CM मोहन के बड़े ऐलान: MP में बनेंगी 3 नई SISF बटालियन, 2 साल में भरेंगे पुलिस के खाली पद; बुनकरों को भी सौगात

मध्य प्रदेश में औद्योगिक और खास जगहों की सुरक्षा के लिए SISF की तीन बटालियन का गठन किया जाएगा. इसमें पहली खंडवा में बनाई जाएगी. वहीं पुलिस विभाग के 27,534 अफसर-कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है और 9,662 नई भर्तियों को मंजूरी दी गई है.

CM मोहन के बड़े ऐलान: MP में बनेंगी 3 नई SISF बटालियन, 2 साल में भरेंगे पुलिस के खाली पद; बुनकरों को भी सौगात

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए भर्ती किए गए पुलिसकर्मियों को ज्वाइंग लेटर और प्रमोशन लेटर सौंपने के बाद कहा "आम धारणा है कि पुलिस वाले हंसते नहीं हैं, लेकिन आपके चेहरे की खुशी बता रही है कि यह आपके जिंदगी का सबसे अच्छा मौका है." पुलिसकर्मियों की ताली सुनकर मुख्यमंत्री ने कहा कि डंडे बजाने वाले ताली भी बहुत अच्छी बजाते हैं. अहसास होता है कि सच में आपके बदन पर यह खाकी मध्य प्रदेश की जनता का विश्वास का प्रतीक है.

भोपाल। मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई बड़े ऐलान किए हैं। भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) के गठन के साथ प्रदेश में तीन नई बटालियन बनाने की घोषणा की। इनमें से एक बटालियन खंडवा जिले में गठित की जाएगी, जबकि बाकी दो बटालियनों के स्थान का निर्णय बाद में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार तेजी से हो रहा है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों, महत्वपूर्ण संस्थानों और संवेदनशील परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा बल की जरूरत है। SISF के गठन से औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

खंडवा में बनेगी पहली नई बटालियन

सरकार की योजना के तहत बनने वाली तीन नई SISF बटालियनों में से पहली का गठन खंडवा जिले में किया जाएगा। अन्य दो बटालियन प्रदेश के किन क्षेत्रों में स्थापित होंगी, इसका फैसला आगामी समय में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि SISF केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। खासतौर पर प्रदेश के अति पिछड़े जनजातीय समुदायों के युवाओं को सुरक्षा बल में शामिल करने पर सरकार का विशेष जोर रहेगा।

बैगा, भारिया और सहरिया युवाओं को मिलेगा विशेष अवसर

मुख्यमंत्री ने बैगा, भारिया और सहरिया जनजातीय समुदायों के युवाओं के लिए भी विशेष पहल की घोषणा की। सरकार की योजना इन समुदायों के लिए अलग-अलग कंपनियां गठित करने की है। संबंधित जनजातीय समुदायों के युवाओं को इन कंपनियों में शामिल किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इससे इन समुदायों के युवाओं को सरकारी सुरक्षा व्यवस्था में भागीदारी का अवसर मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने इस पहल को सामाजिक सहभागिता और सुरक्षा व्यवस्था, दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

पुलिस विभाग में 27,534 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमोशन

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में हाल ही में हुई पदोन्नतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 के दौरान प्रदेश के 58 पुलिस संवर्गों में कुल 27,534 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है।

इनमें 30 रक्षित निरीक्षक पदोन्नत होकर उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बने हैं। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे पुलिसकर्मियों के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नति मिलने से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पदोन्नति में लंबे समय तक हुई देरी के कारण 20 हजार से अधिक पुलिसकर्मी बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत्त हो गए। अब पात्र पुलिसकर्मियों को समय पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया आगे भी जारी रखने पर जोर दिया जाएगा।

करीब 20 हजार पद लंबे समय से खाली

कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुलिस विभाग में रिक्त पदों की स्थिति और भर्ती प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2024 में पदभार संभालने के बाद पुलिस की विभिन्न शाखाओं की समीक्षा की गई।

भर्ती एवं चयन शाखा की समीक्षा में करीब 20 हजार पद खाली पाए गए। इनमें सब इंस्पेक्टर, सूबेदार, एएसआई, स्टेनो सहित कई महत्वपूर्ण पद शामिल थे। डीजीपी के मुताबिक, इन पदों पर लगभग आठ वर्षों से नियमित भर्ती नहीं हुई थी।

लंबे समय तक पद खाली रहने का असर पुलिस व्यवस्था पर भी पड़ा। उपलब्ध पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं और काम का दबाव बढ़ा। सरकार अब चरणबद्ध तरीके से इन रिक्त पदों को भरने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

दो साल में खाली पद भरने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में रिक्त पदों को लेकर भी सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट की। सरकार का लक्ष्य आने वाले दो वर्षों में पुलिस विभाग के खाली पदों को भरना है। इससे प्रदेश में पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था को संभालने में पुलिस विभाग को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।

डीजीपी के अनुसार, वर्ष 2025 में 6,500 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा गया था। इसके बाद लगभग तीन महीने के भीतर सूबेदार, सब इंस्पेक्टर सहित विभिन्न पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई।

2026 में 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी

पुलिस विभाग में वर्ष 2026 के दौरान अलग-अलग पदों के लिए 9,662 भर्तियों की अनुमति दी गई है। अब तक विभिन्न संवर्गों में 14,704 उम्मीदवारों का चयन किया जा चुका है।

पुलिस बैंड और फॉरेंसिक साइंस लैब यानी FSL से संबंधित भर्तियां दूसरे चरण में रखी गई हैं। इसके अलावा 9,751 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

सरकार का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस विभाग में कर्मचारियों की कमी काफी हद तक दूर होगी। इससे थानों से लेकर विशेष शाखाओं तक पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नक्सल मोर्चे पर भी पुलिस को मिली अतिरिक्त ताकत

मध्य प्रदेश में नक्सल समस्या से निपटने के लिए भी पुलिस बल को मजबूत किया गया है। डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया।

मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद हॉक फोर्स में 325 नए पद स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पद भी मंजूर किए गए हैं।

इन अतिरिक्त पदों के जरिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी और अभियान क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। डीजीपी के अनुसार, लगातार किए गए प्रयासों और सुरक्षा बलों को मजबूत करने के फैसलों का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दिया है।

नक्सल समस्या से मुक्त होने का दावा

डीजीपी ने कहा कि सरकार और पुलिस द्वारा लगातार चलाए गए अभियानों के परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश नक्सल समस्या से मुक्त होने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने इसे सुरक्षा बलों, प्रशासन और सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम बताया।

सरकार अब सुरक्षा व्यवस्था को केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित रखने के बजाय औद्योगिक सुरक्षा, जनजातीय युवाओं की भागीदारी और आधुनिक पुलिसिंग से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

बुनकरों को भी सरकार की सौगात

कार्यक्रम के दौरान बुनकर समुदाय से जुड़े मुद्दों और उनके हितों पर भी सरकार की ओर से पहल की बात सामने आई। सरकार का जोर पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर है। बुनकरों को योजनाओं और सुविधाओं से जोड़कर उनके पारंपरिक हुनर को बाजार से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

रोजगार और सुरक्षा—दोनों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री के इन ऐलानों से साफ है कि मध्य प्रदेश सरकार एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही है। एक तरफ पुलिस विभाग में लंबे समय से खाली पदों को भरने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर SISF की नई बटालियनों के जरिए औद्योगिक सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा।

जनजातीय समुदायों के युवाओं को सुरक्षा बलों में विशेष अवसर देने से रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। पुलिसकर्मियों की पदोन्नति और नई भर्तियों से विभाग के कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने पर भी सरकार का जोर है।

कुल मिलाकर, SISF की तीन नई बटालियन, दो साल में पुलिस के रिक्त पद भरने का लक्ष्य, हजारों पुलिसकर्मियों की पदोन्नति और नक्सल विरोधी बल को अतिरिक्त ताकत देने के फैसले मध्य प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की सरकार की रणनीति को दर्शाते हैं।