हाई-सिक्योरिटी चार इमली में दिनदहाड़े चोरी, BJP विधायक अजय विश्नोई के बंगले के टूटे ताले; सामने था स्पेशल DG का घर
भोपाल के हाई-सिक्योरिटी चार इमली इलाके में भाजपा विधायक अजय विश्नोई के सरकारी आवास में दिनदहाड़े चोरी हुई। सामने स्पेशल डीजी का बंगला होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।
वीवीआईपी इलाके में दिनदहाड़े चोरी से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
विधायक के सूने बंगले के कई दरवाजों के ताले और कुंदे तोड़े
नल की टोटियां समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए बदमाश
सामने स्पेशल डीजी का बंगला, फिर भी चोरों को नहीं था कोई डर
भोपाल। राजधानी भोपाल के हाई-सिक्योरिटी और वीवीआईपी माने जाने वाले चार इमली इलाके में दिनदहाड़े चोरी की वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवासों से घिरे इस इलाके में चोरों ने पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक अजय विश्नोई के सूने सरकारी बंगले को निशाना बनाया। बदमाश बंगले के ताले तोड़कर अंदर दाखिल हुए और नल की टोटियों समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए। खास बात यह है कि विधायक के बंगले के ठीक सामने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और स्पेशल डीजी अजय शर्मा का सरकारी आवास है। इसके बावजूद बदमाश बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
घटना रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। जिस समय चोरों ने बंगले को निशाना बनाया, उस समय आसपास के लोगों को भी वारदात की भनक तक नहीं लगी। हाई-सिक्योरिटी जोन में दिन के समय हुई चोरी ने पुलिस की निगरानी, गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विधायक के सूने बंगले को बनाया निशाना
जबलपुर जिले की पाटन विधानसभा सीट से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय विश्नोई को भोपाल के चार इमली क्षेत्र में डी-11/03 सरकारी बंगला आवंटित है। विधायक का भोपाल में नियमित रूप से रहना नहीं होता। बताया गया है कि वह महीने में केवल तीन-चार दिन ही भोपाल आते हैं। बाकी समय सरकारी बंगला खाली रहता है।
रविवार को जब अजय विश्नोई अपने बंगले पर पहुंचे तो उन्हें वहां के ताले टूटे हुए मिले। अंदर जाकर देखने पर चोरी की वारदात का पता चला। चोरों ने बंगले के कई हिस्सों में लगे ताले तोड़ने की कोशिश की। जिन दरवाजों के ताले बदमाश नहीं तोड़ पाए, उनके कुंदे तक उखाड़ दिए गए।
घटना के बाद विधायक ने इसकी जानकारी विधानसभा को दी। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और हबीबगंज थाने में चोरी का मामला दर्ज कराया गया।
ताले नहीं खुले तो कुंदे उखाड़ दिए
चोरी की वारदात में बदमाशों ने जिस तरह से बंगले के दरवाजों को नुकसान पहुंचाया, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे। कुछ दरवाजों के ताले तोड़ दिए गए, जबकि जिन दरवाजों के ताले नहीं खुल सके, उनके कुंदे ही उखाड़ दिए गए।
बंगले की तलाशी लेने के बाद चोर वहां से नल की टोटियां और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। फिलहाल चोरी गए सामान की पूरी सूची तैयार की जा रही है। पुलिस मामले की जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बदमाशों ने बंगले में कितनी देर तक रहकर चोरी की और वारदात को अंजाम देने के बाद किस रास्ते से फरार हुए।
सामने स्पेशल डीजी का बंगला, फिर भी बेखौफ वारदात
इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस सरकारी बंगले में चोरी हुई, उसके ठीक सामने स्पेशल डीजी अजय शर्मा का बंगला है। चार इमली राजधानी का ऐसा इलाका है जहां बड़ी संख्या में मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य वीआईपी रहते हैं। ऐसे क्षेत्र में सुरक्षा और पुलिस गश्त सामान्य इलाकों की तुलना में अधिक कड़ी मानी जाती है।
इसके बावजूद रविवार दोपहर चोरों ने बिना किसी डर के सरकारी बंगले के ताले तोड़े और सामान लेकर निकल गए। घटना के दौरान किसी सुरक्षाकर्मी या आसपास तैनात पुलिसकर्मी को इसकी जानकारी नहीं हुई। यही वजह है कि अब पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
तीन-चार दिन पहले भी हुई थी चोरी
चार इमली इलाके में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। जानकारी के मुताबिक, तीन-चार दिन पहले भी इसी क्षेत्र में एक अधिकारी के सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया था। लगातार कम अंतराल में चोरी की घटनाएं सामने आने से इलाके में रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है।
एक के बाद एक घटनाओं के बावजूद यदि चोर दिनदहाड़े वारदात करने में सफल हो रहे हैं, तो पुलिस की गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। पुलिस के सामने अब न केवल अजय विश्नोई के बंगले में हुई चोरी का खुलासा करने की चुनौती है, बल्कि आसपास हुई अन्य वारदातों के बीच किसी संभावित कनेक्शन की भी जांच करनी होगी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामला हाई-सिक्योरिटी इलाके से जुड़ा होने के कारण पुलिस जांच में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना के समय इलाके में कौन-कौन लोग घूम रहे थे। इसके अलावा आसपास के रास्तों और प्रमुख प्रवेश एवं निकास मार्गों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांची जा सकती है।
जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि चोर पैदल आए थे या किसी वाहन से। यदि वाहन का इस्तेमाल किया गया है तो सीसीटीवी फुटेज के जरिए उसका नंबर और मॉडल पता लगाने की कोशिश की जा सकती है।
सूने सरकारी आवास बन रहे निशाना
इस घटना ने सरकारी आवासों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन बंगलों में मंत्री, विधायक या अधिकारी नियमित रूप से नहीं रहते, वे लंबे समय तक खाली रहते हैं। ऐसे मकानों की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की जरूरत होती है।
अजय विश्नोई के मामले में भी बंगला महीने के अधिकांश दिनों में खाली रहता है। चोरों को यदि पहले से यह जानकारी थी कि बंगले में कोई नियमित रूप से नहीं रहता, तो पुलिस के सामने यह पता लगाना अहम होगा कि यह जानकारी उन्हें कैसे मिली।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी परीक्षा
चार इमली में हुई चोरी ने राजधानी की वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर बहस छेड़ दी है। जब पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सरकारी आवासों वाले इलाके में ही चोर दिन के समय वारदात कर सकते हैं, तो सामान्य इलाकों में सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता समझी जा सकती है।
फिलहाल हबीबगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की कोशिश आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की होगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इलाके में पहले हुई चोरी की घटनाओं और इस वारदात के पीछे एक ही गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में भी यदि दिनदहाड़े चोरी हो सकती है, तो आम नागरिक अपने घर और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर कितने आश्वस्त रह सकते हैं। अब निगाह पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस