नर्मदापुरम की राइस मिल में दर्दनाक हादसा: मशीन की चपेट में आने से मजदूर का हाथ-पैर कटा, प्रशासन ने फैक्ट्री सील की
भगवती राइस मिल में 45 वर्षीय मजदूर महेश नामदेव मशीन की चपेट में आकर गंभीर घायल हो गया। उसका एक हाथ और एक पैर कट गया। भोपाल में इलाज जारी है। हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन को फैक्ट्री में प्रवेश नहीं मिला। अगले दिन टीम पहुंची तो जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं थे, जिसके बाद प्रशासन ने घटनास्थल सील कर दिया।
मोहासा राइस मिल में दर्दनाक हादसा: मशीन की चपेट में आने से मजदूर का हाथ-पैर कटा, प्रशासन ने फैक्ट्री सील की
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम संभाग के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में एक बार फिर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां स्थित भगवती राइस मिल में शनिवार शाम काम के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। मशीन की चपेट में आने से 45 वर्षीय मजदूर महेश नामदेव गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उसका एक हाथ और एक पैर कट गया। गंभीर हालत में उसे पहले स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज भोपाल के सागर हॉस्पिटल में चल रहा है।
घटना के बाद से राइस मिल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के करीब 24 घंटे बाद तक कंपनी की ओर से घटना को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। पुलिस और प्रशासन की टीम जब फैक्ट्री पहुंची तो जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इसके बाद प्रशासन ने घटनास्थल को सील कर दिया।
मशीन में फंस गया मजदूर
जानकारी के मुताबिक, महेश नामदेव मूल रूप से बिकोर गांव का रहने वाला है। वह फिलहाल माखननगर में रहकर भगवती राइस मिल में मजदूरी करता था। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे वह रोज की तरह मिल में काम कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक मशीन की चपेट में आ गया।
मशीन की चपेट में आने के बाद महेश बुरी तरह घायल हो गया। उसके साथी मजदूरों ने किसी तरह उसे मशीन से बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि उसका पैर मशीन के अंदर फंस गया था, जिसे काफी प्रयास के बाद बाहर निकाला गया।
हादसे के बाद मिल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। साथ काम करने वाले मजदूरों ने घायल महेश को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे भोपाल रेफर कर दिया।
भोपाल में चल रहा इलाज
गंभीर रूप से घायल महेश को भोपाल के सागर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हादसे में उसका एक हाथ और एक पैर कटने की जानकारी सामने आई है। उसकी स्थिति को गंभीर बताया जा रहा है।
घटना के बाद परिवार और परिचितों में चिंता का माहौल है। वहीं, यह सवाल भी उठ रहा है कि औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए कितने प्रभावी इंतजाम किए गए हैं और मशीनों के संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था।
पुलिस टीम को नहीं मिली फैक्ट्री में एंट्री
हादसे की सूचना मिलने के बाद माखननगर थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर शनिवार रात करीब 9 बजे भगवती राइस मिल पहुंचीं। पुलिस टीम ने घटना की जानकारी लेने और मौके का निरीक्षण करने का प्रयास किया, लेकिन बताया गया कि फैक्ट्री का गेट बंद था। पुलिस टीम अंदर नहीं जा सकी।
इस घटनाक्रम ने फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस के मुताबिक, हादसे की जानकारी मिलने के बावजूद प्रबंधन की ओर से थाने में तत्काल कोई अधिकृत सूचना नहीं दी गई थी।
रविवार को प्रशासन की टीम दोबारा पहुंची
रविवार को प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोबारा कार्रवाई की। नायब तहसीलदार, माखननगर थाना प्रभारी और श्रम विभाग की टीम भगवती राइस मिल पहुंची। टीम ने घटनास्थल का जायजा लेने और मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
बताया गया कि इस दौरान भी कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं मिला। इसके बाद प्रशासन ने घटनास्थल को सील कर दिया। अब संबंधित विभागों की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई या नहीं।
कंपनी के जीएम ने कहा- मैं छुट्टी पर हूं
घटना को लेकर कंपनी के प्रतिनिधि सुरेश यादव और जनरल मैनेजर से संपर्क करने का प्रयास किया गया। हालांकि, कंपनी की ओर से घटना पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। जनरल मैनेजर ने खुद के छुट्टी पर होने की बात कही।
वहीं, श्रम निरीक्षक से भी संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में घटना के कारणों, मजदूर की ड्यूटी और फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिलहाल आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
टीआई ने कहा- जांच जारी
माखननगर थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने बताया कि एक मजदूर के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से अभी तक थाने को कोई अधिकृत सूचना नहीं दी गई है। मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की जांच में यह देखा जा रहा है कि हादसा किस मशीन से हुआ, उस समय मजदूर किस काम में लगा था और फैक्ट्री में सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
तीन महीने पहले भी हुई थी मजदूर की मौत
मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन महीने पहले भी इसी औद्योगिक क्षेत्र में एक हादसे में मजदूर की मौत हो चुकी है।
दावत कंपनी के प्लॉट पर मिट्टी में दबने से मजदूर अतुल यादव की जान चली गई थी। उस हादसे के बाद भी श्रमिकों की सुरक्षा और श्रम विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे।
अब तीन महीने के भीतर इसी औद्योगिक क्षेत्र में एक और गंभीर हादसा सामने आने से औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर बहस शुरू हो गई है। सवाल यह है कि पिछले हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए गए और क्या उनकी प्रभावी निगरानी की गई।
मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
औद्योगिक इकाइयों में मशीनों के साथ काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और मशीनों की नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे हादसे सामने आने के बाद यह जांच जरूरी हो जाती है कि संबंधित इकाई में इन मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
महेश के साथ हुआ हादसा उसके परिवार के लिए बड़ा संकट बनकर सामने आया है। एक हाथ और पैर गंवाने के बाद उसके भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
फिलहाल प्रशासन ने घटनास्थल को सील कर दिया है और जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह, जिम्मेदारी और फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों के पालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही यह भी सामने आएगा कि कंपनी प्रबंधन की ओर से घटना की तत्काल सूचना संबंधित विभागों को क्यों नहीं दी गई।
मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे हादसों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि औद्योगिक विकास के साथ मजदूरों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभाग और फैक्ट्री प्रबंधन कितने गंभीर हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस