प्रधानमंत्री-सीएम के पोस्टर पर आपत्तिजनक स्टिकर, नीमच में सियासी बवाल; भाजपा ने दर्ज कराया केस-कंट्रोल रूम से 50 मीटर और कैंट थाने से महज 20 मीटर दूर सरकारी होर्डिंग से छेड़छाड़, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया
मध्य प्रदेश के नीमच पुलिस कंट्रोल रूम से 50 मीटर और कैंट थाने से 20 मीटर दूर पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम मोहन यादव के पोस्टर से छेड़छाड़.
कंट्रोल रूम के पास सरकारी होर्डिंग से छेड़छाड़, पीएम-सीएम की तस्वीरों पर चिपकाए आपत्तिजनक स्टिकर
नीमच में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, पुलिस की नाक के नीचे सरकारी बैनर को बनाया निशाना
अस्पताल रोड पर जुटी भीड़, राहगीरों में चर्चा; पुलिस ने मौके से हटवाए आपत्तिजनक पैंपलेट
नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीरों वाले सरकारी होर्डिंग से छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई। जिला अस्पताल के मुख्य गेट के पास लगे सरकारी बैनर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरों के चेहरे पर आपत्तिजनक और विवादित पैंपलेट चिपकाए जाने की घटना से भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। मामले में भाजपा की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद नीमच कैंट थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की सबसे गंभीर बात यह है कि जिस स्थान पर सरकारी होर्डिंग लगाया गया था, वह शहर के संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में शामिल है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पुलिस कंट्रोल रूम से करीब 50 मीटर और नीमच कैंट थाने से लगभग 20 मीटर की दूरी पर है। ऐसे में सरकारी होर्डिंग के साथ छेड़छाड़ की घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकारी योजनाओं के होर्डिंग को बनाया निशाना
जानकारी के मुताबिक अस्पताल रोड पर जिला अस्पताल के मुख्य गेट के समीप केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से संबंधित एक सरकारी होर्डिंग लगाया गया था। इस होर्डिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीरें भी लगी थीं।
आरोप है कि अज्ञात लोगों ने रात के समय या तड़के होर्डिंग के पास पहुंचकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरों के चेहरों पर आपत्तिजनक स्टिकर और पैंपलेट चिपका दिए। इन पैंपलेटों पर कथित तौर पर अभद्र और विवादित बातें लिखी गई थीं।
सुबह अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों, उनके परिजनों और राहगीरों की नजर जब होर्डिंग पर पड़ी तो घटना की जानकारी तेजी से आसपास फैल गई। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी। राहगीर रुककर होर्डिंग को देखने लगे और घटना चर्चा का विषय बन गई।
सुरक्षित इलाके में वारदात से पुलिस पर सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पुलिस कंट्रोल रूम और कैंट थाना जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के इतने करीब यह सब कैसे हुआ। घटनास्थल से पुलिस कंट्रोल रूम की दूरी करीब 50 मीटर और कैंट थाने की दूरी महज 20 मीटर बताई जा रही है।
यह क्षेत्र दिनभर व्यस्त रहता है। जिला अस्पताल होने के कारण यहां मरीजों और उनके परिजनों के साथ बड़ी संख्या में आम लोगों की आवाजाही रहती है। इसके अलावा पुलिस की लगातार गतिविधियां भी इस क्षेत्र में बनी रहती हैं।
ऐसे में असामाजिक तत्वों द्वारा सरकारी होर्डिंग तक पहुंचकर उस पर पैंपलेट चिपकाना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इतनी महत्वपूर्ण जगह पर लगे सरकारी बैनर को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है तो शहर की अन्य संवेदनशील जगहों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
होर्डिंग पर आपत्तिजनक स्टिकर लगाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नीमच कैंट थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने होर्डिंग का निरीक्षण किया और आपत्तिजनक पैंपलेटों को वहां से हटवाया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना को अंजाम देने वाले लोग कौन थे और वे किस उद्देश्य से सरकारी होर्डिंग तक पहुंचे थे। इसके लिए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आसपास के कैमरों से संदिग्धों की पहचान करने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
भाजपा में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरों के साथ इस तरह की छेड़छाड़ की घटना सामने आने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखा गया। भाजपा की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
भाजपा नेताओं ने घटना को जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश बताते हुए आरोपियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर लगे सरकारी प्रचार सामग्री के साथ इस तरह की छेड़छाड़ न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि शहर की कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती है।
युवक कांग्रेस पर लगाए आरोप
मामले में भाजपा की ओर से युवक कांग्रेस से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने और आरोपियों की पहचान होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे कौन लोग थे और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
पुलिस ने फिलहाल मामले को जांच के दायरे में रखा है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
माहौल बिगाड़ने की साजिश की आशंका
घटना के बाद स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने इसे शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताया, जबकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिला अस्पताल के मुख्य मार्ग पर इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है। यदि समय रहते घटना का पता नहीं चलता तो विवाद बढ़ सकता था। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि सरकारी होर्डिंग और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई जाए तथा आरोपियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण
नीमच कैंट थाना पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान की जाएगी।
नीमच कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा ने कहा कि शासकीय योजना के पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीरों पर आपत्तिजनक स्टिकर लगाए जाने के मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ विधि अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि सरकारी होर्डिंग से छेड़छाड़ किसने की, घटना को किस समय अंजाम दिया गया और इसके पीछे वास्तविक मंशा क्या थी।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी प्रचार सामग्री की सुरक्षा कितनी प्रभावी है। अब पुलिस के सामने न केवल आरोपियों की पहचान करने की चुनौती है, बल्कि इस घटना के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने की जिम्मेदारी भी है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस