बाराबंकी: बजरंग सेवादल की सूचना पर संदिग्ध महिला हिरासत में, पुलिस कर रही पहचान और दस्तावेजों की जांच

बाराबंकी के शुक्लन पूर्वा हथौधा क्षेत्र में एक संदिग्ध महिला के घूमने की सूचना पर बजरंग सेवादल के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। संगठन का दावा है कि पूछताछ के दौरान महिला ने खुद को बांग्लादेशी बताया, जिसके बाद उसे डायल-112 पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। फिलहाल पुलिस महिला की पहचान, दस्तावेजों और उसके भारत पहुंचने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रशासन की ओर से अभी तक महिला की राष्ट्रीयता या अवैध प्रवेश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

बाराबंकी: बजरंग सेवादल की सूचना पर संदिग्ध महिला हिरासत में, पुलिस कर रही पहचान और दस्तावेजों की जांच

बाराबंकी में संदिग्ध महिला मिलने से हड़कंप, खुद को बताया बांग्लादेशी; पुलिस जांच में जुटी

बाराबंकी। जनपद के शुक्लन पूर्वा हथौधा (नदी किनारे) क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब ग्रामीणों ने एक संदिग्ध महिला को लंबे समय तक इलाके में घूमते हुए देखा। स्थानीय लोगों के अनुसार महिला की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही थीं और वह कई बार गांव के पास स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय के आसपास भी दिखाई दी थी। सुरक्षा को लेकर चिंतित ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बजरंग सेवादल संगठन की स्थानीय इकाई को दी।

सूचना मिलते ही बजरंग सेवादल संगठन के तहसील अध्यक्ष आशुतोष शुक्ला अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे और महिला से पूछताछ शुरू की। संगठन के पदाधिकारियों ने पहले महिला की पहचान और उसके यहां आने का उद्देश्य जानने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आशुतोष शुक्ला ने इसकी जानकारी संगठन के बाराबंकी जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह को दी। जिलाध्यक्ष ने भी घटना को संवेदनशील मानते हुए अन्य पदाधिकारियों को सतर्क किया और तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया।

बजरंग सेवादल संगठन के पदाधिकारियों का दावा है कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान महिला ने स्वयं को बांग्लादेश का निवासी बताया। हालांकि, जब उससे यह पूछा गया कि वह भारत में किस प्रकार प्रवेश कर बाराबंकी तक पहुंची, तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। महिला ने यह भी कहा कि वह किसी अन्य व्यक्ति के साथ नहीं है, जबकि स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से आसपास के इलाकों में कुछ संदिग्ध लोगों की आवाजाही देखी गई है। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद बजरंग सेवादल संगठन के राष्ट्रीय महासचिव एवं संचालक रत्नेश उपाध्याय को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया। संगठन के अनुसार रत्नेश उपाध्याय ने मोबाइल फोन पर महिला से बातचीत की, जिसमें महिला ने एक बार फिर अपने बांग्लादेशी होने की बात कही। हालांकि उसने यह नहीं बताया कि वह भारत में किस रास्ते से आई और यहां तक कैसे पहुंची।

कुछ ही देर बाद डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस दल में महिला कांस्टेबल भी शामिल थीं। बजरंग सेवादल संगठन के तहसील अध्यक्ष आशुतोष शुक्ला, आलोक यादव, दीपक कौशल तथा स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में महिला को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने महिला को अपनी अभिरक्षा में लेकर उससे पूछताछ शुरू की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया।

घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई अज्ञात व्यक्ति लंबे समय तक गांव और विद्यालय के आसपास घूमता रहे तो स्वाभाविक रूप से लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि महिला की वास्तविक पहचान, उसके यहां आने का उद्देश्य और उससे जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।

बजरंग सेवादल संगठन के पदाधिकारियों ने इस घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर देश के भीतरी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है तो इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल संबंधित व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से महिला की राष्ट्रीयता अथवा उसके अवैध रूप से भारत में प्रवेश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला से पूछताछ की जा रही है और उसके दस्तावेजों, पहचान तथा अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। आवश्यक होने पर संबंधित केंद्रीय और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से भी संपर्क किया जा सकता है।

प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला वास्तव में कौन है, वह किस उद्देश्य से बाराबंकी पहुंची और उसके दावों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आवश्यक पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।