गोपाल भार्गव का बड़ा बयान: बोले- भाजपा का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री, हाथी अपनी चाल चलता है, कुत्तों की चिंता नहीं की जाती
सागर में पूर्व मंत्री और रहली से 9 बार के विधायक गोपाल भार्गव ने वीर दुर्गादास राठौर जयंती समारोह में कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता खुद को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से कम नहीं समझता। उन्होंने आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि हाथी अपनी मस्त चाल चलता है और कुत्तों की चिंता नहीं की जाती। भार्गव का यह बयान उनके गढ़ाकोटा निवास के बाहर लगाए गए ‘स्वघोषित मुख्यमंत्री’ वाले पंपलेट के वायरल वीडियो के संदर्भ में आया।
गोपाल भार्गव का बड़ा बयान: बोले- भाजपा का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री, हाथी अपनी चाल चलता है
'भाजपा का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री है', गोपाल भार्गव ने आलोचकों पर साधा निशाना
गोपाल भार्गव बोले- किसी से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं, कार्यकर्ता खुद को प्रधानमंत्री से कम न समझे
सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले की रहली विधानसभा से लगातार 9 बार विधायक रहे और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का एक बयान इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। रहली में आयोजित वीर दुर्गादास राठौर जयंती समारोह के दौरान मंच से संबोधित करते हुए भार्गव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता अपने आप को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से कम नहीं समझता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं कहते हैं कि पार्टी का हर कार्यकर्ता प्रधानमंत्री है। ऐसे में किसी से प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। भार्गव ने अपने संबोधन में विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि लोग तो भौंकते रहते हैं, लेकिन हाथी अपनी मस्त चाल चलता रहता है। उन्होंने कहा कि हाथी के पीछे कुत्ते लगे रहते हैं, लेकिन हाथी उनकी चिंता नहीं करता।
'भाजपा का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री है'
गोपाल भार्गव ने कहा कि भाजपा संगठन में कार्यकर्ता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता खुद को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से कम नहीं समझता। उन्होंने यह भी कहा कि देश में लोकतंत्र है और यहां सभी लोग बराबर हैं।
भार्गव के मुताबिक, कोई व्यक्ति सेवक के रूप में काम करता है तो कोई जनप्रतिनिधि के रूप में जनता की सेवा करता है। पद अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी भूमिका के लिए किसी दूसरे से प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं है। पार्टी का कार्यकर्ता अपने काम और संगठन के प्रति समर्पण से अपनी पहचान बनाता है।
'हाथी अपनी मस्त चाल चलता है'
अपने बयान के दौरान पूर्व मंत्री ने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग लगातार बोलते और आरोप लगाते रहते हैं, लेकिन उनसे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हाथी अपनी मस्त चाल चलता है और उसके पीछे चलने वाले कुत्तों की चिंता नहीं की जाती।
भार्गव ने इसी क्रम में कहा कि दो-चार चीटियां मिलकर गन्ने को नहीं खींच सकतीं। उनके इस बयान को राजनीतिक विरोधियों और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रही चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी भी तरह की टिप्पणी या विरोध से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है। जो लोग प्रयास कर रहे हैं, उनकी चिंता किए बिना अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।
निवास के बाहर चिपकाया गया था 'स्वघोषित मुख्यमंत्री' का पंपलेट
दरअसल, गोपाल भार्गव का यह बयान एक हालिया सोशल मीडिया वीडियो के बाद आया है। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति उनके गढ़ाकोटा स्थित निवास के बाहर सड़क पर लगे निवास बोर्ड पर एक पंपलेट चिपकाता दिखाई दिया था।
इस पंपलेट पर गोपाल भार्गव को लेकर 'स्वघोषित मुख्यमंत्री' लिखा गया था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
कार्यक्रम के दौरान जब एक व्यक्ति ने इसी वीडियो और पंपलेट का जिक्र किया, तब भार्गव ने अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने सीधे तौर पर किसी व्यक्ति का नाम लिए बिना कहा कि लोगों की बातों और टिप्पणियों की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
वीर दुर्गादास राठौर जयंती समारोह में दिया बयान
गोपाल भार्गव दो दिन पहले रहली में आयोजित वीर दुर्गादास राठौर जयंती समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। मंच से संबोधन के दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, लोकतंत्र और राजनीतिक विरोध को लेकर अपनी बात रखी।
इसी दौरान उनके बयान का वीडियो सामने आया और सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। भार्गव का बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उनके राजनीतिक भविष्य और मुख्यमंत्री पद को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं।
हालांकि, अपने संबोधन में भार्गव ने किसी पद की दावेदारी या मुख्यमंत्री बनने की इच्छा को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की। उन्होंने मुख्य रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान और संगठन में उनकी भूमिका पर जोर दिया।
राजनीतिक सफर में लंबा अनुभव
गोपाल भार्गव मध्यप्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वे सागर जिले की रहली विधानसभा सीट से लगातार 9 बार विधायक चुने जा चुके हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती है और वे मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण उनके बयानों पर अक्सर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा होती है। इस बार भी उनका 'हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री है' वाला बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया है।
बयान के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे
भार्गव के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ लोग इसे उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाला बयान मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे हाल में उनके नाम से जुड़े 'स्वघोषित मुख्यमंत्री' वाले पंपलेट विवाद का जवाब बता रहे हैं।
हालांकि, भार्गव ने अपने बयान में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया। उन्होंने केवल इतना संदेश दिया कि राजनीतिक जीवन में आलोचनाओं और टिप्पणियों को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है और कार्यकर्ताओं को अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने लोकतंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में सभी लोग बराबर हैं। कोई सेवक के रूप में काम करता है तो कोई जनप्रतिनिधि के तौर पर जिम्मेदारी निभाता है। उनके मुताबिक, पद से ज्यादा महत्वपूर्ण जनता और संगठन के प्रति जिम्मेदारी है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा
कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद गोपाल भार्गव का यह बयान तेजी से चर्चा में आ गया। खास तौर पर 'हाथी अपनी मस्त चाल चलता है' और 'कुत्तों की चिंता नहीं की जाती' जैसी उनकी टिप्पणियों को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल, भार्गव के बयान को लेकर भाजपा की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
गोपाल भार्गव ने अपने संबोधन के जरिए स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी का कार्यकर्ता किसी पद से छोटा नहीं है और उसे अपनी राजनीतिक पहचान के लिए किसी बाहरी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। उनके बयान में विरोधियों को नजरअंदाज करने और संगठन के कार्यकर्ताओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश भी दिखाई दिया।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस