भोपाल का 'भूतिया' रेलवे स्टेशन अब होगा आबाद, 28 जुलाई से निशातपुरा स्टेशन पर शुरू होगी पैसेंजर सर्विस
भोपाल से सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 28 जुलाई से मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस अब भोपाल रेलवे स्टेशन की बजाय निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रुकेंगी।
भोपाल रेल मंडल के अनुसार प्रारंभिक चरण में मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का नियमित ठहराव निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रहेगा। इसके बाद इन दोनों ट्रेनों का स्टॉपेज भोपाल रेलवे स्टेशन पर समाप्त कर दिया जाएगा।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का निशातपुरा रेलवे स्टेशन पिछले तीन वर्षों से चर्चा का विषय बना हुआ था। आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के बावजूद यहां न तो ट्रेनें रुकती थीं और न ही यात्रियों की आवाजाही होती थी। दिन में वीरान और रात में घुप अंधेरे के कारण स्थानीय लोगों ने इसे 'भूतिया रेलवे स्टेशन' का नाम दे दिया था। सोशल मीडिया पर भी इस स्टेशन को लेकर तरह-तरह की कहानियां और वीडियो वायरल होते रहे। अब इस रहस्यमयी छवि पर विराम लगने जा रहा है, क्योंकि 28 जुलाई से निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर नियमित पैसेंजर सेवाएं शुरू होने जा रही हैं।
करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्टेशन जून 2023 में बनकर तैयार हो गया था। प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, एलईडी लाइटिंग, पेयजल, शौचालय और यात्रियों के बैठने जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन परिचालन शुरू नहीं होने के कारण स्टेशन लंबे समय तक खाली पड़ा रहा। रेलवे की तैयारियां पूरी होने के बावजूद प्रशासनिक और परिचालन संबंधी कारणों से यहां ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका।
वीरानी ने बना दिया 'भूतिया स्टेशन'
निशातपुरा रेलवे स्टेशन की सबसे बड़ी पहचान उसकी वीरानी बन गई थी। दिन में यहां गिने-चुने लोग ही दिखाई देते थे, जबकि रात के समय पूरा परिसर सुनसान रहता था। न रेलवे कर्मचारी, न यात्री और न ही ट्रेनों की आवाजाही होने के कारण स्टेशन का माहौल काफी डरावना नजर आता था। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा आम हो गई थी कि स्टेशन पर अजीब घटनाएं होती हैं। हालांकि इन दावों का कोई आधिकारिक आधार नहीं है, लेकिन वीरानी ने इस स्टेशन को 'भूतिया' की पहचान जरूर दिला दी।
पैरानॉर्मल एक्टिविटी के शौकीनों का ठिकाना
स्थानीय निवासी प्रेम प्रकाश का कहना है कि स्टेशन का निर्माण बेहद खूबसूरती से किया गया है, लेकिन रात में यहां जाने की हिम्मत बहुत कम लोग जुटा पाते हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक बंद रहने के कारण यहां अब ऐसे लोग पहुंचने लगे थे जो पैरानॉर्मल एक्टिविटी, भूत-प्रेत या रहस्यमयी स्थानों की तलाश में घूमते हैं। सोशल मीडिया पर भी कई कंटेंट क्रिएटर्स ने इस स्टेशन को लेकर वीडियो बनाए, जिससे इसकी 'भूतिया' छवि और मजबूत होती चली गई।
रेलवे ने कहा- अब खत्म होगी वीरानी
भोपाल रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) नवल अग्रवाल के अनुसार रेलवे विभाग की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। स्टेशन पर आवश्यक तकनीकी और यात्री सुविधाओं का काम पूरा कर लिया गया है। अब 28 जुलाई से यहां ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब स्टेशन पर ट्रेनें रुकेंगी, कर्मचारी तैनात होंगे और यात्रियों की आवाजाही शुरू होगी, तब अपने आप इस स्टेशन की वीरानी खत्म हो जाएगी।
मुख्य स्टेशन का कम होगा दबाव
रेलवे अधिकारियों के अनुसार निशातपुरा स्टेशन शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा भोपाल जंक्शन पर दिखाई देगा। वर्तमान में भोपाल रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 230 ट्रेनें गुजरती हैं और करीब 45 हजार यात्री यहां से सफर करते हैं। लगातार बढ़ते ट्रैफिक के कारण कई बार ट्रेनों के संचालन में देरी होती है।
निशातपुरा स्टेशन पर कुछ ट्रेनों का संचालन शुरू होने से मुख्य स्टेशन पर दबाव कम होगा। इससे इंजन बदलने जैसी प्रक्रियाओं में समय की बचत होगी और ट्रेनों का संचालन अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। रेलवे का मानना है कि इससे यात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी और समयपालन में सुधार होगा।
यात्रियों की बढ़ी चिंता
हालांकि स्टेशन शुरू होने की खबर के साथ कुछ यात्रियों की चिंता भी सामने आई है। विशेष रूप से मालवा एक्सप्रेस के मार्ग परिवर्तन के बाद वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का कहना है कि उन्हें अब निशातपुरा स्टेशन तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय और खर्च करना पड़ सकता है।
इसके अलावा छोला रोड, नादरा बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। ऐसे में यात्रियों को समय से पहले घर से निकलना होगा, ताकि वे ट्रेन न छूटने दें। कई यात्रियों ने स्टेशन तक सार्वजनिक परिवहन की बेहतर व्यवस्था की भी मांग की है।
एनएसजी-3 श्रेणी में शामिल
रेलवे ने निशातपुरा स्टेशन को एनएसजी-3 (NSG-3) श्रेणी में शामिल किया है। इस श्रेणी में आने के बाद स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा रहा है। पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, सूचना बोर्ड, सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाओं को अपग्रेड किया जा रहा है।
रेलवे का कहना है कि भविष्य में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ यहां और भी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्टेशन के आसपास पार्किंग, बेहतर पहुंच मार्ग और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर भी काम किया जाएगा।
भविष्य में बढ़ेंगी ट्रेनों की संख्या
फिलहाल 28 जुलाई से सीमित संख्या में ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा, लेकिन रेलवे की योजना भविष्य में यहां से अधिक ट्रेनों का संचालन करने की है। इससे भोपाल रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा और यात्रियों को वैकल्पिक स्टेशन की सुविधा भी मिलेगी। आने वाले समय में लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों का ठहराव भी यहां दिया जा सकता है।
स्थानीय लोगों में उत्साह
स्टेशन शुरू होने की खबर से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में उत्साह है। उनका मानना है कि स्टेशन चालू होने से इलाके का विकास तेज होगा। व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आसपास की जमीनों का मूल्य भी बढ़ सकता है। लंबे समय से बंद पड़े स्टेशन के कारण जो नकारात्मक छवि बनी थी, वह भी अब धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।
अब खत्म होगा 'भूतिया स्टेशन' का तमगा
करीब तीन साल तक वीरान रहने के कारण निशातपुरा रेलवे स्टेशन भोपाल में चर्चा का विषय बना रहा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के बावजूद यहां ट्रेनें नहीं रुकती थीं, जिससे यह स्टेशन लोगों के बीच रहस्य और रोमांच का केंद्र बन गया था। अब 28 जुलाई से पैसेंजर सेवाएं शुरू होने के बाद यहां यात्रियों की चहल-पहल लौटेगी। रेलवे को उम्मीद है कि इससे न केवल भोपाल जंक्शन का दबाव कम होगा, बल्कि यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक रेल सेवाएं भी मिलेंगी। लंबे समय से 'भूतिया रेलवे स्टेशन' कहलाने वाला निशातपुरा अब एक व्यस्त और सक्रिय रेलवे स्टेशन के रूप में अपनी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस