भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र पर उठाए सवाल, खनिज विभाग पर लगाए भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोप
भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने खनिज विभाग के कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए
भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने गुना में अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने खनिज विभाग पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं, एसडीएम और कलेक्टर की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी जनता की नहीं सुन रहे हैं।
गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। गुरुवार को जिले में आयोजित तेजस कार्यशाला के दौरान उन्होंने अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र पर खुलकर सवाल खड़े कर दिए। विधायक ने मंच से खनिज विभाग पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और अधिकारियों की मनमानी के गंभीर आरोप लगाए। इतना ही नहीं, उन्होंने एसडीएम और कलेक्टर की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि आम लोगों और किसानों की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो रहा है।
कार्यक्रम जिला प्रशासन, उद्योग विभाग, स्टार्टअप सेंटर मध्य प्रदेश तथा भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य युवाओं में स्टार्टअप संस्कृति, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना था, लेकिन विधायक के तीखे भाषण के बाद कार्यक्रम का केंद्र प्रशासनिक व्यवस्था और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली बन गया।
विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि जिले में अवैध खनन करने वाले बड़े लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय खनिज विभाग उन किसानों और आम नागरिकों को परेशान कर रहा है जो अपनी जरूरत के लिए वैध तरीके से रेत या बजरी खरीदते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग जुर्माने के नाम पर लोगों से अवैध वसूली कर रहा है और पूरी व्यवस्था में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने मंच से कहा कि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, जबकि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
अपने आरोपों को स्पष्ट करने के लिए विधायक ने अपनी विधानसभा क्षेत्र के एक किसान का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि किसान ने अधिकृत फड़ से पैसे देकर भसुआ (रेत-बजरी) खरीदी थी और उसे ट्रॉली से अपने गांव ले जा रहा था। रास्ते में खनिज विभाग की टीम ने उसकी ट्रॉली रोक ली और भारी जुर्माना लगा दिया। विधायक के अनुसार किसान के पास खरीद से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी थे, इसके बावजूद उसे राहत नहीं मिली।
विधायक ने कहा कि जब उन्हें इस घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल जिला खनिज अधिकारी से फोन पर संपर्क किया और मामले में राहत देने का अनुरोध किया। लेकिन अधिकारी ने जुर्माना हटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने संबंधित एसडीएम से भी बात की। विधायक का कहना है कि एसडीएम ने भी बाद में यह कहकर असमर्थता जता दी कि जुर्माने की रसीद कट चुकी है, इसलिए अब कुछ नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आगे कहा कि जब एसडीएम भी अपने अधीनस्थ अधिकारी से उचित निर्णय नहीं करवा सकीं तो उन्होंने जिले के कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से संपर्क किया। कलेक्टर ने पूरे मामले की जानकारी लेकर वापस फोन करने का आश्वासन दिया, लेकिन काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला। विधायक ने बताया कि दोबारा संपर्क करने के बावजूद भी किसान की समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों की बात भी प्रशासन नहीं सुन रहा है तो आम नागरिकों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान एक और घटनाक्रम चर्चा का विषय बना। मंच पर विधायक और कलेक्टर एक साथ दिखाई नहीं दिए। जानकारी के अनुसार कलेक्टर पहले कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, औपचारिक कार्यक्रम में शामिल हुए और उसके बाद वहां से रवाना हो गए। उनके जाने के बाद विधायक कार्यक्रम में पहुंचे और संबोधित किया। राजनीतिक हलकों में इसे दोनों के बीच लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक और राजनीतिक दूरी से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधायक पन्नालाल शाक्य और जिला प्रशासन के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर पहले भी मतभेद सामने आते रहे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
यह पहला अवसर नहीं है जब भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने सार्वजनिक मंच से अपनी ही सरकार या प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हों। इससे पहले भी उन्होंने प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती को लेकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर खुलकर निशाना साधा था। उनके बयानों के बाद भाजपा संगठन ने उन्हें भोपाल तलब कर स्पष्टीकरण भी मांगा था। हाल ही में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना दौरे के दौरान भी उनकी दूरी राजनीतिक चर्चाओं का विषय बनी रही थी।
विधायक के आरोपों पर जिला खनिज अधिकारी सचिन वर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विभाग पूरी तरह नियमों के अनुसार कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि अवैध परिवहन और खनन के मामलों में विभाग वाहनों की जांच करता है और आवश्यक होने पर कार्रवाई भी करता है। उन्होंने यह भी कहा कि जब विभाग गाड़ियां पकड़ता है तो कुछ लोग नाराज हो सकते हैं, लेकिन कार्रवाई कानून और नियमों के तहत ही की जाती है। अधिकारी ने कहा कि किसी व्यक्ति की नाराजगी के पीछे क्या कारण हैं, यह वही बेहतर बता सकते हैं।
भाजपा विधायक के इस बयान के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे सरकार के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बता रहे हैं, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विधायक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर जिला प्रशासन या राज्य सरकार किसी प्रकार की जांच कराती है या नहीं। यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो इससे न केवल आरोपों की सच्चाई सामने आएगी बल्कि खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का भी जवाब मिल सकेगा। फिलहाल गुना में विधायक पन्नालाल शाक्य का यह बयान राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस