मंडीदीप में कमिश्नर और उद्योग आयुक्त का उद्योगपतियों से संवाद: जन विश्वास अभियान के तहत निवेश, रोजगार और औद्योगिक सुरक्षा पर हुआ मंथन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन विश्वास अभियान के तहत मंडीदीप में प्रशासन और उद्योगपतियों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। बैठक में निवेश बढ़ाने, स्थानीय उत्पादन, रोजगार सृजन, औद्योगिक सुरक्षा और उद्योगों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने और उद्योगों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जन विश्वास अभियान के तहत उद्योगपतियों से सीधा संवाद
स्थानीय उत्पादन और नए निवेश पर जोर
औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों के पालन के निर्देश
निवेश प्रक्रिया होगी और आसान
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने की अपील
उद्योगपतियों ने संवाद पहल का किया स्वागत
मंडीदीप। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 'जन विश्वास अभियान' के अंतर्गत शुक्रवार को प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप में उद्योगपतियों और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बैठक का उद्देश्य उद्योग जगत की समस्याओं को सीधे सुनना, निवेश को बढ़ावा देना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना और औद्योगिक विकास को नई गति देना था।
एसोसिएशन ऑफ ऑल इंस्टिट्यूट के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में भोपाल संभागायुक्त करमवीर शर्मा, उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार, रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रियंका राजेंद्र अग्रवाल, होशंगाबाद रेंज के आईजी चंद्रशेखर सोलंकी, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में उद्योगपतियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
उद्योग और प्रशासन के बीच संवाद को बताया विकास की कुंजी
बैठक को संबोधित करते हुए संभागायुक्त करमवीर शर्मा ने कहा कि किसी भी औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए उद्योग और प्रशासन के बीच निरंतर संवाद बेहद आवश्यक है। यदि उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए तो निवेश का माहौल मजबूत होता है और नए उद्योग स्थापित होने का रास्ता आसान बनता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि उद्योगों से जुड़े सभी वर्गों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो, ताकि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ें और रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर
संभागायुक्त ने उद्योगपतियों से अपील की कि मंडीदीप में उपलब्ध संसाधनों और कच्चे माल का अधिकतम उपयोग स्थानीय स्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश से बड़ी मात्रा में कच्चा माल दूसरे राज्यों में भेजा जाता है, जहां उसका प्रसंस्करण कर तैयार उत्पाद बनाए जाते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि उन्हीं उत्पादों का निर्माण मंडीदीप में ही शुरू किया जाए तो स्थानीय उद्योगों का विस्तार होगा, परिवहन लागत कम होगी, रोजगार बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
उन्होंने निर्यात योग्य उत्पादों के निर्माण के लिए भी नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने का आह्वान किया, जिससे मध्यप्रदेश वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सके।
निवेशकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की पहल
बैठक में उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। निवेशकों को किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी न हो, इसके लिए विभिन्न प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य उद्योग स्थापना से लेकर संचालन तक की सभी प्रक्रियाओं को आसान बनाना है ताकि अधिक से अधिक निवेशक मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करें।
उन्होंने उद्योगपतियों से शासन की विभिन्न औद्योगिक योजनाओं और प्रोत्साहन नीतियों का लाभ उठाने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
औद्योगिक सुरक्षा पर सख्त निर्देश
संभागायुक्त करमवीर शर्मा ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी उद्योगों में अग्नि सुरक्षा, दुर्घटना नियंत्रण और आपातकालीन बचाव के लिए आवश्यक उपकरण और मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।
उन्होंने उद्योग संचालकों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ-साथ महिला कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। श्रम विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल न केवल कर्मचारियों का विश्वास बढ़ाता है, बल्कि उद्योग की उत्पादकता और प्रतिष्ठा भी मजबूत करता है।
रोजगार सृजन पर विशेष फोकस
बैठक में स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
उद्योग आयुक्त ने उद्योगपतियों से स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने की अपील की, ताकि उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
उद्योगपतियों ने संवाद पहल की सराहना की
कार्यक्रम में मौजूद उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया। इंडस्ट्रीज संगठन के पूर्व अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मनोज मोदी, वर्तमान अध्यक्ष विकास मूंदड़ा सहित अन्य उद्योगपतियों ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम उद्योगों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे संवाद नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे उद्योगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिले।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर कलेक्टर मनोज उपाध्याय, एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव, तहसीलदार हेमंत शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उद्योगपतियों से सुझाव प्राप्त किए और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित यह संवाद कार्यक्रम प्रशासन और उद्योग जगत के बीच भरोसे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। बैठक में निवेश बढ़ाने, स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन देने, रोजगार सृजन, औद्योगिक सुरक्षा और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। उद्योगपतियों ने प्रशासन के सकारात्मक रवैये की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि ऐसे संवाद भविष्य में भी औद्योगिक विकास और निवेश को नई गति देंगे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस