मध्य प्रदेश पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 374 इंस्पेक्टर बने स्थायी डीएसपी, 12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के तबादले
मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया। प्रदेश के 265 पुलिस निरीक्षकों को डीएसपी पद पर पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही 12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (एएसपी) के तबादले भी किए गए हैं।
गृह विभाग द्वारा जारी ताजा आदेश के तहत सूबे के विभिन्न विंगों में तैनात सैकड़ों पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर्स) को पदोन्नत कर उप पुलिस अधीक्षक
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। गृह विभाग ने लोक सेवा पदोन्नति नियमों के तहत निरीक्षक (इंस्पेक्टर) और थाना प्रभारी (टीआई) स्तर के अधिकारियों को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) पद पर पदोन्नत करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय के तहत 374 निरीक्षकों को नियमित रूप से डीएसपी पद पर पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही राज्य शासन ने 12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर के अधिकारियों के तबादले भी किए हैं।
इस फैसले को पुलिस विभाग के लिए लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पदोन्नत अधिकारियों को एक माह के भीतर वेतन निर्धारण संबंधी विकल्प प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
374 अधिकारियों को मिला डीएसपी बनने का अवसर
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न संवर्गों में कार्यरत कुल 374 निरीक्षकों को डीएसपी स्तर पर पदोन्नत किया गया है। इनमें सबसे अधिक संख्या जिला पुलिस में कार्यरत निरीक्षकों की है।
पदोन्नत अधिकारियों में 261 जिला पुलिस निरीक्षक उप पुलिस अधीक्षक बनाए गए हैं। इसके अलावा विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के 54 निरीक्षकों को कंपनी कमांडर के पद पर पदोन्नति दी गई है।
इसी प्रकार 30 रक्षित निरीक्षक, 2 रेडियो निरीक्षक, 16 विशेष शाखा निरीक्षक, 2 निरीक्षक कार्यालय अधीक्षक (आर्म्स), 2 निरीक्षक अंगुली चिन्ह, 2 निरीक्षक शीघ्रलेखक कार्यालय अधीक्षक संवर्ग, 2 निरीक्षण एम कार्यालय अधीक्षक संवर्ग, 1 निरीक्षक फोटो संवर्ग तथा 2 निरीक्षक क्यूडी संवर्ग के अधिकारियों को भी डीएसपी पद पर पदोन्नत किया गया है।
एक माह में देना होगा वेतन निर्धारण विकल्प
गृह विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि पदोन्नत अधिकारी आदेश जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर वेतन निर्धारण (पे फिक्सेशन) संबंधी विकल्प प्रस्तुत करेंगे। समयसीमा के भीतर विकल्प नहीं देने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कार्यवाहक डीएसपी बने अधिकारी पहले की तरह करेंगे काम
पदोन्नति आदेश के साथ पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने एक अलग आदेश भी जारी किया है। स्पेशल डीजी (प्रशासन) आदर्श कटियार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिन अधिकारियों को वर्ष 2021 के प्रावधानों के तहत कार्यवाहक रूप से उच्च पद का प्रभार दिया गया था और जिन्हें इस बार नियमित पदोन्नति नहीं मिल सकी है, वे आगामी आदेश तक पहले की तरह कार्यवाहक पद पर कार्य करते रहेंगे।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कार्यवाहक व्यवस्था के तहत कार्यरत अधिकारियों को उच्च पद की वरिष्ठता अथवा नियमित वेतनमान का कोई अधिकार प्राप्त नहीं होगा। हालांकि जब तक वे उस पद पर कार्य करेंगे, तब तक उन्हें उसी पद की वर्दी धारण करने की अनुमति रहेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य विभागीय कार्यों की निरंतरता बनाए रखना तथा प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाना है।
लंबे समय से प्रतीक्षित थी पदोन्नति
पुलिस विभाग में निरीक्षक से डीएसपी पद पर पदोन्नति लंबे समय से लंबित थी। विभिन्न संवर्गों के अधिकारी वर्षों से नियमित पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब पदोन्नति आदेश जारी होने से बड़ी संख्या में अधिकारियों को स्थायी रूप से उच्च पद प्राप्त हुआ है, जिससे विभाग में रिक्त पदों की संख्या भी कम होगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित पदोन्नति मिलने से अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के तबादले
राज्य शासन ने पदोन्नति आदेश के साथ-साथ 12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों के स्थानांतरण भी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार—
रामदास प्रजापति (एआईजी, पीएचक्यू) को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीहोर बनाया गया।
मुकेश वैश्य (उपसेनानी, छठवीं वाहिनी एसएएफ जबलपुर) को एसपी पीटीएस रीवा पदस्थ किया गया।
प्रशांत चौबे (एएसपी विदिशा) को एएसपी सीहोर भेजा गया।
आकाश भूरिया (जोनल एसपी, विशेष शाखा उज्जैन) को एएसपी उज्जैन बनाया गया।
संजीव कुमार उइके (एएसपी शिवपुरी) को एआईजी, आईजी कार्यालय जबलपुर भेजा गया।
आशुतोष मिश्रा (उप सेनानी, छठवीं वाहिनी एसएएफ जबलपुर) को एएसपी रेल जबलपुर नियुक्त किया गया।
संजीव मुले (एआईजी, नर्मदापुरम आईजी कार्यालय) को एआईजी इंदौर देहात आईजी कार्यालय भेजा गया।
कमला रावत (एएसपी बैंड भोपाल) को उप सेनानी एसआईएसएफ द्वितीय वाहिनी सिंगरौली बनाया गया।
नरेश बाबू अन्नोटिया (एएसपी नगरीय पुलिस इंदौर) को एआईजी एसएएफ आईजी कार्यालय ग्वालियर पदस्थ किया गया।
भावना मरावी (एएसपी रेल जबलपुर) को एएसपी रीवा भेजा गया।
मोनिका तिवारी (उपसेनानी, छठवीं वाहिनी एसएएफ जबलपुर) को एएसपी विदिशा नियुक्त किया गया।
हेमंत चौहान (एएसपी रीवा) को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर पदस्थ किया गया।
प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसला
पुलिस विभाग में एक साथ बड़ी संख्या में पदोन्नति और तबादलों को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विभाग में रिक्त पद भरने के साथ-साथ विभिन्न जिलों और इकाइयों में अधिकारियों की नई तैनाती से कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद है। वहीं, कार्यवाहक अधिकारियों को यथावत बनाए रखने के फैसले से विभागीय कामकाज में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने की संभावना है।
माना जा रहा है कि आने वाले समय में इन आदेशों के बाद जिलों और पुलिस इकाइयों में नई पदस्थापनाओं का क्रम भी तेज होगा, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस