बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 8 IAS अफसरों के तबादले, शहडोल, छतरपुर और बालाघाट को मिले नए कलेक्टर

मध्यप्रदेश में मंगलवार को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सरकार ने आठ आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। शहडोल, छतरपुर और बालाघाट समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव किया गया है।

बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 8 IAS अफसरों के तबादले, शहडोल, छतरपुर और बालाघाट को मिले नए कलेक्टर

सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार, 28 जुलाई को आदेश जारी कर आठ आईएएस अफसरों के तबादले और नई पदस्थाना की है। इसमें शहडोल, छतरपुर और बलाघाट के कलेक्टर बदले गए हैं, जबकि रतलाम कलेक्टर को भोपाल में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के आठ वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के तहत तीन जिलों—शहडोल, छतरपुर और बालाघाट—के कलेक्टर बदले गए हैं। वहीं रतलाम और मंदसौर के कलेक्टरों को भोपाल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके अलावा कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है।

इस फेरबदल को राज्य सरकार का महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है। इससे जिला प्रशासन के साथ-साथ कौशल विकास, खाद्य विभाग, कर्मचारी चयन मंडल और राज्य योजना आयोग जैसे अहम विभागों में भी बदलाव देखने को मिलेगा।

शहडोल, छतरपुर और बालाघाट में नए कलेक्टर

जारी आदेश के अनुसार, छतरपुर के कलेक्टर पार्थ जायसवाल को अब शहडोल का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। पार्थ जायसवाल अपने प्रशासनिक अनुभव और विकास कार्यों के लिए जाने जाते हैं। सरकार ने उन्हें अब आदिवासी बहुल शहडोल जिले की जिम्मेदारी सौंपी है।

वहीं बालाघाट के कलेक्टर मृणाल मीणा को छतरपुर जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है। मृणाल मीणा अब बुंदेलखंड क्षेत्र के महत्वपूर्ण जिले में प्रशासनिक नेतृत्व संभालेंगे।

इसी क्रम में ग्वालियर में अपर कलेक्टर रहे कुमार सत्यम को पहली बार बालाघाट जिले का कलेक्टर बनाया गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।

रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह को भोपाल में नई जिम्मेदारी

रतलाम की कलेक्टर रहीं मिशा सिंह का तबादला भोपाल कर दिया गया है। उन्हें अपर आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्य प्रदेश के कार्यालय में पदस्थ किया गया है। नगरीय विकास से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका अब महत्वपूर्ण रहेगी।

सरकारी आदेश में रतलाम जिले के नए कलेक्टर की घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि इस पद के लिए अलग से आदेश जारी किया जा सकता है।

अदिति गर्ग को कौशल विकास और रोजगार की बड़ी जिम्मेदारी

मंदसौर की कलेक्टर अदिति गर्ग को भी भोपाल बुलाकर महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं। उन्हें मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का परियोजना संचालक नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा उन्हें तीन अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी दी गई हैं। इनमें मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), संचालक रोजगार तथा एसएसआर ग्लोबल स्किल पार्क की मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार शामिल है।

सरकार का यह निर्णय प्रदेश में कौशल विकास, रोजगार सृजन और युवाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अंकित अस्थाना को कर्मचारी चयन मंडल का अतिरिक्त प्रभार

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग में उप सचिव के रूप में कार्यरत अंकित अस्थाना का तबादला सामान्य प्रशासन विभाग में किया गया है। उन्हें यहां उप सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है

इसके साथ ही सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है। कर्मचारी चयन मंडल राज्य में विभिन्न शासकीय भर्ती परीक्षाओं का संचालन करता है, इसलिए यह जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दिनेश जैन को खाद्य विभाग की जिम्मेदारी

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में अपर सचिव रहे दिनेश जैन को अब खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है।

उन्हें विकास आयुक्त सह आयुक्त सह संचालक, खाद्य के पद पर पदस्थ किया गया है। साथ ही खाद्य विभाग में अपर सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी उन्हें सौंपा गया है।

यह विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), राशन वितरण और खाद्यान्न प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़ा हुआ है।

स्वरोचिष सोमवंशी को अतिरिक्त दायित्व

आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में विकास आयुक्त सह आयुक्त के रूप में कार्यरत स्वरोचिष सोमवंशी को भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी गई हैं।

उन्हें वर्तमान दायित्वों के साथ राज्य योजना आयोग का सदस्य सचिव तथा अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान का संचालक नियुक्त किया गया है।

 

सरकार का मानना है कि नीति निर्माण और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में उनका अनुभव उपयोगी साबित होगा।

 

ऋषि गर्ग अतिरिक्त प्रभार से मुक्त

 

स्वरोचिष सोमवंशी के कार्यभार संभालने के बाद ऋषि गर्ग को राज्य योजना आयोग के सदस्य सचिव तथा अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया जाएगा।

 

यह बदलाव प्रशासनिक कार्यों के बेहतर विभाजन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसला

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार का यह फेरबदल केवल अधिकारियों के स्थानांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शासन के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई कार्यशैली और बेहतर समन्वय की उम्मीद की जा रही है।

जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति से विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में नई गति आने की संभावना है। वहीं भोपाल में पदस्थ किए गए अधिकारियों को कौशल विकास, नगरीय प्रशासन, खाद्य आपूर्ति और नीति निर्माण जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी देकर सरकार ने प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने का संकेत दिया है।

आने वाले दिनों में रतलाम सहित अन्य रिक्त पदों पर भी नए अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर अलग से आदेश जारी होने की संभावना जताई जा रही है। राज्य सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल पर अब सभी की निगाहें रहेंगी कि नए दायित्व संभालने वाले अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में किस प्रकार की कार्यशैली और परिणाम प्रस्तुत करते हैं।