फंदे से लटका मिला ममता बनर्जी के करीबी और बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव

पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) से 5 बार विधायक रह चुके आशीष बनर्जी बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित अपने आवास के पास पार्टी कार्यालय में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटके पाए गए.

फंदे से लटका मिला ममता बनर्जी के करीबी और बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का शव

पश्चिम बंगालकी राजनीति में हड़कंप मच गया है। टीएमसी के एक दिग्गज नेता की मौत हो गई है। आशीष बनर्जी, ममता बनर्जी के करीबियों में से एक थे। वह बंगाल के पूर्व डिप्पी स्पीकर थे। ममता बनर्जी सरकार में वह मंत्री भी रहे। वह पांच बार के विधायक थे।

रामपुरहाट: पश्चिम बंगाल की राजनीति से रविवार को एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई। पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी का शव बीरभूम जिले के रामपुरहाट में उनके घर के पास स्थित पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में समर्थक पार्टी कार्यालय के बाहर जमा हो गए।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आशीष बनर्जी का शव रविवार सुबह रामपुरहाट स्थित TMC कार्यालय के अंदर मिला। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि पार्टी कार्यालय से एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस नोट की सामग्री या उसकी प्रमाणिकता को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

25 साल तक रामपुरहाट सीट का किया प्रतिनिधित्व

आशीष बनर्जी रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने वर्ष 2001 में पहली बार इस सीट से विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 2006, 2011 और 2016 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने रामपुरहाट सीट पर अपनी जीत बरकरार रखी।

वे करीब 25 वर्षों तक रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। हालांकि, 2026 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ध्रुबा साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। चुनावी हार के बाद भी वे क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे और TMC संगठन से जुड़े रहे।

ममता बनर्जी सरकार में संभाले कई अहम पद

आशीष बनर्जी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता था। उनके राजनीतिक करियर में संगठन के साथ-साथ सरकार में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल रहीं।

वर्ष 2014 में उन्हें पश्चिम बंगाल की राज्य कैबिनेट में राज्य मंत्री बनाया गया। उन्हें आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से जुड़े विभागों की स्वतंत्र जिम्मेदारी दी गई थी।

इसके बाद वर्ष 2015 में उनके जिम्मे बायोटेक्नोलॉजी, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन तथा योजना जैसे विभाग भी आए। ममता बनर्जी सरकार में उन्हें लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती रहीं।

कृषि मंत्री की भी संभाली जिम्मेदारी

वर्ष 2017 में ममता बनर्जी की दूसरी सरकार के दौरान आशीष बनर्जी को पश्चिम बंगाल का कृषि मंत्री बनाया गया। उन्होंने पूर्णेंदु बोस की जगह कृषि विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी।

उनका राजनीतिक अनुभव केवल मंत्री पद तक सीमित नहीं रहा। वे पश्चिम बंगाल विधानसभा के उपाध्यक्ष के पद पर भी रहे। इस दौरान उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।

पार्टी कार्यालय में मिला शव

रविवार सुबह जब आशीष बनर्जी का शव पार्टी कार्यालय के अंदर मिला तो खबर तेजी से पूरे रामपुरहाट में फैल गई। उनके समर्थक और स्थानीय TMC कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पार्टी कार्यालय के बाहर पहुंच गए।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने के साथ-साथ वहां मौजूद लोगों से भी पूछताछ शुरू की है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन परिस्थितियों में आशीष बनर्जी की मौत हुई।

कथित सुसाइड नोट की भी जांच

पार्टी कार्यालय से कथित तौर पर एक सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने से पहले इस नोट के आधार पर मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

जांच अधिकारी कथित नोट की लिखावट, सामग्री और परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने आशीष बनर्जी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

आशीष बनर्जी की मौत की खबर से TMC कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में शोक का माहौल है। लंबे समय तक रामपुरहाट की राजनीति में सक्रिय रहने वाले बनर्जी की इस तरह हुई मौत ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।