भाजपा की सभा में छलके नरोत्तम मिश्रा के आंसू, बोले- आशुतोष को जिताने हर घर के सामने शीश नवाऊंगा; पार्टी ने सब कुछ दिया, अब उनकी जीत के लिए प्राण झोंक दूंगा

मध्य प्रदेश के दतिया उपचनुाव में BJP के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन दाखिल करने के दौरान एक बेहद भावुक कर देने वाला नजारा सामने आया, जब बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भरे मंच पर कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए रो पड़े.

भाजपा की सभा में छलके नरोत्तम मिश्रा के आंसू, बोले- आशुतोष को जिताने हर घर के सामने शीश नवाऊंगा; पार्टी ने सब कुछ दिया, अब उनकी जीत के लिए प्राण झोंक दूंगा

मंच पर छलका नरोत्तम मिश्रा का दर्द, भाषण देते-देते आंखों से निकले आंसू

दतिया उपचुनाव: भाजपा की सभा में भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा, बोले- आशुतोष को जिताने हर घर के सामने शीश नवाऊंगा

दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा का चुनाव प्रचार अब पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। इसी क्रम में आयोजित एक विशाल चुनावी सभा में पूर्व गृह मंत्री और दतिया के पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा उस समय भावुक हो गए, जब वे भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। भाषण के दौरान पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा और आशुतोष तिवारी को जिताने के संकल्प का जिक्र करते हुए उनकी आंखें भर आईं। कुछ पल तक वे बोल नहीं सके और अपना संबोधन बीच में ही समाप्त कर मंच पर वापस बैठ गए। इस भावुक क्षण ने सभा में मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं को भी भावुक कर दिया।

सभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, कई मंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। मंच से नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है और दतिया उपचुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर कार्यकर्ता पूरी ताकत से मैदान में उतरेगा।

'पार्टी ने मुझे सब कुछ दिया, अब लौटाने का समय है'

अपने संबोधन में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा ने उन्हें जीवन में बहुत सम्मान दिया है। उन्होंने कहा,

"30 साल तक पार्टी ने विधायक बनाकर रखा, 15 साल तक मंत्री बनाकर रखा। इससे ज्यादा किसी कार्यकर्ता को और क्या चाहिए? अब मेरा कर्तव्य है कि पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को रिकॉर्ड मतों से जिताऊं।"

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि कोई भी कार्यकर्ता घर बैठने वाला नहीं है। वे स्वयं दतिया में डेरा डालेंगे और गांव-गांव जाकर चुनाव प्रचार करेंगे।

उन्होंने कहा,

"एक-एक कार्यकर्ता आशुतोष भइया के लिए प्राण झोंक देगा। कोई यह मुगालता न पाले कि कोई कार्यकर्ता घर बैठेगा। मैं स्वयं यहां डेरा जमाऊंगा, एक-एक गांव जाऊंगा, एक-एक दरवाजे पर अपना शीश नवाऊंगा और आशुतोष को जिताकर रहूंगा।"

इतना कहते-कहते नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वे कुछ क्षण के लिए रुक गए। इसके बाद उन्होंने अपना भाषण समाप्त कर दिया। मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित अन्य नेताओं ने उनका हौसला बढ़ाया।

'यह लड़ाई राजा और रंक की है'

अपने भाषण में नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव को वैचारिक लड़ाई बताते हुए कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह चुनाव "राजा और रंक" के बीच की लड़ाई है।

उन्होंने कहा,

"एक तरफ राजा हैं और दूसरी तरफ रंक आशुतोष तिवारी हैं, जिन्होंने बचपन से राष्ट्र सेवा का रास्ता चुना है। जनता तय करेगी कि सेवा की राजनीति चाहिए या अहंकार की।"

उन्होंने कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा,

"दिग्विजय जी कहते हैं कि हम 3000 वोट से हार गए तो अहंकारी हो गए। आप भोपाल से तीन लाख वोट से हार गए, तो क्या संस्कारी हो गए? जीतू पटवारी कहते हैं कि हम 3000 वोट से हारे तो अहंकारी हो गए, आप मऊ से 35 हजार वोट से हार गए तो क्या संस्कारी हो गए? अभी भी समय है, आशुतोष जी के सामने आ जाइए, मुकाबला कर लीजिए, सब पता चल जाएगा।"

भाजपा में फूट की चर्चाओं को बताया निराधार

नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा में कथित गुटबाजी और फूट की चर्चाओं को भी सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भाजपा पूरी तरह एकजुट होकर चुनाव लड़ रही है।

उन्होंने कहा,

"अगर हममें फूट होती तो क्या हम सब इस तरह एक साथ खड़े होते? कांग्रेस हमें एकता का पाठ पढ़ा रही है, जबकि उसकी अपनी स्थिति किसी से छिपी नहीं है। भाजपा का हर कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है।"

उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता आशुतोष तिवारी की जीत के लिए पूरी ताकत से जुटेगा और दतिया में भाजपा की जीत सुनिश्चित करेगा।

कांग्रेस पर विकास को लेकर हमला

नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 55 वर्षों के शासन में दतिया के विकास का एक बड़ा काम भी नहीं गिना सकती।

उन्होंने कहा,

"विकास के नाम पर केवल भाजपा जनता के बीच जा सकती है। कांग्रेस के पास बताने के लिए कुछ नहीं है।"

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा,

"जब मैं पहली बार दतिया आया था, तब यहां तांगे चलते थे। आज हवाई जहाज की सुविधा तक पहुंच गई है। यह बदलाव भाजपा सरकारों की देन है।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान प्रदेश में डाकुओं का आतंक था, लेकिन भाजपा सरकारों ने कानून व्यवस्था को मजबूत किया।

"20 साल पहले दिग्विजय सिंह की सरकार में डाकुओं का राज था। आज प्रदेश में एक भी चिन्हित डाकू गैंग नहीं बचा है।"

कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

सभा के दौरान नरोत्तम मिश्रा के भावुक होने के बाद कार्यकर्ताओं ने "नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद" और "भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद" के नारे लगाए। मंच पर मौजूद नेताओं ने भी तालियां बजाकर उनका समर्थन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कार्यकर्ताओं से भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

उपचुनाव में बढ़ा चुनावी तापमान

दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा जहां संगठन और सरकार के शीर्ष नेताओं के साथ चुनाव प्रचार कर रही है, वहीं कांग्रेस भी लगातार भाजपा पर हमलावर है। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा का भावुक संबोधन और आशुतोष तिवारी की जीत के लिए घर-घर जाने का संकल्प दतिया के चुनावी माहौल को और अधिक गर्माने वाला माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में यह भावनात्मक अपील मतदाताओं पर कितना असर छोड़ती है।