देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 20 IAS अफसरों के तबादले, 6 जिलों में नए कलेक्टर; मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर ऊर्जा, उद्योग और जल संसाधन विभाग तक बदलाव
मध्य प्रदेश के नए मुख्य सचिव अशोक बरनवाल ने पदभार संभालते ही राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है, जिसमें 20 IAS अधिकारियों का तबादला हुआ है।
मध्य प्रदेश में नए मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल के कार्यभार संभालने के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. सरकार ने देर रात 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर नई जिम्मेदारियों का आदेश जारी किया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) नीरज मंडलोई को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2027 की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 20 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। प्रदेश के नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की नियुक्ति के महज 24 घंटे बाद हुई इस व्यापक प्रशासनिक सर्जरी को सरकार के आगामी विकास एजेंडे, निवेश, सुशासन और प्रशासनिक दक्षता से जोड़कर देखा जा रहा है। इस फेरबदल में छह जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री सचिवालय, उद्योग, ऊर्जा, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और प्रशासन अकादमी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजौरा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक (DG) नियुक्त किया गया है। वहीं इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी. खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव बनाया गया है। उनकी जगह भास्कर लक्षकार इंदौर संभाग के नए आयुक्त होंगे।
GIS-2027 और उद्योग विभाग की जिम्मेदारी नीरज मंडलोई को
सरकार ने मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई को जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 की तैयारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही उन्हें उद्योग एवं एमएसएमई विभाग का दायित्व भी दिया गया है। यह विभाग अब तक प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह के पास था।
सरकार का मानना है कि आगामी निवेश सम्मेलन को सफल बनाने के लिए उद्योग विभाग और निवेश प्रोत्साहन से जुड़े कार्यों का एकीकृत नेतृत्व आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।
छह जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति
प्रशासनिक फेरबदल के तहत प्रदेश के छह जिलों में नए कलेक्टर नियुक्त किए गए हैं।
अजय कटेसरिया – रतलाम
मिशा सिंह – शहडोल
रत्नाकर झा – अनूपपुर
गुरु प्रसाद – खरगोन
दिव्यांक सिंह – मंदसौर
डॉ. शेर सिंह मीना – आगर मालवा
वहीं शहडोल के कलेक्टर केदार सिंह को अपर सचिव, लोक निर्माण विभाग भेजा गया है।
मंदसौर की कलेक्टर अदिति गर्ग को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में ओएसडी सह आयुक्त बनाया गया है, जबकि आगर मालवा की कलेक्टर प्रीति यादव को औद्योगिक विकास निगम, इंदौर का कार्यकारी संचालक नियुक्त किया गया है।
खरगोन की कलेक्टर भव्या मित्तल दो वर्ष की स्टडी लीव पर चली गई हैं। उनके स्थान पर गुरु प्रसाद को जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अजय कटेसरिया को पहली बार मिली जिले की कमान
सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव रहे अजय कटेसरिया को पहली बार किसी जिले का कलेक्टर बनाया गया है। उन्हें रतलाम जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कटेसरिया ने लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पदोन्नति नियम-2025 तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रारूप तैयार करने में भी उनका उल्लेखनीय योगदान माना जाता है। सरकार ने उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए उन्हें पहली बार जिले की कमान सौंपी है।
जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग में बदलाव
डॉ. राजेश राजौरा के प्रशासन अकादमी जाने के बाद जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारी संदीप यादव को सौंपी गई है। अब उनके पास केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का दायित्व भी रहेगा।
वहीं ई. रमेश कुमार को नर्मदा घाटी विकास (NVD) विभाग का प्रभार दिया गया है। वे राजस्व विभाग के साथ-साथ इस विभाग का भी संचालन करेंगे।
इसके अलावा ई. रमेश कुमार को कृषि उपज मंडी का प्रबंध संचालक (एमडी) भी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में भी हुआ बदलाव
सरकार ने कुमार पुरुषोत्तम को मंडी बोर्ड की जिम्मेदारी के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में डॉ. सुदाम पी. खाड़े की नियुक्ति को सरकार के प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ऊर्जा विभाग मनीष सिंह को, PHE सचिन सिन्हा को
राज्य सरकार ने ऊर्जा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में भी बदलाव किए हैं।
प्रशासन अकादमी के महानिदेशक पद से हटाकर सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है।
वहीं नीरज मंडलोई से ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार वापस लेकर यह जिम्मेदारी प्रमुख सचिव मनीष सिंह को सौंपी गई है। वे तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के साथ ऊर्जा विभाग का भी अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।
राघवेंद्र सिंह अब वन विभाग संभालेंगे
उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी नीरज मंडलोई को मिलने के बाद राघवेंद्र सिंह को वन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें आनंद विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
सरकार का यह कदम विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से माना जा रहा है।
महिला कलेक्टरों की संख्या घटी
इस प्रशासनिक फेरबदल का असर महिला अधिकारियों की संख्या पर भी पड़ा है। प्रदेश के 55 जिलों में कुछ समय पहले तक 17 महिला कलेक्टर कार्यरत थीं। अब यह संख्या घटकर 15 रह गई है।
खरगोन की कलेक्टर भव्या मित्तल स्टडी लीव पर चली गई हैं, जबकि मंदसौर की अदिति गर्ग और आगर मालवा की प्रीति यादव को जिला कलेक्टर पद से हटाकर भोपाल में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
हालांकि शहडोल में मिशा सिंह की नियुक्ति से एक महिला अधिकारी को जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी मिली है, लेकिन कुल संख्या पहले की तुलना में कम हो गई है।
प्रशासनिक बदलावों के पीछे सरकार की रणनीति
राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यह फेरबदल केवल नियमित तबादला नहीं है, बल्कि सरकार की आगामी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, बड़ी सिंचाई परियोजनाओं की गति, उद्योगों में निवेश, ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अनुभवी अधिकारियों को रणनीतिक जिम्मेदारियां दी गई हैं।
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर जिलों तक ऐसे अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिनका प्रशासनिक अनुभव और कार्य निष्पादन उल्लेखनीय रहा है। आने वाले महीनों में इन नियुक्तियों का असर विकास परियोजनाओं, निवेश, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनसेवा पर देखने को मिल सकता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस