बबीना आश्रम और कस्तूरबा विद्यालय में होंगे बड़े विकास कार्य, विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं; पेयजल, सोलर प्लांट, जनरेटर और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर
उरई में बबीना राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कई विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। पेयजल, बिजली, सोलर प्लांट, बहुद्देशीय हाल, इंटरलॉकिंग, स्ट्रीट लाइट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
आश्रम और कस्तूरबा विद्यालयों में होंगे बड़े विकास कार्य, विद्यार्थियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
बबीना आश्रम व कस्तूरबा विद्यालय में बदलेगा माहौल, पेयजल से लेकर सोलर प्लांट तक होंगे काम
आवासीय विद्यालयों की बदलेगी तस्वीर, बबीना और कस्तूरबा विद्यालय में होंगे कई विकास कार्य
उरई। जनपद के आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा के साथ आधुनिक और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बबीना और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में विभिन्न विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। इन कार्यों से विद्यालयों में पेयजल, बिजली, ऊर्जा, प्रकाश, आवागमन, जल संरक्षण और शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ी सुविधाएं मजबूत होंगी।
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बबीना में विद्यालय भवन की छतों की मरम्मत के साथ 5000 लीटर क्षमता की दो नई पानी की टंकियां स्थापित की जाएंगी। विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए थ्री-फेज जनरेटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अन्य सामूहिक गतिविधियों के लिए बहुद्देशीय हाल का निर्माण कराया जाएगा।
विद्यालय परिसर में जल एवं स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सीवर टैंक का नवीनीकरण तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। वहीं पर्यावरण संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 5 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। विद्यालय की विद्युत आपूर्ति को और बेहतर बनाने के लिए वर्तमान गर्रही फीडर के स्थान पर कदौरा फीडर से जोड़ने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे तथा खनन अधिकारी को संबंधित कार्यों के आवश्यक प्राकलन तैयार कर स्वीकृतिनार्थ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जाएंगे। विद्यालय भवन तक पहुंचने वाले मार्ग को पक्का कराया जाएगा, जिससे छात्राओं का आवागमन वर्षभर सुगम हो सके। परिसर में आवश्यकता के अनुसार स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।
उच्चीकृत भवन के बीच स्थित खुले कच्चे परिसर में इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाएगा, जिससे परिसर का बेहतर उपयोग हो सके। साथ ही वर्षाजल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।
जिला प्रशासन की इस पहल से दोनों आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ जरूरी आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी। विकास कार्यों से विद्यालय परिसरों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस