दतिया स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर लैपटॉप मिलने से मचा हड़कंप, कांग्रेस ने जताई EVM हैकिंग की आशंका; प्रशासन ने कहा- सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित

दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से पहले स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने अधिकृत प्रतिनिधियों की 24 घंटे ड्यूटी लगा दी है।

दतिया स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर लैपटॉप मिलने से मचा हड़कंप, कांग्रेस ने जताई EVM हैकिंग की आशंका; प्रशासन ने कहा- सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित

दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना 3 अगस्त को शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में होगी. EVM-VVPAT कड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में हैं. इसी बीच शनिवार को लैपटॉप को लेकर हंगामा हुआ.

दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के मतदान के बाद ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) को सुरक्षित रखे गए स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर शनिवार को उस समय हलचल मच गई, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो व्यक्तियों को लैपटॉप के साथ परिसर के समीप संदिग्ध स्थिति में देखा। कांग्रेस ने इस घटना पर गंभीर आपत्ति जताते हुए ईवीएम की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल उठाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि जिला प्रशासन ने किसी भी प्रकार की ईवीएम से छेड़छाड़ या हैकिंग की पुष्टि से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है और ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं।

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार, 30 जुलाई को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ था। मतदान समाप्त होने के बाद सभी 291 मतदान केंद्रों से ईवीएम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम में जमा कराया गया। यहां 21 प्रत्याशियों का चुनावी भाग्य ईवीएम में सुरक्षित रखा गया है। मतगणना 3 अगस्त को होगी, जिसके बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।

मतदान के बाद से ही कांग्रेस ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतते हुए स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर अपने कार्यकर्ताओं की 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की है। पार्टी ने तीन अलग-अलग शिफ्टों में कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई है ताकि मतगणना तक किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में मतदाताओं के जनादेश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसीलिए पार्टी पूरी सतर्कता के साथ निगरानी कर रही है।

शनिवार को निगरानी के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो व्यक्तियों को लैपटॉप के साथ देखा। कांग्रेस का आरोप है कि धर्मेंद्र धाकड़ नामक व्यक्ति लैपटॉप संचालित कर रहा था, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरे युवक, जिसे दिल्ली की एक आईटी कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है, के बैग में भी एक लैपटॉप मिला। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तत्काल आपत्ति जताई और इसकी सूचना पार्टी प्रत्याशी तथा वरिष्ठ नेताओं को दी।

सूचना मिलते ही कांग्रेस प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ स्ट्रॉन्ग रूम स्थल पर पहुंचे और जिला प्रशासन के अधिकारियों से पूरे मामले में जवाब मांगा। कांग्रेस ने आशंका जताई कि स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक गतिविधि संदेह पैदा करती है। पार्टी ने मांग की कि दोनों व्यक्तियों की पहचान, उनकी मौजूदगी का उद्देश्य और उनके पास मौजूद लैपटॉप की जांच कराई जाए ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम या विवाद की स्थिति समाप्त हो सके।

घटना की जानकारी मिलने पर डिप्टी कलेक्टर संतोष तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल दोनों व्यक्तियों के लैपटॉप को मतगणना परिसर से हटवाने के निर्देश दिए। प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्थिति सामान्य हो गई और वहां मौजूद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी राहत की सांस ली।

हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस पूरे घटनाक्रम में ईवीएम से छेड़छाड़ या हैकिंग का कोई प्रमाण नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है कि निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था के तहत की गई है। परिसर में पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर लाइव सीसीटीवी डिस्प्ले भी लगाया गया है, जिससे अधिकृत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और प्रत्याशी सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रख सकते हैं।

प्रशासन का कहना है कि स्ट्रॉन्ग रूम में प्रवेश पूरी तरह नियंत्रित है और बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति अंदर नहीं जा सकता। सुरक्षा व्यवस्था निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप है तथा ईवीएम सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील भी की है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होना आवश्यक है। उनका कहना है कि यदि स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो उसका परीक्षण होना चाहिए। पार्टी ने कहा कि वह मतगणना तक अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से लगातार निगरानी जारी रखेगी।

दतिया विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 20 हजार 410 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें से 71.44 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान प्रतिशत को देखते हुए राजनीतिक दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। इसी दिन ईवीएम में कैद जनादेश सामने आएगा और 21 प्रत्याशियों में से विजेता का फैसला होगा।

फिलहाल स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर लैपटॉप मिलने की घटना ने राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर तेज कर दी है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तक ईवीएम की सुरक्षा में किसी प्रकार की सेंध या हैकिंग की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति आधिकारिक जांच और निर्वाचन आयोग की निगरानी के आधार पर ही स्पष्ट होगी।