ग्वालियर में ‘गढ़ी के राजा’ ने घर में खुद को मारी गोली, बीमारी से थे परेशान; पुलिस जांच में जुटी
परिजनों के अनुसार राजा हनुमत सिंह लंब समय से बीमारी की वजह से खुद को असहाय महसूस करने लगे थे, जिसकी वजह से डिप्रेशन में चले गए थे. माना जा रहा है कि इसी हताशा में उन्होंने इतनी बड़ी खौफनाक वारदात कर अपनी जान दी. पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे खुदकुशी का मामला मानकर जांच कर रही है. सीएसपी का कहना है कि परिजन के बयान लिए गए हैं. एफएसएल की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ग्वालियर की एक पुरानी रियासत से ताल्लुक रखने वाले 68 साले के हनुमत सिंह कुशवाहा की मौत से सनसनी फैल गई. डबरा देहात की देवगढ़-गिजौर्रा गढ़ी रियासत के वंशज और स्थानीय लोगों के बीच 'गढ़ी के राजा' के नाम से पहचाने जाने वाले हनुमत सिंह ने शुक्रवार सुबह अपने घर में खुद को गोली मार ली. परिजनों का कहना है कि वह करीब दो महीने से बीमार थे और पिछले एक महीने से चल-फिर भी नहीं पा रहे थे. पुलिस ने मामले को आत्महत्या मानकर जांच शुरू कर
ग्वालियर। शहर में शुक्रवार तड़के एक सनसनीखेज घटना सामने आई। एकता कॉलोनी में रहने वाले 68 वर्षीय हनुमत सिंह की गोली लगने से मौत हो गई। शुरुआती पुलिस जांच में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है। हनुमत सिंह को स्थानीय लोग ‘गढ़ी के राजा’ के नाम से जानते थे। पुलिस के अनुसार उन्होंने अपने घर में लाइसेंसी हथियार से कथित तौर पर खुद को गोली मार ली।
घटना शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे की बताई जा रही है। गोली चलने की आवाज से घर में सो रहे परिजनों की नींद खुल गई। जब तक परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, हनुमत सिंह की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। इसके बाद माधौगंज थाना पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल की बारीकी से जांच की।
तड़के गोली की आवाज से खुली परिवार की नींद
पुलिस के मुताबिक, हनुमत सिंह एकता कॉलोनी स्थित अपने घर में थे। शुक्रवार तड़के अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर उनकी पत्नी की नींद खुली और उन्होंने घर के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी। परिवार के लोग जब मौके पर पहुंचे तो हनुमत सिंह गंभीर हालत में मिले। बाद में उनकी मौत की पुष्टि हुई।
सूचना मिलने पर माधौगंज थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए और लाइसेंसी हथियार को अपने कब्जे में लिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम और एफएसएल रिपोर्ट के बाद मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
दो महीने से चल रहे थे बीमार
परिजनों के अनुसार, हनुमत सिंह पिछले करीब दो महीने से बीमारी से परेशान थे। उनकी हालत पिछले एक महीने में ज्यादा खराब हो गई थी। बताया गया कि वह खुद चलने-फिरने में भी सक्षम नहीं थे और अधिकतर समय बिस्तर पर ही रहते थे।
परिवार का कहना है कि बीमारी के कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ रहा था। उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर वह काफी परेशान रहते थे। परिजनों ने पुलिस को यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से हनुमत सिंह ऐसी बातें कर रहे थे, जिनसे उनके मानसिक रूप से परेशान होने का अंदाजा लगाया जा रहा था। परिवार के मुताबिक वह कहते थे कि अब वह जीना नहीं चाहते।
हालांकि पुलिस ने अभी उनकी मौत के पीछे की वजह को अंतिम रूप से स्पष्ट नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
‘गढ़ी के राजा’ के नाम से थी पहचान
हनुमत सिंह की पहचान सिर्फ ग्वालियर शहर तक सीमित नहीं थी। उनका संबंध डबरा देहात के देवगढ़-गिजौर्रा क्षेत्र की गढ़ी रियासत से बताया जाता है। वह मूल रूप से गिजौर्रा थाना क्षेत्र के देवगढ़ गांव स्थित गढ़ी परिवार से ताल्लुक रखते थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उनके पूर्वज इस गढ़ी रियासत के राजा रहे थे। इसी वजह से इलाके में हनुमत सिंह को सम्मान के साथ ‘गढ़ी के राजा’ कहकर बुलाया जाता था। गढ़ी क्षेत्र में उनके परिवार की जमीनें भी मौजूद बताई जाती हैं।
करीब 20 साल पहले हनुमत सिंह ग्वालियर आकर एकता कॉलोनी में रहने लगे थे। उनके परिवार में दो बेटे हैं। बड़ा बेटा मुंबई में रहता है, जबकि छोटा बेटा ग्वालियर में ही उनके साथ रहता था।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है। एफएसएल टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने लाइसेंसी हथियार भी बरामद कर लिया है। परिवार के सदस्यों और घटना से जुड़े लोगों के बयान लिए जा रहे हैं।
ग्वालियर की सीएसपी किरण अहिरवार के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों का इंतजार कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले हनुमत सिंह की मानसिक और शारीरिक स्थिति कैसी थी तथा उनके द्वारा उठाए गए इस कदम के पीछे बीमारी के अलावा कोई अन्य कारण तो नहीं था।
पोस्टमॉर्टम और एफएसएल रिपोर्ट से खुलेगा राज
पुलिस के सामने फिलहाल कई सवाल हैं। लाइसेंसी हथियार उनके पास कैसे था, गोली किस परिस्थिति में चली और घटना से पहले उनके व्यवहार में क्या बदलाव आया था—इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
परिजनों द्वारा बीमारी और लगातार बिगड़ती शारीरिक स्थिति को लेकर बताई गई जानकारी को भी पुलिस जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल की जांच से घटना की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।
फिलहाल हनुमत सिंह की मौत से परिवार में मातम का माहौल है। स्थानीय लोग भी घटना से स्तब्ध हैं। करीब दो दशक से ग्वालियर में रह रहे हनुमत सिंह की पहचान उनके पुश्तैनी संबंधों के कारण क्षेत्र में अलग रही थी। पुलिस अब उनकी मौत की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस