पहले शिवराज, अब मोहन यादव ने नरोत्तम मिश्रा को निपटाया: उमंग सिंघार के बयान से गरमाई दतिया उपचुनाव की सियासत
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा में मचे घमासान पर कांग्रेस ने हमला तेज कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा बार-बार कांग्रेस पर बिखराव और गुटबाजी के आरोप लगाती है, लेकिन दतिया में भाजपा की अंदरूनी लड़ाई अब सड़कों पर आ चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने और अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को निपटा दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी उपचुनाव में दतिया की जनता भाजपा को निपटाएगी।
भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पार्टी के भीतर सामने आए विरोध और सड़क पर हुए प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को राजनीतिक रूप से निपटा दिया है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पहले शिवराज सिंह चौहान ने और अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरोत्तम मिश्रा को निपटा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि आगामी दतिया उपचुनाव में जनता भाजपा को भी निपटा देगी। सिंघार का यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा प्रत्याशी की घोषणा के बाद दतिया में पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था।
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि दतिया में जो घटनाक्रम सामने आया है, वह पार्टी के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर करता है। उन्होंने सवाल किया कि यदि भाजपा में सब कुछ सामान्य है तो टिकट घोषित होने के बाद सड़कों पर प्रदर्शन क्यों हुए और कई नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफे क्यों दिए। उनके अनुसार यह भाजपा के अंदर असंतोष और गुटबाजी का स्पष्ट संकेत है।
सिंघार ने कहा, "दतिया में जिस प्रकार गुटबाजी सड़कों पर दिखाई दी और भाजपा के कई नेताओं ने इस्तीफे दिए, क्या यह गुटबाजी नहीं है? शिवराज जी नरोत्तम मिश्रा को पचा नहीं पा रहे हैं। मोहन यादव भी नरोत्तम मिश्रा को नहीं पचा पा रहे हैं और अब दतिया की जनता भी उन्हें नहीं पचा पा रही है। आखिर इसके पीछे कारण क्या है?" उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व को इस प्रश्न का जवाब जनता के सामने देना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि दतिया में जनता बदलाव चाहती है और उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने जीत दर्ज की थी और इस बार भी जनता कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी। सिंघार ने कहा कि दतिया में सत्य की जीत होगी और जनता घोटालों तथा अराजकता की राजनीति का जवाब अपने वोट से देगी।
उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव से लेकर विजयपुर विधानसभा उपचुनाव और अब दतिया तक कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।
पटवारी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस से एक सीट छीनी गई। विजयपुर विधानसभा में न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से जीते हुए जनप्रतिनिधि को हटाकर हारे हुए उम्मीदवार को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दतिया में भी कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती को षड्यंत्रपूर्वक पद से हटाया गया। उनके अनुसार भाजपा पर पहले भी विधायकों की खरीद-फरोख्त जैसे आरोप लगते रहे हैं और जनता इन घटनाओं को गंभीरता से देख रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि दतिया उपचुनाव में कांग्रेस पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि दतिया की जनता लोकतंत्र और जनमत का सम्मान करेगी तथा कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी। पटवारी ने कहा कि भाजपा को दतिया में हार का सामना करना पड़ेगा और कांग्रेस जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि राजेंद्र भारती के साथ जो घटनाक्रम हुआ, उसका जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से वोट के माध्यम से देगी।
पटवारी ने दतिया में पिछले दो दिनों के घटनाक्रम को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार की घोषणा के बाद हजारों समर्थकों ने पार्टी कार्यालय का घेराव किया, सड़क जाम की और कानून व्यवस्था प्रभावित हुई, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करता दिखाई नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन ऐसी स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पा रहा है तो निष्पक्ष उपचुनाव कराने की उसकी क्षमता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दतिया के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन को पूरी तरह निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन विफल रहता है तो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
इसी क्रम में जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग से दतिया उपचुनाव की प्रत्येक गतिविधि पर विशेष निगरानी रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करे कि प्रशासन किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर कार्य करे और चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा भयमुक्त वातावरण में संपन्न हो। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि मतदाताओं का विश्वास लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बना रहे।
दूसरी ओर, भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया जा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी संगठन मजबूत है और दतिया उपचुनाव में भाजपा पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी। पार्टी का दावा है कि कार्यकर्ताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम नहीं है और सभी नेता संगठन के निर्णय के साथ खड़े हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार तेज होती जा रही है। भाजपा के भीतर टिकट को लेकर उठे विरोध और कांग्रेस के लगातार हमलों ने इस चुनाव को प्रदेश का सबसे चर्चित राजनीतिक मुकाबला बना दिया है। आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और चुनावी रणनीतियां और तेज होने की संभावना है। फिलहाल कांग्रेस भाजपा की अंदरूनी कलह को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने में जुटी है, जबकि भाजपा संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने का प्रयास कर रही है। अब सभी की नजर दतिया की जनता पर है, जो उपचुनाव में अपने मत के माध्यम से राजनीतिक दलों के दावों की परीक्षा करेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस