कैलाश विजयवर्गीय बोले- उम्मीदवार भी उतारेंगे और जीतेंगे भी: दतिया उपचुनाव घोषित होते ही BJP ने ठोकी जीत की ताल

दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा अपना उम्मीदवार उतारेगी और जीत भी दर्ज करेगी। हालांकि उम्मीदवार के नाम, खासकर डॉ. नरोत्तम मिश्रा की संभावित उम्मीदवारी पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की और फैसला पार्टी नेतृत्व पर छोड़ दिया

कैलाश विजयवर्गीय बोले- उम्मीदवार भी उतारेंगे और जीतेंगे भी: दतिया उपचुनाव घोषित होते ही BJP ने ठोकी जीत की ताल

दतिया उपचुनाव की घोषणा के साथ सियासी रण शुरू: भाजपा ने जीत का भरोसा जताया, उम्मीदवार पर फैसला नेतृत्व करेगा

दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी किए जाने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव मैदान में मजबूती से उतरने का संकेत देते हुए जीत का दावा किया है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी और दतिया सीट पर जीत दर्ज करेगी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पार्टी का उम्मीदवार कौन होगा, इसका अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व और चुनाव समिति ही करेगी।

भाजपा ने दिखाई चुनावी तैयारी

उपचुनाव की घोषणा के बाद भाजपा ने संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पार्टी का संगठन पूरी तरह सक्रिय है और कार्यकर्ता चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा जनता के बीच विकास और संगठन की ताकत के दम पर चुनाव जीतेगी। उनके मुताबिक दतिया में पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी और सकारात्मक परिणाम हासिल करेगी।

नरोत्तम मिश्रा की उम्मीदवारी पर अभी फैसला नहीं

दतिया सीट को लेकर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम लगातार चर्चा में है। इस संबंध में पूछे गए सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि फिलहाल किसी नाम पर चर्चा करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा में उम्मीदवार का चयन तय प्रक्रिया के अनुसार होता है और अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा। इसलिए अभी किसी भी संभावित उम्मीदवार के बारे में अटकलें लगाना जल्दबाजी होगी।

2023 के चुनाव की यादें फिर ताजा

दतिया विधानसभा सीट पिछले विधानसभा चुनाव में काफी चर्चाओं में रही थी। वर्ष 2023 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। अब उपचुनाव के ऐलान के बाद एक बार फिर यह सीट प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है और सभी की नजर भाजपा के उम्मीदवार पर टिकी हुई है।

कांग्रेस के आरोपों का दिया जवाब

चुनाव कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी विजयवर्गीय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अक्सर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करती रही है। उनके अनुसार निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और उसका दायित्व समय पर चुनाव कराना है। किसी भी विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय तक निर्वाचित प्रतिनिधि के बिना नहीं रखा जा सकता, इसलिए आयोग ने संवैधानिक जिम्मेदारी निभाते हुए उपचुनाव की घोषणा की है।

सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी सीट

दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी। सहकारी बैंक से जुड़े लगभग 28 वर्ष पुराने धोखाधड़ी मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत के फैसले के बाद विधानसभा सचिवालय ने नियमों के अनुसार उनकी सदस्यता समाप्त कर सीट रिक्त घोषित कर दी। बाद में राजेंद्र भारती को जमानत मिल गई और उन्होंने निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जहां मामला विचाराधीन है।

दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रही हैं। भाजपा जहां 2023 में गंवाई हुई सीट वापस हासिल करना चाहती है, वहीं कांग्रेस इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने की कोशिश करेगी। इसी कारण आने वाले दिनों में दोनों दलों की चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

चुनावी मुकाबला होगा दिलचस्प

उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही दतिया में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। जल्द ही दोनों प्रमुख दल उम्मीदवारों के नाम घोषित करेंगे, जिसके बाद प्रचार अभियान भी गति पकड़ेगा। स्थानीय मुद्दों, संगठन की ताकत और उम्मीदवार की लोकप्रियता इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया उपचुनाव का परिणाम प्रदेश की राजनीति को भी महत्वपूर्ण संदेश देगा।