प्रयागराज में राहुल गांधी के खिलाफ पोस्टर से सियासी घमासान, कांग्रेस ने 40 जगहों से हटवाए

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयागराज आने से पहले शहर में उनके खिलाफ जगह-जगह पोस्टर लगा दि गए। रविवार को सुबह कांग्रेस के नेताओं ने इन पोस्टरों को फाड़ दिया और होर्डिंग को हटवा दिया।

प्रयागराज में राहुल गांधी के खिलाफ पोस्टर से सियासी घमासान, कांग्रेस ने 40 जगहों से हटवाए

राहुल गांधी आज प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में युवाओं से संवाद करेंगे, जहां वे पेपर लीक और लंबित भर्तियों को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार को घेरेंगे। इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक युवाओं को शामिल करने का लक्ष्य है।

प्रयागराज। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शनिवार को प्रयागराज में होने वाले छात्र संवाद कार्यक्रम से पहले शहर का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों और होर्डिंग्स को लेकर कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताते हुए उन्हें कई स्थानों से हटवा दिया। कांग्रेस का दावा है कि शहर में करीब 40 जगहों पर ऐसे पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए थे, जिनमें राहुल गांधी को झारखंड पेपर लीक और नीट परीक्षा के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की गई।

राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे से ठीक पहले रातोंरात लगाए गए इन होर्डिंग्स ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। शहर के सुभाष चौराहा, नवाब यूसुफ रोड समेत कई प्रमुख स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग्स में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ सवाल खड़े किए गए हैं। कांग्रेस नेताओं के पोस्टर हटाने के बाद अब यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गया है।

'प्रयागराज में शोर मचाए, झारखंड पर बोलने से घबराए'

नवाब यूसुफ रोड पर लगाए गए एक होर्डिंग में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ लिखा गया था—'नीट पर हाइपोक्रेसी की भी सीमा होती है, प्रयागराज में शोर मचाए, झारखंड पर बोलने से घबराए'।

इस संदेश के जरिए राहुल गांधी को नीट परीक्षा और झारखंड में पेपर लीक के मुद्दे पर निशाना बनाया गया। होर्डिंग लगाने वालों ने सवाल उठाने की कोशिश की कि यदि राहुल गांधी छात्रों और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सरकार को घेरते हैं, तो झारखंड में सामने आए कथित पेपर लीक के मुद्दे पर उनका रुख क्या है।

ऐसे ही संदेश वाले अन्य होर्डिंग्स शहर के अलग-अलग इलाकों में लगाए जाने की बात सामने आई। सुबह जब लोगों की नजर इन पर पड़ी तो सोशल मीडिया पर भी तस्वीरें और वीडियो तेजी से चर्चा में आने लगे।

पोस्टर पर न पार्टी का नाम, न किसी व्यक्ति का जिक्र

इन होर्डिंग्स को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन्हें आखिर लगवाया किसने। होर्डिंग्स पर न तो किसी राजनीतिक दल का नाम लिखा गया और न ही किसी व्यक्ति या संगठन का उल्लेख किया गया।

यही वजह है कि आधिकारिक तौर पर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन होर्डिंग्स के पीछे कौन है। हालांकि, राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे से ठीक पहले इन्हें लगाए जाने के कारण कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश और छात्रों के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है।

शहर में करीब 40 स्थानों से पोस्टर हटाए जाने की कांग्रेस की बात के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले इस तरह के पोस्टर लगाना महज संयोग नहीं हो सकता।

कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना

कांग्रेस प्रवक्ता हसीब अहमद ने इन होर्डिंग्स को लेकर भाजपा पर सीधा निशाना साधा। उनका आरोप है कि राहुल गांधी के प्रयागराज पहुंचने और छात्रों से संवाद करने से पहले जानबूझकर ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे छात्रों के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके।

हसीब अहमद ने दावा किया कि इन होर्डिंग्स का डिजाइन भाजपा कार्यालय में तैयार किया गया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

भाजपा की ओर से इस आरोप पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में होर्डिंग्स किसने लगवाए और इनके पीछे वास्तव में कौन लोग हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

झारखंड मुद्दे पर कांग्रेस की सफाई

पोस्टरों में राहुल गांधी को जिस झारखंड पेपर लीक के मुद्दे पर घेरा गया है, उसे लेकर कांग्रेस ने अपना पक्ष रखा है। कांग्रेस प्रवक्ता हसीब अहमद का कहना है कि राहुल गांधी ने खुद झारखंड के छात्रों से मिलने की बात कही है।

उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने करीब दो दिन पहले ही कहा था कि वह झारखंड जाकर छात्रों से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। कांग्रेस का कहना है कि ऐसे में यह कहना सही नहीं है कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर बोलने से बच रहे हैं।

पार्टी का तर्क है कि छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी लगातार सवाल उठाते रहे हैं और झारखंड में छात्रों से मुलाकात की बात भी सार्वजनिक रूप से कही जा चुकी है।

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर नजर

राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज के केपी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं।

आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए करीब 10 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बड़ा पंडाल तैयार किया गया है। बड़ी संख्या में छात्रों और अन्य लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं।

राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को कांग्रेस की ओर से युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे समय में जब प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दे युवाओं के बीच चर्चा का विषय हैं, राहुल गांधी के भाषण में इन मुद्दों के प्रमुखता से उठने की संभावना है।

पोस्टर विवाद से बढ़ा राजनीतिक तापमान

राहुल गांधी के कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले शहर में लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। एक ओर पोस्टरों के जरिए राहुल गांधी से झारखंड पेपर लीक पर सवाल पूछे गए, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने इन्हें हटवाकर भाजपा पर पलटवार किया।

इस पूरे विवाद में फिलहाल दो बातें स्पष्ट हैं—पहली, राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों ने प्रयागराज में राजनीतिक बहस छेड़ दी है और दूसरी, पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति या संगठन की आधिकारिक पहचान अभी सामने नहीं आई है।

कांग्रेस इसे छात्रों की आवाज दबाने और कार्यक्रम से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश बता रही है, जबकि पोस्टरों में उठाए गए सवाल सीधे राहुल गांधी के नीट और पेपर लीक से जुड़े बयानों पर केंद्रित हैं।

राहुल गांधी के बयान पर टिकी नजर

अब सबसे ज्यादा नजर राहुल गांधी के प्रयागराज कार्यक्रम पर रहेगी। छात्र संवाद के दौरान यदि राहुल गांधी नीट, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बोलते हैं तो यह विवाद नए राजनीतिक संदेश का रूप ले सकता है।

खास तौर पर झारखंड पेपर लीक को लेकर लगाए गए आरोपों पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कांग्रेस पहले ही कह चुकी है कि राहुल गांधी झारखंड के छात्रों से मिलने की बात कह चुके हैं।

ऐसे में प्रयागराज के पोस्टर विवाद ने राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से और अधिक चर्चित बना दिया है। अब यह देखना होगा कि मंच से राहुल गांधी छात्रों के किन मुद्दों को उठाते हैं और पोस्टरों के जरिए लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर सीधे कोई जवाब देते हैं या नहीं।

फिलहाल, पोस्टर लगाने वालों की पहचान और भाजपा कार्यालय में इनके डिजाइन तैयार होने के कांग्रेस के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।