गांव से शहर तक CCTV की निगरानी, 2100 कैमरों से अपराध पर लगेगी लगाम
उरई जिले में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गांव से शहर तक 2100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें 2000 कैमरे ग्राम पंचायतों और 100 कैमरे सेफ सिटी मिशन के तहत शहर में स्थापित होंगे। सभी कैमरों की निगरानी पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कंट्रोल रूम से 24 घंटे की जाएगी।
ग्राम पंचायतों में लगेंगे 2000, शहर में 100 CCTV कैमरे
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से होगी 24 घंटे लाइव निगरानी
सेफ सिटी मिशन के तहत शहर की सुरक्षा होगी मजबूत
निजी CCTV फुटेज भी जांच में आएगी काम
उरई। जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस योजना के तहत गांव से लेकर शहर तक व्यापक स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ उनकी जांच और खुलासे में भी तेजी आएगी। योजना के अनुसार जिलेभर में कुल 2100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें 2000 कैमरे ग्राम पंचायतों में तथा 100 कैमरे शहर में सेफ सिटी मिशन के अंतर्गत स्थापित किए जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। चोरी, लूट, मारपीट, सड़क दुर्घटनाओं, अवैध गतिविधियों और अन्य आपराधिक घटनाओं की जांच पहले की तुलना में अधिक आसान और सटीक होगी। कैमरों से मिलने वाले फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य का काम करेंगे, जिससे अपराधियों तक शीघ्र पहुंचा जा सकेगा।
अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि जिले में सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जल्द ही पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम गांवों और शहरों में ऐसे प्रमुख स्थानों का चिन्हांकन करेगी, जहां कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें ग्राम पंचायत भवन, मुख्य चौराहे, बाजार, स्कूलों के आसपास, बस स्टैंड, प्रमुख सड़कें, धार्मिक स्थल और भीड़भाड़ वाले इलाके प्राथमिकता में रहेंगे।
उन्होंने बताया कि शहर में लगाए जाने वाले कैमरे सेफ सिटी मिशन के तहत आधुनिक तकनीक से लैस होंगे, जबकि ग्राम पंचायतों में लगाए जाने वाले कैमरों को भी एक केंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इन सभी कैमरों का नियंत्रण पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थापित होने वाले आधुनिक कंट्रोल रूम से किया जाएगा। यहां से पुलिसकर्मी 24 घंटे जिले की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
24 घंटे होगी निगरानी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिले में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। कंट्रोल रूम में तैनात पुलिसकर्मी कैमरों की लाइव फुटेज पर नजर रखेंगे। यदि कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि, कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका या किसी प्रकार की आपराधिक घटना दिखाई देती है तो तत्काल संबंधित थाना पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई कराई जाएगी। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
निजी कैमरों की फुटेज भी होगी उपयोगी
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शहर में पहले से लगे निजी सीसीटीवी कैमरों के संचालकों को भी अपनी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस उनसे फुटेज प्राप्त करेगी। कई बार अपराधी निजी प्रतिष्ठानों, मकानों या दुकानों के सामने से गुजरते हैं और वहां लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए नागरिकों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है।
सीमाओं पर भी रहेगी पैनी नजर
पुलिस प्रशासन जिले की सीमाओं को भी सीसीटीवी कैमरों से लैस करेगा। जिले में प्रवेश और निकास के प्रमुख मार्गों पर कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इससे पड़ोसी राज्यों, विशेषकर मध्य प्रदेश की ओर से होने वाली अवैध गतिविधियों और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। किसी भी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की पहचान कर तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी।
पंचायत और विधानसभा चुनाव में मिलेगी मदद
आने वाले पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी यह योजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। चुनाव के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरों की मदद से निगरानी रखी जाएगी। इससे मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने में सहायता मिलेगी। चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन को किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में वीडियो साक्ष्य उपलब्ध हो सकेंगे।
अपराधियों में रहेगा भय
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगने से अपराधियों के मन में भय पैदा होगा। कैमरों की मौजूदगी से चोरी, लूट, छेड़छाड़, तोड़फोड़ और अन्य अपराधों में कमी आने की संभावना है। कई राज्यों और शहरों में सीसीटीवी नेटवर्क के बेहतर परिणाम सामने आए हैं और अब उसी मॉडल को जिले में भी लागू किया जा रहा है।
स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
यह योजना स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुलिस न केवल अपराध होने के बाद उसकी जांच करेगी, बल्कि अपराध होने से पहले भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखकर उन्हें रोकने का प्रयास करेगी। इससे आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था दोनों मजबूत होंगी।
जनता से भी मांगा सहयोग
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चालू स्थिति में रखें तथा उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन का कहना है कि पुलिस और जनता के संयुक्त सहयोग से ही जिले को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाया जा सकता है।
जिले में 2100 सीसीटीवी कैमरों की यह योजना सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। गांवों से लेकर शहर तक एकीकृत निगरानी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी, अपराधियों पर शिकंजा कसना आसान होगा और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस