दतिया उपचुनाव का ऐलान: 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे; 6 जुलाई से शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग होगी। 3 अगस्त को वोट की गिनती होगी और रिजल्ट जारी किया जाएगा। कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सजा के बाद यह सीट खाली हुई थी।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम घोषित कर दिया है. 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी. कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद सीट रिक्त हुई थी.
दतिया। मध्य प्रदेश की बहुचर्चित दतिया विधानसभा सीट पर लंबे समय से चल रही अटकलों के बाद आखिरकार भारत निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की घोषणा कर दी है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट पर 30 जुलाई 2026 को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त 2026 को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू होगी और 4 अगस्त 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 भी लागू कर दी है। राजनीतिक दलों ने भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं और उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन शुरू हो गया है।
इसलिए खाली हुई थी दतिया सीट
दतिया विधानसभा सीट उस समय रिक्त हुई जब कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की थी। उनकी यह जीत पूरे प्रदेश की चर्चित सीटों में शामिल रही थी।
हालांकि, अप्रैल 2026 में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले से जुड़े मामले में राजेंद्र भारती को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। जनप्रतिनिधित्व कानून के अनुसार, किसी विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलने पर उसकी सदस्यता तत्काल समाप्त हो जाती है। इसी प्रावधान के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई और दतिया सीट रिक्त घोषित कर दी गई।
चुनाव आयोग ने जारी किया पूरा कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के तहत पूरी की जाएगी।
6 जुलाई 2026 – राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी होगी।
13 जुलाई 2026 – नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि।
14 जुलाई 2026 – नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी)।
16 जुलाई 2026 – नाम वापस लेने की अंतिम तिथि।
30 जुलाई 2026 – मतदान।
3 अगस्त 2026 – मतगणना एवं परिणाम घोषित।
4 अगस्त 2026 – पूरी चुनाव प्रक्रिया समाप्त।
आयोग ने जिला प्रशासन को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। मतदान केंद्रों की तैयारियां, सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव कर्मियों की नियुक्ति का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा।
2023 का चुनाव क्यों रहा था खास
दतिया विधानसभा सीट प्रदेश की हाई-प्रोफाइल सीटों में गिनी जाती है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने भाजपा के दिग्गज नेता और तत्कालीन पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को कड़े मुकाबले में हराया था। यह परिणाम प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक घटनाओं में शामिल रहा था, क्योंकि नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे थे।
राजेंद्र भारती की जीत को कांग्रेस के लिए बड़ी सफलता माना गया था, लेकिन करीब ढाई वर्ष बाद उनकी सदस्यता समाप्त होने से अब एक बार फिर यह सीट चुनावी रणभूमि बनने जा रही है।
क्या था को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले का मामला
राजेंद्र भारती के खिलाफ सहकारी बैंक घोटाले से जुड़ा मामला कई वर्षों से अदालत में लंबित था। इस मामले में उन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और दस्तावेजों में फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए थे।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसी मामले में सह-आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को भी तीन वर्ष की सजा सुनाई गई। अदालत ने दोनों आरोपियों को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत भी प्रदान कर दी, लेकिन सजा दो वर्ष से अधिक होने के कारण उनकी विधायी सदस्यता बच नहीं सकी।
किन धाराओं में दोषी ठहराया गया
अदालत ने अपने फैसले में राजेंद्र भारती को भारतीय दंड संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत दोषी माना। इनमें—
धारा 120बी (आपराधिक साजिश)
धारा 420 (धोखाधड़ी)
धारा 467 (जालसाजी)
धारा 468 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना)
धारा 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग)
जैसी धाराएं शामिल थीं। अदालत के फैसले के बाद निर्वाचन संबंधी कानूनी प्रावधान स्वतः लागू हो गए और उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला
राजेंद्र भारती ने अपने खिलाफ चल रहे मुकदमे को ग्वालियर स्थित एमपी/एमएलए कोर्ट से दिल्ली स्थानांतरित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था। बाद में मामले की सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई, जहां अंतिम निर्णय सुनाया गया।
राजनीतिक दलों ने बढ़ाई सक्रियता
उपचुनाव की घोषणा के साथ ही कांग्रेस और भाजपा दोनों ने चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। भाजपा इस सीट को दोबारा अपने कब्जे में लेने की कोशिश करेगी, जबकि कांग्रेस इसे बचाए रखने की चुनौती का सामना करेगी।
भाजपा की नजर इस सीट पर इसलिए भी है क्योंकि 2023 में मिली हार उसके लिए बड़ा झटका थी। वहीं कांग्रेस के सामने ऐसे उम्मीदवार के चयन की चुनौती होगी जो संगठन और जनता दोनों के बीच मजबूत पकड़ रखता हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं होगा, बल्कि इसे प्रदेश की आगामी राजनीतिक दिशा और दोनों प्रमुख दलों की संगठनात्मक ताकत के पैमाने के रूप में भी देखा जाएगा।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद जिला प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मतदान केंद्रों की समीक्षा, मतदाता सूची का अंतिम परीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाने की संभावना है। चुनाव आयोग ने अधिकारियों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।
जनता की नजरें उपचुनाव पर
दतिया उपचुनाव को लेकर मतदाताओं में भी उत्सुकता है। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की सभाएं, जनसंपर्क अभियान और प्रचार तेज होने की संभावना है। उम्मीदवारों की घोषणा के बाद चुनावी मुकाबला और रोचक हो जाएगा।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस अपनी सीट बचाने में सफल होती है या भाजपा इस हाई-प्रोफाइल सीट पर वापसी कर राजनीतिक बढ़त हासिल करती है। 30 जुलाई को होने वाला मतदान और 3 अगस्त को आने वाला परिणाम प्रदेश की राजनीति में नया संदेश देने वाला साबित हो सकता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस