आचार्य समय सागर महाराज होंगे मध्य प्रदेश के राजकीय अतिथि, CM मोहन यादव ने किया बड़ा ऐलान; विधानसभा के विशेष सत्र में भी देंगे मार्गदर्शन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आचार्य श्री 108 समय सागर महाराज के चातुर्मास कलश स्थापना समारोह में भाग लिया। उन्होंने एक दिवसीय विधानसभा सत्र बुलाकर आचार्य श्री को आमंत्रित करने की घोषणा की।
राजधानी भोपाल में रविवार को आचार्य समय सागर महाराज ससंघ के चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए आचार्य समय सागर महाराज को मध्य प्रदेश का राजकीय अतिथि घोषित करने की घोषणा की।
भोपाल। राजधानी भोपाल में रविवार को आयोजित आचार्य समय सागर महाराज ससंघ के चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए एक बड़ा निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आचार्य समय सागर महाराज को मध्य प्रदेश का राजकीय अतिथि (State Guest) का दर्जा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आचार्य श्री को मध्य प्रदेश विधानसभा आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन के लिए विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया जाएगा, ताकि सभी जनप्रतिनिधि उनके विचारों और आध्यात्मिक संदेश से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद समारोह स्थल पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने जोरदार जयघोष कर स्वागत किया। जैन समाज ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने किया पाद प्रक्षालन, लिया आशीर्वाद
चातुर्मास महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आचार्य समय सागर महाराज का विधिवत पाद प्रक्षालन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आचार्य श्री ने मुख्यमंत्री को धार्मिक ग्रंथ और शास्त्र भेंट किए। पूरे आयोजन का माहौल आध्यात्मिक और श्रद्धामय रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का सान्निध्य समाज को सही दिशा देता है। उनके विचार व्यक्ति को सेवा, संयम, करुणा और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, संत संस्कृति और अहिंसा के संदेश से है। यही परंपरा देश को विश्व में विशिष्ट स्थान दिलाती है।
आचार्य विद्यासागर की परंपरा को आगे बढ़ा रहे समय सागर महाराज
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आचार्य विद्यासागर महाराज को याद करते हुए कहा कि उन्हें लंबे समय तक उनके सान्निध्य में रहने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि आज आचार्य समय सागर महाराज उसी आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और समाज को सेवा, त्याग और नैतिक जीवन का संदेश दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे संतों का सम्मान केवल किसी एक समाज का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश का सम्मान है। इसलिए राज्य सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश का राजकीय अतिथि घोषित करने का निर्णय लिया है।
विधानसभा आने का दिया निमंत्रण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आचार्य समय सागर महाराज से आग्रह किया कि वे मध्य प्रदेश विधानसभा पधारें और सभी विधायकों को अपने विचारों से मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि सरकार विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करेगी, ताकि प्रदेश के जनप्रतिनिधि सेवा, नैतिकता, संयम और लोककल्याण के मूल्यों को और बेहतर ढंग से समझ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब जनप्रतिनिधियों के निर्णयों में नैतिकता और समाजहित सर्वोच्च रहेगा। संतों का मार्गदर्शन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सरकार की प्राथमिकता सेवा और संस्कृति
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विकास योजनाओं के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश संतों और महापुरुषों की भूमि रही है। यहां की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
आचार्य समय सागर महाराज ने दिया अहिंसा का संदेश
अपने आशीर्वचन में आचार्य समय सागर महाराज ने कहा कि अहिंसा केवल जैन धर्म का सिद्धांत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग है। यदि व्यक्ति अपने जीवन में अहिंसा, करुणा और संयम को अपनाए, तो समाज में शांति और सद्भाव स्वतः स्थापित हो सकता है।
उन्होंने लोगों से शिक्षा, चिकित्सा, जीव-दया, पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी है।
आचार्य श्री ने कहा कि समाज तभी प्रगति करेगा, जब हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेगा और दूसरों के प्रति करुणा का भाव रखेगा।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
चातुर्मास कलश स्थापना महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन के दौरान अनेक त्यागी-व्रतियों का सम्मान और अनुमोदना की गई। पूरा परिसर धार्मिक उल्लास और भक्ति से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग, विधायक आलोक शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जैन समाज ने जताया आभार
आचार्य समय सागर महाराज को मध्य प्रदेश का राजकीय अतिथि घोषित किए जाने की घोषणा का जैन समाज ने स्वागत किया। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे संत परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के सम्मान की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उनका कहना था कि इससे प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी तथा संतों के विचार समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री की घोषणा और विधानसभा में आचार्य श्री के संभावित मार्गदर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का समापन मंगल आशीर्वाद और धर्मसभा के साथ हुआ।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस