सुमित्रा महाजन का छलका दर्द, बोलीं- रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया; पत्र में पीएम मोदी का भी किया जिक्र, कांग्रेस ने भाजपा को घेरा
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर सख्त नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ मान लिया है और शहर की ट्रेन सेवाएं छीनी जा रही हैं.
इंदौर की रेल सुविधाओं की अनदेखी को लेकर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन एक बार फिर मुखर हुई हैं। उन्होंने पश्चिम रेलवे के जीएम रामश्रय पांडे को पत्र लिखकर शहर के साथ हो रही उपेक्षा पर नाराजगी जताई
इंदौर। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन (ताई) का एक पत्र सामने आने के बाद शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पश्चिम रेलवे की कार्यप्रणाली को लेकर लिखे गए इस पत्र में ताई ने इंदौर में रेल सुविधाओं की अनदेखी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से कई लंबित मांगों को पूरा करने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा महसूस हो रहा है कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है।
सुमित्रा महाजन का यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार और स्थानीय सांसद के खिलाफ मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया है कि जब केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है तथा इंदौर का प्रतिनिधित्व भी भाजपा सांसद कर रहे हैं, तो फिर शहर की रेल सुविधाओं को लेकर ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है।
रेलवे की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी
20 जुलाई को लिखे गए पत्र में सुमित्रा महाजन ने रेलवे अधिकारी रामश्रय पांडे को संबोधित करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि उन्हें बेहद दुख और खेद के साथ यह पत्र लिखना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर देश के प्रमुख शहरों में शामिल है और यहां लगातार जनसंख्या तथा व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद रेल सुविधाओं में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही है।
ताई ने पत्र में लिखा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है। उन्होंने कहा कि नई यात्री ट्रेनों की शुरुआत के प्रस्ताव लंबे समय से लंबित हैं और अन्य रेलवे जोनों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
लंबित रेल सेवाओं का उठाया मुद्दा
सुमित्रा महाजन ने अपने पत्र में कई प्रमुख रेल सेवाओं का उल्लेख किया, जिनकी मांग लंबे समय से इंदौर के लोग कर रहे हैं। उन्होंने जयपुर–इंदौर और रीवा–इंदौर रेल सेवा के प्रस्तावों के लंबित होने पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित MEMU सेवा का रैक भी इंदौर से हटा दिया गया है। उसकी जगह पुराने DEMU रैक चलाए जा रहे हैं, जिनमें बार-बार खराबी आने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उन्होंने इसे यात्रियों के साथ अन्याय बताते हुए व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई।
इसके अलावा उन्होंने पुणे–इंदौर ट्रेन का मुद्दा भी उठाया। ताई ने कहा कि यह ट्रेन लंबे समय से बंद है, लेकिन इसे दोबारा शुरू करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। वहीं दूसरी ओर कुछ अन्य शहरों के लिए ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है।
यात्रियों की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप
पत्र में सुमित्रा महाजन ने पटना, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम जाने वाली ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि इन मार्गों पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन रेलवे द्वारा यात्रियों की जरूरतों के अनुसार सुविधाएं नहीं बढ़ाई जा रही हैं।
उन्होंने महू–उज्जैन के बीच लोकल ट्रेन सेवा शुरू करने और अयोध्या के लिए इंदौर से सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराने की मांग का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि धार्मिक, व्यापारिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर होने के बावजूद इंदौर को पर्याप्त रेल कनेक्टिविटी नहीं मिल पा रही है।
'शब्दों के बीच की पीड़ा समझिए'
सुमित्रा महाजन ने पत्र के अंत में भावनात्मक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि अधिकारी सक्षम हैं और उम्मीद है कि वे उनके शब्दों के बीच छिपी पीड़ा को समझेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मांग किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं बल्कि इंदौर शहर और यहां के लाखों यात्रियों की सुविधा के लिए है।
उन्होंने लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और महू में अतिरिक्त लाइन क्षमता उपलब्ध होने का भी जिक्र किया। ताई ने सवाल उठाया कि करीब 40 लाख की आबादी वाले इंदौर जैसे बड़े शहर के लिए वर्तमान रेल सुविधाएं क्या पर्याप्त हैं?
कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा
सुमित्रा महाजन का पत्र सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा सरकार और इंदौर सांसद पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार, राज्य सरकार और इंदौर का सांसद तीनों भाजपा से हैं, तब यदि शहर को लेकर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष जैसी वरिष्ठ नेता को यह कहना पड़ रहा है कि रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इंदौर में नई ट्रेनों की मांग लंबे समय से चल रही है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। पार्टी नेताओं ने भाजपा सांसद शंकर लालवानी से भी जवाब मांगा कि आखिर शहर की रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए उन्होंने क्या प्रयास किए।
भाजपा के लिए बढ़ी चुनौती
सुमित्रा महाजन भाजपा की वरिष्ठ नेता हैं और इंदौर से लंबे समय तक सांसद रही हैं। उनके पत्र ने रेलवे सुविधाओं को लेकर चल रही चर्चाओं को एक बार फिर तेज कर दिया है। हालांकि यह पत्र प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर लिखा गया है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
अब देखना होगा कि रेलवे और जनप्रतिनिधियों की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। इंदौर के लाखों रेल यात्रियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि लंबित मांगों पर कब तक कोई ठोस निर्णय लिया जाता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस