तिरंगा यात्रा में अचानक पलटी जीप, सड़क पर गिरे 3 कांग्रेसी नेता; महिला पार्षद के सिर में लगे 6 टांके

देवास जिले के कांटाफोड़ में सोमवार को कांग्रेस द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नेताओं और कार्यकर्ताओं से भरी एक खुली जीप का अगला हिस्सा अचानक हवा में उठ गया, जिससे कई लोग सड़क पर गिर पड़े।

तिरंगा यात्रा में अचानक पलटी जीप, सड़क पर गिरे 3 कांग्रेसी नेता; महिला पार्षद के सिर में लगे 6 टांके

देवास जिले के कांटाफोड़ में रविवार को कांग्रेस की किसान तिरंगा यात्रा के दौरान एक हादसा हो गया। नगर भ्रमण के दौरान नेताओं से भरी खुली जीप से तीन नेता संतुलन खोकर सड़क पर गिर गए। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। सोमवार को महिला पार्षद को इलाज के लिए इंदौर ले जाया गया है।

देवास। देवास जिले के कांटाफोड़ में सोमवार को कांग्रेस की ओर से निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नेताओं और कार्यकर्ताओं से भरी एक खुली जीप का अगला हिस्सा अचानक हवा में उठ गया। वाहन का संतुलन बिगड़ने के बाद जीप में सवार तीन लोग सड़क पर गिर गए। हादसे में महिला पार्षद प्रमिला सिरसोट भी घायल हो गईं। उनके सिर में गंभीर चोट आने पर सतवास के निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया, जहां डॉक्टरों ने सिर पर छह टांके लगाए। बाद में उन्हें आगे की जांच और सीटी स्कैन के लिए इंदौर रेफर किया गया।

यात्रा शुरू होते ही अचानक उठा जीप का अगला हिस्सा

जानकारी के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की ओर से कांटाफोड़ में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इसी दौरान कई लोग एक खुली जीप में सवार होकर यात्रा में आगे बढ़ रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जीप में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। यात्रा शुरू होने के कुछ ही समय बाद वाहन का अगला हिस्सा अचानक ऊपर उठ गया। जीप के अगले पहियों के सड़क से ऊपर उठते ही वाहन का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद पीछे की ओर बैठे कुछ लोग अपना संतुलन नहीं संभाल सके और सड़क पर जा गिरे।

हादसा अचानक होने के कारण मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल सड़क पर गिरे लोगों को उठाया और उनकी स्थिति देखी।

तीन लोग सड़क पर गिरे, महिला पार्षद को गंभीर चोट

हादसे में दो पुरुषों के साथ महिला पार्षद प्रमिला सिरसोट भी सड़क पर गिर गईं। गिरने के दौरान उनके सिर में चोट लग गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

प्रमिला सिरसोट के अनुसार सिर में चोट के अलावा उनकी पीठ और कमर में भी चोटें आई हैं। सतवास के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने उनके सिर की चोट पर छह टांके लगाए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर जांच के लिए इंदौर भेजने की सलाह दी।

इसके बाद उन्हें इंदौर रेफर किया गया, जहां उनकी आगे की जांच और सीटी स्कैन कराया जाना था। हादसे के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जानकारी ली।

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा समेत कई नेता जीप में थे सवार

तिरंगा यात्रा में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। बताया गया कि यात्रा के दौरान नेता और कार्यकर्ता खुली जीप में सवार होकर आगे बढ़ रहे थे।

जीप में अधिक संख्या में लोगों के सवार होने के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह और वाहन में सवार लोगों की संख्या को लेकर प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

हादसे के बाद कुछ समय के लिए यात्रा स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल बन गया। घायल लोगों को तत्काल उपचार दिलाया गया।

हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि खुली जीप सड़क पर आगे बढ़ रही है। अचानक जीप का अगला हिस्सा हवा में उठ जाता है। वाहन का संतुलन बिगड़ने के बाद पीछे की ओर बैठे लोग सड़क पर गिरते हुए दिखाई देते हैं।

वीडियो सामने आने के बाद यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। लोग राजनीतिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा इंतजामों और खुले वाहनों में लोगों को बैठाने के तरीके को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

ओवरलोडिंग से बढ़ता है हादसे का खतरा

खुले वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने पर वाहन का संतुलन प्रभावित हो सकता है। खासतौर पर जब किसी वाहन के पीछे अधिक वजन हो और वह अचानक गति पकड़ता है, तो उसके अगले हिस्से के ऊपर उठने का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। वाहन की क्षमता, उसमें सवार लोगों की संख्या और यात्रा के दौरान उनकी स्थिति पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है।

कांटाफोड़ की घटना ने भी इसी तरह के सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक यात्राओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों का पालन कितना जरूरी है, यह हादसा इसका उदाहरण बनकर सामने आया है।

मौके पर कार्यकर्ताओं ने संभाला मोर्चा

जीप का संतुलन बिगड़ने के बाद सड़क पर गिरे लोगों को आसपास मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत संभाला। हादसे के बाद किसी तरह की बड़ी अनहोनी न हो, इसके लिए लोगों को मौके से हटाया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

महिला पार्षद प्रमिला सिरसोट को पहले सतवास के निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां उनके सिर की चोट का उपचार किया गया और छह टांके लगाए गए। डॉक्टरों ने चोट की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच के लिए इंदौर भेजा।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हादसे के बाद राजनीतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तिरंगा यात्रा जैसे सार्वजनिक आयोजनों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होते हैं। ऐसे में वाहनों पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों का कहना है कि आयोजनों में वाहनों की क्षमता और सुरक्षा नियमों का ध्यान रखा जाना चाहिए। खासकर खुले वाहनों में यात्रा के दौरान सवार लोगों की संख्या नियंत्रित करना जरूरी है।

फिलहाल महिला पार्षद का उपचार जारी है। पुलिस और प्रशासन की ओर से भी घटना की जानकारी ली गई है। हादसे के कारणों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर आगे की स्थिति संबंधित जानकारी सामने आने के बाद स्पष्ट होगी।

कांटाफोड़ की तिरंगा यात्रा में हुआ यह हादसा बड़ा नुकसान होने से पहले ही थम गया। हालांकि महिला पार्षद के सिर में छह टांके लगने और उन्हें इंदौर रेफर किए जाने के बाद आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं।