नरोत्तम मिश्रा जैसे आतंकवादी को चुनाव हराया था', पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के विवादित बयान से दतिया की सियासत गरमाई
दतिया उपचुनाव 2026 के बीच कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के विवादित बयान से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। उन्होंने दावा किया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था और उन्हें लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। भारती ने उपचुनाव को कांग्रेस-भाजपा से अधिक नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री के राजनीतिक प्रभाव की लड़ाई बताया। उन्होंने कांग्रेस की बढ़ती ताकत का दावा करते हुए भाजपा पर अंदरूनी गुटबाजी का आरोप लगाया और 2028 में डॉ. नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ फिर चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया।
दतिया उपचुनाव के बीच कांग्रेस के पूर्व विधायक का बड़ा बयान
डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर विवादित टिप्पणी से बढ़ा राजनीतिक विवाद
उपचुनाव को बताया मुख्यमंत्री और नरोत्तम मिश्रा की प्रतिष्ठा की लड़ाई
दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भारती ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में "नरोत्तम मिश्रा जैसे आतंकवादी को हराया था"। उनके इस बयान के सामने आते ही भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
राजेंद्र भारती ने अपने बयान के समर्थन में कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एक सार्वजनिक सभा में स्वयं को दतिया का "सबसे बड़ा गुंडा" बताया था। इसी संदर्भ का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह विवादित टिप्पणी की। हालांकि, उनके इस बयान पर तत्काल भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उपचुनाव को बताया राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई
पूर्व विधायक ने कहा कि दतिया का उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की राजनीति में प्रभाव और प्रतिष्ठा की लड़ाई भी बन चुका है। उनका दावा था कि इस चुनाव में मुकाबला सिर्फ कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं, बल्कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के राजनीतिक प्रभाव से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरण इस चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण बना रहे हैं।
भारती ने कहा कि दतिया की जनता अब विकास, स्थानीय मुद्दों और जनप्रतिनिधियों के कामकाज के आधार पर फैसला करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि मतदाता इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान करेंगे।
कांग्रेस की स्थिति मजबूत होने का दावा
राजेंद्र भारती ने कहा कि एक समय दतिया में कांग्रेस तीसरे स्थान पर हुआ करती थी, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और लगातार जनसंपर्क अभियान के कारण संगठन मजबूत हुआ। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका सकारात्मक परिणाम मिला और जनता ने पार्टी पर भरोसा जताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वर्षों तक गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत किया और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहे। इसी मेहनत का परिणाम है कि पार्टी आज पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है।
घनश्याम सिंह पर भी साधा निशाना
पूर्व विधायक ने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक जमीन को तैयार करने में उन्होंने वर्षों मेहनत की, उसका लाभ आज दूसरे नेता उठा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि घनश्याम सिंह इतने मजबूत नेता थे तो उन्हें पहले के चुनावों में हार का सामना क्यों करना पड़ा।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का उम्मीदवार होने के नाते कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी ताकत से चुनाव मैदान में हैं और संगठन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है।
भाजपा के अंदरूनी मतभेदों का लगाया आरोप
राजेंद्र भारती ने आरोप लगाया कि दतिया में असली मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं, बल्कि भाजपा के अंदर चल रही राजनीतिक खींचतान का परिणाम है। उनके अनुसार भाजपा के कई स्थानीय नेताओं के बीच मतभेद हैं, जिसका असर चुनावी माहौल पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता इन परिस्थितियों को देख रही है और मतदान के समय इसका असर देखने को मिलेगा।
परिवार को टिकट मिलने की चर्चा का किया जिक्र
पूर्व विधायक ने यह भी बताया कि उपचुनाव के दौरान उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर भी टिकट देने की चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर पार्टी स्तर पर विचार हुआ था, लेकिन उन्होंने स्वयं चुनाव लड़ने के बजाय जनता के बीच सक्रिय रहने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन जनता के बीच बीता है और आगे भी वे क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लगातार सक्रिय रहेंगे। उनका कहना था कि पद से अधिक महत्वपूर्ण जनता का विश्वास होता है।
2028 में फिर चुनाव लड़ने का ऐलान
राजेंद्र भारती ने भविष्य की राजनीति को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पहले उनका विचार था कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में नए साथियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए, लेकिन उन्हें जिस तरह अयोग्य घोषित किया गया, उसके बाद उन्होंने दोबारा चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 में डॉ. नरोत्तम मिश्रा जहां से भी चुनाव लड़ेंगे, वह वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बयान से बढ़ सकती है राजनीतिक तकरार
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव के दौरान इस तरह की तीखी बयानबाजी चुनावी माहौल को और गर्मा सकती है। दतिया उपचुनाव पहले ही प्रदेश की प्रतिष्ठित सीटों में शामिल माना जा रहा है और अब राजेंद्र भारती के इस विवादित बयान के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
फिलहाल भाजपा की ओर से इस बयान पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनाव प्रचार के दौरान प्रमुख राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस