दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस में फूट! अवधेश नायक नाराज, दिग्विजय सिंह ने मांगी माफी; बीजेपी में जाने की अटकलों से बढ़ी सियासी हलचल
अवधेश नायक के बीजेपी में जाने की अटकलों के बीच दिग्विजय सिंह ने उनसे माफी मांगी। अवधेश ने कहा कि 2023 में उनका टिकट कटवाया गया था, लेकिन फिलहाल वे बीजेपी के संपर्क में नहीं हैं। हालांकि उनकी बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से मुलाकात चर्चा में है।
भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक की नाराजगी ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में अवधेश नायक का टिकट कटवाने में उनकी भूमिका थी। इतना ही नहीं, उन्होंने नायक से माफी मांगते हुए कहा कि यदि उनके कारण अवधेश नायक का अपमान हुआ है तो वे उसके लिए क्षमा चाहते हैं।
दूसरी ओर अवधेश नायक ने भी दिग्विजय सिंह के बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि 2023 में उनका टिकट कटवाया गया था और इस बार उपचुनाव में भी टिकट की चर्चा के दौरान उन्हें वही बातें सुननी पड़ीं। इस घटनाक्रम ने दतिया की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है और कांग्रेस में फूट की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा उपचुनाव के लिए कुंवर घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अवधेश नायक पार्टी से नाराज चल रहे हैं। इसी बीच उनकी भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से बंद कमरे में हुई मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। हालांकि नायक ने भाजपा में शामिल होने की खबरों से फिलहाल इनकार किया है।
दिग्विजय सिंह ने स्वीकार की टिकट कटवाने की बात
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2023 में अवधेश नायक का टिकट कटवाने में उनकी भूमिका रही थी। उन्होंने कहा कि यदि उनके निर्णय से अवधेश नायक को ठेस पहुंची हो या उनका अपमान हुआ हो तो वे उसके लिए माफी चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टिकट नहीं मिलने के बावजूद अवधेश नायक ने पार्टी के लिए काम किया और चुनाव जिताने में सहयोग दिया, जिसकी वे सराहना करते हैं।
दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब दतिया उपचुनाव में कांग्रेस एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रही है, लेकिन संगठन के भीतर असंतोष लगातार सामने आ रहा है।
अवधेश नायक बोले— इस बार भी मेरा टिकट कटवाया गया
बंसल न्यूज से बातचीत में अवधेश नायक ने कहा कि यदि दिग्विजय सिंह ने स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने टिकट कटवाया था तो यह अच्छी बात है, लेकिन सच्चाई यह है कि पिछली बार भी टिकट उन्होंने ही कटवाया था और इस बार उपचुनाव में भी ऐसा ही हुआ।
उन्होंने बताया कि जब वे उपचुनाव के लिए टिकट मांगने दिग्विजय सिंह के पास पहुंचे तो उनसे कहा गया कि सर्वे में उनका नाम है, वे ईमानदारी से कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं और पिछली बार टिकट कटने के बाद भी उन्होंने धैर्य बनाए रखा। लेकिन साथ ही यह आशंका भी जताई गई कि वे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे हैं और कहीं जीतने के बाद भाजपा में शामिल न हो जाएं।
अवधेश नायक के अनुसार यही कारण बताया गया और अंततः उन्हें टिकट नहीं दिया गया।
चुनाव प्रचार से बनाई दूरी
टिकट नहीं मिलने के बाद अवधेश नायक ने कांग्रेस के चुनाव प्रचार से भी दूरी बना ली है। उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ आराम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौसम की भी गर्मी है और चुनाव की भी, इसलिए अभी वे सक्रिय चुनावी गतिविधियों से दूर हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव प्रचार से उनकी दूरी कांग्रेस के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है, क्योंकि दतिया क्षेत्र में उनका अपना प्रभाव और समर्थकों का मजबूत आधार माना जाता है।
बीजेपी में जाने की अटकलें तेज
इन सबके बीच अवधेश नायक की भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में हुई चर्चा के बाद यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि अवधेश नायक भाजपा का दामन थाम सकते हैं।
हालांकि नायक ने इन चर्चाओं को फिलहाल खारिज करते हुए कहा कि वे भाजपा के संपर्क में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी से उनकी मुलाकात केवल सौजन्य भेंट थी और इसका कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई निर्णय लिया जाएगा तो वह सार्वजनिक रूप से बताएंगे। फिलहाल भाजपा में शामिल होने जैसा कोई फैसला नहीं हुआ है।
कांग्रेस के लिए बढ़ी चुनौती
दतिया उपचुनाव पहले ही प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस के भीतर सामने आया असंतोष पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। अवधेश नायक जैसे प्रभावशाली नेता की नाराजगी का असर स्थानीय संगठन और वोट बैंक पर पड़ सकता है।
कांग्रेस नेतृत्व लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है, लेकिन टिकट वितरण को लेकर उठे विवाद ने इस दावे को कमजोर किया है। दिग्विजय सिंह की सार्वजनिक माफी को नुकसान की भरपाई की कोशिश माना जा रहा है।
बीजेपी भी रख रही नजर
दूसरी ओर भाजपा इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। अवधेश नायक की भाजपा नेताओं से मुलाकात ने कांग्रेस की चिंता और बढ़ा दी है। हालांकि अभी तक भाजपा की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यदि कांग्रेस के नाराज नेता पाला बदलते हैं तो इसका सीधा लाभ भाजपा को मिल सकता है।
उपचुनाव में समीकरण बदलने की आशंका
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। ऐसे में यदि कांग्रेस अपने नाराज नेताओं को मनाने में सफल नहीं होती तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या अवधेश नायक कांग्रेस में बने रहेंगे या आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेकर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा करेंगे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस