 जुलाई को सांकेतिक चक्का जाम भी किया गया, लेकिन सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि अब पूरे हरदा जिले के किसान एकजुट होकर नेशनल हाईवे पर बैठे हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं यूनियन के जिला उपाध्यक्ष गणेश पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा तय की गई खरीदी सीमा किसानों के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि किसान मेहनत से फसल उगाता है, लेकिन सरकार पूरी उपज खरीदने को तैयार नहीं है। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

प्रशासन ने शुरू की वार्ता

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम अशोक कुमार डहेरिया ने बताया कि किसानों के साथ शांतिपूर्ण वार्ता जारी है। प्रशासन पिछले तीन दिनों से लगातार किसान नेताओं के संपर्क में है और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकल आएगा।

राजनीतिक असर भी संभव

यह आंदोलन ऐसे समय हो रहा है जब मध्य प्रदेश में किसान मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस का विषय बने हुए हैं। किसानों ने साफ संकेत दिया है कि यदि सरकार ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया तो इसका असर चुनावी राजनीति पर भी दिखाई देगा। किसान नेताओं का कहना है कि वे गांव-गांव जाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ अभियान चलाएंगे।

फिलहाल जारी है आंदोलन

समाचार लिखे जाने तक इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे पर किसानों का चक्का जाम जारी था। प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत चल रही थी, लेकिन किसी अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं हुई थी। किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि सरकार की ओर से ठोस आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। हाईवे पर यातायात आंशिक रूप से प्रभावित है और प्रशासन वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकालने का प्रयास कर रहा है।