कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में युवक की पिटाई, चोरी के आरोप पर मचा बवाल; पीड़ित ने विधायक समर्थकों पर लगाए आरोप, आरिफ मसूद ने किया खंडन

भोपाल में NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस के भाजपा कार्यालय मार्च के दौरान हंगामा हो गया। प्रदर्शन के बीच भीड़ ने एक युवक की पिटाई कर दी। कुछ लोगों ने उस पर जेब काटने का आरोप लगाया, जबकि पीड़ित माज कुरैशी ने दावा किया कि विधायक आरिफ मसूद के समर्थकों ने सोशल मीडिया पोस्ट की रंजिश में उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने युवक को भीड़ से बचाकर अस्पताल पहुंचाया।

कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में युवक की पिटाई, चोरी के आरोप पर मचा बवाल; पीड़ित ने विधायक समर्थकों पर लगाए आरोप, आरिफ मसूद ने किया खंडन

NEET पेपर लीक के विरोध में भाजपा कार्यालय मार्च के दौरान मचा हंगामा, युवक की पिटाई पर सियासी विवाद; पीड़ित ने विधायक समर्थकों पर लगाए आरोप, आरिफ मसूद ने किया खंडन।

भोपाल। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक घमासान अब मध्य प्रदेश में भी तेज हो गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को भोपाल में कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब भीड़ ने एक युवक को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप कर युवक को भीड़ से छुड़ाया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

घटना ने कांग्रेस के प्रदर्शन को नया मोड़ दे दिया। जहां कुछ लोगों ने युवक पर जेब काटने का आरोप लगाया, वहीं पिटाई का शिकार हुए युवक ने दावा किया कि उसे कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के समर्थकों ने निशाना बनाया क्योंकि उसने पहले विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। विधायक आरिफ मसूद ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है और उनका पूरा ध्यान छात्रों के मुद्दे पर केंद्रित है।

भाजपा कार्यालय तक मार्च निकालने पहुंचे कांग्रेसी

दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं के साथ हुई कार्रवाई के विरोध में भोपाल जिला कांग्रेस कमेटी ने विरोध मार्च का आयोजन किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) से शुरू हुए इस मार्च का नेतृत्व कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने किया।

करीब 200 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारी लगातार केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पांच नंबर बस स्टॉप के पास बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया। इसी दौरान कई कांग्रेस नेता बैरिकेड पर चढ़ गए और प्रदर्शन तेज हो गया।

प्रदर्शन के बीच युवक की पिटाई

इसी दौरान भीड़ में अचानक हंगामा शुरू हो गया। कुछ लोगों ने एक युवक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को दौड़ाकर पीटा गया। घटना से कुछ देर के लिए मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और युवक को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और दोनों पक्षों के दावों की जांच की जाएगी।

चोरी का आरोप, पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप

मारपीट करने वाले कुछ लोगों का कहना था कि युवक जेब काटने की कोशिश कर रहा था, इसलिए उसे पकड़कर पीटा गया। हालांकि युवक ने इस आरोप को सिरे से नकार दिया।

पीड़ित युवक माज कुरैशी ने कहा कि वह कांग्रेस का कार्यकर्ता है और उसका किसी चोरी या जेबकतरी से कोई संबंध नहीं है। उसने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले उसने विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी, जिससे विधायक के समर्थक नाराज थे। उसी रंजिश के चलते उसे पहचानकर भीड़ में पीटा गया।

युवक के इस आरोप के बाद मामला राजनीतिक रंग ले गया और घटना को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

आरिफ मसूद ने आरोपों को बताया निराधार

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि उनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदर्शन के दौरान मीडिया और पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके साथ मौजूद थे।

आरिफ मसूद ने कहा कि उनका पूरा ध्यान छात्रों के मुद्दे पर था और कांग्रेस का आंदोलन केवल NEET पेपर लीक और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ कोई घटना हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन इसमें उनका या उनके समर्थकों का नाम जोड़ना गलत है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई

आरिफ मसूद ने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उनका आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार जिम्मेदारी तय करने से बच रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे यह संदेश जाता है कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही। कांग्रेस तब तक आंदोलन जारी रखेगी जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती।

भाजपा कार्यालय तक पहुंचने से पहले रोका गया मार्च

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उद्देश्य भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराना था। हालांकि पुलिस ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। कई कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा और किसी बड़े टकराव की नौबत नहीं आने दी।

इन मांगों को लेकर किया गया प्रदर्शन

कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान कई प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों पर संसद में तत्काल चर्चा, दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग शामिल रही।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है और सरकार की जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

पुलिस कर रही मामले की जांच

प्रदर्शन के दौरान युवक की पिटाई की घटना के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जाएंगे। युवक पर लगाए गए जेबकतरी के आरोप और उसके द्वारा लगाए गए राजनीतिक प्रताड़ना के आरोप—दोनों पहलुओं की जांच की जाएगी।

फिलहाल इस घटना ने छात्रों के मुद्दे पर आयोजित कांग्रेस के प्रदर्शन को एक नए विवाद में बदल दिया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।