ट्रांसफर नहीं होने से तनाव में हेड कॉन्स्टेबल ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखा- ‘मेरी तकलीफ नहीं सुनी गई’
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में स्पेशल ब्रांच के प्रधान आरक्षक ने फांसी लगा ली। हेड कॉन्स्टेबल की लाश के पास सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा- ट्रांसफर नहीं होने से डिप्रेशन में था। अपनी तकलीफ भोपाल के अफसरों को कई बार बताई, लेकिन किसी ने मेरी पीड़ा नहीं सुनी।
सिंगरौली में पुलिस की स्पेशल ब्रांच में पदस्थ प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, पुलिस विभाग पर लगाया आरोप
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में पुलिस विभाग में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की आत्महत्या का मामला सामने आया है। स्पेशल ब्रांच में चालक प्रधान आरक्षक के पद पर तैनात राकेश गांगले ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के चलते फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना 9 और 10 अगस्त की दरम्यानी रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें मृतक ने अपने स्थानांतरण को लेकर लंबे समय से चली आ रही परेशानी और मानसिक तनाव का उल्लेख किया है। नोट में उन्होंने बताया कि उनका परिवार तैनाती स्थल से करीब एक हजार किलोमीटर दूर खरगोन जिले में रहता था। परिवार से इतनी अधिक दूरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वह लगातार परेशान थे।
सुसाइड नोट में ट्रांसफर आवेदन का जिक्र
सुसाइड नोट में राकेश गांगले ने लिखा कि वह मूल रूप से खरगोन जिले के रहने वाले थे और परिवार से दूर सिंगरौली में पदस्थ थे। उन्होंने पिता की खराब तबीयत और बेटियों के विवाह जैसी पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए गृह जिले या उसके आसपास स्थानांतरण किए जाने की मांग की थी।
बताया गया है कि उन्होंने इस संबंध में भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष कई बार आवेदन भी दिए थे। उनका कहना था कि वह लंबे समय से स्थानांतरण की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उनकी समस्या पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
सुसाइड नोट में कथित तौर पर यह भी लिखा है कि उनकी तकलीफ को नहीं सुना गया। परिवार से दूर रहने और निजी जिम्मेदारियों के बीच स्थानांतरण नहीं होने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान थे।
‘सिंगरौली का पुलिस स्टाफ बेकसूर’
राकेश गांगले ने अपने सुसाइड नोट में सिंगरौली के पुलिस स्टाफ को बेकसूर बताया है। इससे यह संकेत मिलता है कि उन्होंने अपनी परेशानी के लिए स्थानीय पुलिसकर्मियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया।
उन्होंने मुख्यमंत्री और मीडिया से पुलिस कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील भी की। उनके नोट में पुलिसकर्मियों की नौकरी से जुड़ी परेशानियों, परिवार से दूरी और स्थानांतरण जैसी समस्याओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी चर्चा शुरू हो गई है कि लंबे समय तक परिवार से दूर पदस्थ रहने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों को किस तरह ध्यान में रखा जाए।
परिवार से करीब एक हजार किलोमीटर दूर थी पोस्टिंग
जानकारी के अनुसार राकेश गांगले का मूल निवास खरगोन जिले में था, जबकि उनकी पोस्टिंग सिंगरौली में थी। दोनों जिलों के बीच काफी लंबी दूरी है। ऐसे में परिवार से नियमित रूप से मिल पाना उनके लिए आसान नहीं था।
सुसाइड नोट में उन्होंने अपने पिता की खराब तबीयत का जिक्र किया। इसके साथ ही बेटियों के विवाह की जिम्मेदारी का भी उल्लेख किया गया। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह अपने गृह जिले के नजदीक पोस्टिंग चाहते थे।
उन्होंने अधिकारियों को दिए गए आवेदनों का भी उल्लेख किया। हालांकि, स्थानांतरण क्यों नहीं हो पाया और उनके आवेदन पर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई थी, इसकी पूरी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रात में हुई घटना, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना 9-10 अगस्त की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। करीब 2 से 3 बजे के बीच यह घटना हुई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की।
सोमवार को नायब तहसीलदार की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतक के परिजनों के खरगोन से पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट को जांच में शामिल किया है। नोट में लिखी बातों और परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी कर रही जांच
सीएसपी विंध्यनगर ललित बैरागी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। मृतक स्पेशल ब्रांच में चालक प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे और मूल रूप से खरगोन जिले के रहने वाले थे। उनके पास से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें स्थानांतरण से जुड़ी परेशानी का उल्लेख किया गया है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार मामले में अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
क्या ट्रांसफर की समस्या पुलिसकर्मियों पर बढ़ा रही दबाव?
राकेश गांगले की मौत के बाद पुलिस कर्मचारियों की पोस्टिंग और स्थानांतरण से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस विभाग में कर्मचारियों को कई बार अपने गृह जिले से काफी दूर पदस्थ रहना पड़ता है। लंबी दूरी के कारण परिवार की बीमारी, बच्चों की शिक्षा, विवाह और अन्य घरेलू जिम्मेदारियों को संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति के आत्महत्या जैसे कदम के पीछे केवल एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इस मामले में भी पुलिस अन्य संभावित परिस्थितियों की जांच कर रही है।
‘तबादले नहीं होने से तलाक भी हो रहे’—सुसाइड नोट के दावे ने बढ़ाई चर्चा
राकेश गांगले के सुसाइड नोट में पुलिस कर्मचारियों की पारिवारिक परेशानियों का भी जिक्र किए जाने की बात सामने आई है। नोट में कथित तौर पर यह चिंता जताई गई है कि लंबे समय तक परिवार से दूर रहने और स्थानांतरण नहीं होने जैसी परिस्थितियों का असर पुलिसकर्मियों के पारिवारिक जीवन पर पड़ता है। इसी संदर्भ में तलाक जैसी परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि, यह सुसाइड नोट में दर्ज व्यक्तिगत आरोप और दावे हैं। इनके आधार पर पूरे पुलिस विभाग के बारे में कोई सामान्य निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।
परिवार के पहुंचने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया है। परिवार के सदस्यों के खरगोन से सिंगरौली पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
पुलिस घटनास्थल, सुसाइड नोट और मृतक की परिस्थितियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि राकेश गांगले ने स्थानांतरण के लिए कब-कब आवेदन किए थे और उन आवेदनों पर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई।
राकेश गांगले की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि दूरदराज क्षेत्रों में लंबे समय तक तैनात पुलिसकर्मियों की पारिवारिक परिस्थितियों और मानसिक दबाव को लेकर विभागीय स्तर पर किस तरह की सहायता और संवेदनशील व्यवस्था होनी चाहिए। हालांकि, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस