लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की मदद

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के लखीसराय में भगदड़ के कारण हुई जानमाल की हानि से मैं व्यथित हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर करे घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं।

लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत; मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की मदद

बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी पर सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया

पटना। बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसे हालात बन गए। हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।

हादसे की जानकारी सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। पीएम ने कहा कि इस दुख की घड़ी में उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।

मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के निकटतम आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की मौत की खबर बेहद दुखद और मन को व्यथित करने वाली है। राज्य सरकार इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदना और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश

घटना के बाद सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि सरकार घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि हादसे में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। हादसे के कारणों और भगदड़ की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि घटना के समय मौके पर कितनी भीड़ थी और सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के क्या इंतजाम किए गए थे।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को उपचार उपलब्ध कराना और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित रखना है। हादसे के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है।