राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी, कोई भी पात्र परिवार भूखा नहीं सोएगा : खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत
भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को डिजिटल तकनीक से पारदर्शी बनाया गया है और सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार खाद्यान्न के अधिकार से वंचित न रहे।
राशन व्यवस्था में डिजिटल सुधार से बढ़ी पारदर्शिता, ‘आपका राशन-आपके द्वार’ योजना से घर तक पहुंच रहा खाद्यान्न”
भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला में बोले मंत्री, राशन व्यवस्था को बनाया जा रहा पारदर्शी और तकनीक आधारित
भोपाल। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) केवल गरीबों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह देश के जरूरतमंद, वंचित और कमजोर वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार देने वाला सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। यह बात मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।
राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में राज्य खाद्य आयोग एवं नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 : प्रगति, चुनौतियां और भविष्य की दिशा” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों के खाद्य आयोगों के अध्यक्ष, सदस्य सचिव, नीति विशेषज्ञ, अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब कल्याण के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार खाद्यान्न के अधिकार से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राशन बांटना नहीं, बल्कि हर पात्र हितग्राही तक उसका अधिकार समय पर, पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पहुंचाना है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम ने देश के करोड़ों परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान कर सामाजिक न्याय को मजबूत किया है।
राशन वितरण व्यवस्था में तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। अब खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कई डिजिटल सुधार किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि उचित मूल्य दुकानों को पीओएस मशीनों से जोड़ा गया है। हितग्राहियों का ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण, ऑनलाइन निगरानी और संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे राशन वितरण व्यवस्था अधिक विश्वसनीय और प्रभावी बनी है।
उन्होंने कहा कि अब खाद्यान्न वितरण केंद्र से लेकर उचित मूल्य दुकान तक और दुकान से उपभोक्ता तक राशन की जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इससे हितग्राही अपने राशन से जुड़ी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और आम नागरिकों का विश्वास सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बढ़ा है।
‘आपका राशन-आपके द्वार’ योजना से घर तक पहुंच रहा खाद्यान्न
खाद्य मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने जरूरतमंदों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नवाचार किए हैं। इनमें ‘आपका राशन-आपके द्वार’ योजना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत राशन वाहन गांवों तक पहुंचकर उपभोक्ताओं को खाद्यान्न उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सुविधा मिल रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में बुजुर्ग और विकलांग उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार किसी व्यक्ति को नामित कर सकते हैं, जो उनकी ओर से राशन प्राप्त कर सके। सरकार का प्रयास है कि किसी भी परिस्थिति में पात्र हितग्राही को राशन प्राप्त करने में परेशानी न हो।
भोजन, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से बनेगा विकसित मध्यप्रदेश
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश का सपना तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक नागरिक को भोजन, पोषण और सामाजिक सुरक्षा का अधिकार पूरी तरह सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल अनाज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, कुपोषण कम करने और सामाजिक समानता स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है और तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है।
समाज और सरकार की संयुक्त भागीदारी जरूरी
खाद्य मंत्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की कि वे पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि भूख मुक्त, कुपोषण मुक्त और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए सरकार और समाज दोनों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी से ही बड़े बदलाव संभव हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराए।
अन्य राज्यों की योजनाओं का अध्ययन करेगी अधिकारियों की टीम
कार्यशाला के दौरान मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अन्य राज्यों में संचालित बेहतर खाद्य सुरक्षा योजनाओं का अध्ययन कराएगी। इसके लिए अधिकारियों की एक टीम विभिन्न राज्यों का दौरा करेगी और वहां की सफल योजनाओं की जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के अच्छे प्रयासों को मध्यप्रदेश में लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को भी गंभीरता से लिया जाएगा और जरूरत के अनुसार योजनाओं में सुधार किए जाएंगे।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव और सुझाव
कार्यशाला में मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के सचिव श्री श्रीमन शुक्ला ने आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा के लिए यह कार्यशाला महत्वपूर्ण मंच है।
इस अवसर पर प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं नीति आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. रमेशचंद्र, मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कुमार मल्होत्रा, खाद्य आयुक्त भास्कर लक्षकार, डॉ. योगेश सूरी सहित नीति आयोग के अधिकारी और देश के विभिन्न राज्यों से आए खाद्य आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्य सचिव मौजूद रहे।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने, तकनीक के उपयोग को बढ़ाने और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने को लेकर अपने सुझाव रखे।
मध्यप्रदेश सरकार ने साफ किया है कि राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि हर पात्र व्यक्ति को समय पर उसका अधिकार मिले और प्रदेश में कोई भी परिवार भूखा न सोए।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस