दतिया उपचुनाव में BJP ने कसी कमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह को मिली चुनावी कमान; राहुल कोठारी संभालेंगे सह-प्रभारी की जिम्मेदारी, जातीय समीकरणों पर पार्टी की नजर
दतिया विधानसभा उपचुनाव-2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधानसभा क्षेत्र के लिए चुनाव प्रभारी और सह-प्रभारी की नियुक्ति करते हुए आदेश जारी किए हैं।
कुशवाह और एससी वोट बैंक साधने की कवायद, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा को भी सौंपी अहम जिम्मेदारी; 30 जुलाई को होगा मतदान
दतिया। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने चुनाव प्रबंधन की कमान मजबूत करते हुए ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह को दतिया उपचुनाव का प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के करीबी और भाजपा प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी को सह-प्रभारी बनाया गया है।
दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है। चुनाव को देखते हुए भाजपा संगठन ने जातीय समीकरणों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियां तय की हैं। पार्टी की रणनीति हर वर्ग तक पहुंच बनाने और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की है।
नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी भाजपा प्रत्याशी
दतिया विधानसभा सीट लंबे समय तक पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का मजबूत राजनीतिक गढ़ रही है। इस बार भाजपा ने उनकी जगह पूर्व संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी को चुनाव मैदान में उतारा है।
वहीं कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जबकि आजाद समाज पार्टी की ओर से दामोदर यादव चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में दतिया का मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार नजर आ रहे हैं।
कुशवाह समाज पर भाजपा की नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सांसद भारत सिंह कुशवाह को चुनाव प्रभारी बनाए जाने के पीछे जातीय समीकरण भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। दतिया विधानसभा क्षेत्र में कुशवाह समाज के करीब 27 हजार मतदाता बताए जाते हैं।
पिछले चार विधानसभा चुनावों में इस सीट पर जीत-हार का अंतर लगभग 10 से 12 हजार वोटों के आसपास रहा है। ऐसे में भाजपा कुशवाह समाज के मतदाताओं को साधकर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
हालांकि भाजपा की ओर से प्रभारी नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है, लेकिन चुनावी रणनीति में सामाजिक समीकरणों की अहम भूमिका मानी जा रही है।
एससी वोट बैंक साधने के लिए जगदीश देवड़ा को जिम्मेदारी
भाजपा ने अनुसूचित जाति वर्ग के बड़े चेहरे और मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भी दतिया चुनाव में सक्रिय भूमिका दी है। पार्टी अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
दतिया विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग के करीब 60 हजार मतदाता हैं। इनमें अहिरवार समाज के मतदाताओं की संख्या 30 हजार से अधिक बताई जाती है। इसके अलावा जाटव, खटीक, कोरी और वाल्मीकि समाज के मतदाता भी चुनावी समीकरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग का एक बड़ा हिस्सा परंपरागत रूप से कांग्रेस के साथ जुड़ा रहा है। भाजपा अब इस वर्ग में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
वहीं आजाद समाज पार्टी की चुनावी मैदान में मौजूदगी से एससी वोटों के विभाजन की संभावना भी जताई जा रही है। इससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
भाजपा जहां सरकार की योजनाओं और संगठन की ताकत के सहारे चुनावी बढ़त बनाने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस अपने पारंपरिक जनाधार को बचाने की रणनीति पर काम कर रही है।
संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर भाजपा की तैयारी
दतिया उपचुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल माना जा रहा है। पार्टी इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए संगठन के अनुभवी नेताओं को मैदान में उतार रही है।
सांसद भारत सिंह कुशवाह और राहुल कोठारी जहां संगठनात्मक स्तर पर चुनावी प्रबंधन संभालेंगे, वहीं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाताओं के बीच पार्टी की पहुंच मजबूत करने का प्रयास करेंगे।
अब चुनाव प्रचार के दौरान सभी दल अपने-अपने सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे। 30 जुलाई को होने वाला मतदान दतिया की राजनीतिक दिशा तय करेगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस