दतिया उपचुनाव: भाजपा की स्टार प्रचारकों की सूची जारी, मोहन-शिवराज-सिंधिया के साथ नरोत्तम मिश्रा भी मैदान में
दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची तैयार कर ली है। सूची में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम भी शामिल है, जिससे उनके चुनाव प्रचार में सक्रिय रहने के संकेत मिले हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा खुद प्रचार की अगुवाई कर रहे हैं। वहीं, दिल्ली की टीम से पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक को जिम्मेदारी दी गई है।
दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने अपने स्टार प्रचारकों की प्रस्तावित सूची तैयार कर राष्ट्रीय नेतृत्व को भेज दी है। इस सूची में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लेकर केंद्रीय मंत्रियों, वरिष्ठ प्रदेश नेताओं और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा तक को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि टिकट नहीं मिलने के बाद चर्चाओं में रहे डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भी प्रचार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठन में उनकी भूमिका अभी भी अहम बनी हुई है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ओर से तैयार की गई इस सूची में चुनाव प्रचार का नेतृत्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उनके साथ केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक भी दतिया में जनसभाओं, रोड शो और विभिन्न चुनावी कार्यक्रमों में भाग लेंगे। पार्टी का प्रयास है कि शीर्ष नेतृत्व की सक्रिय मौजूदगी से चुनाव प्रचार को गति मिले और कार्यकर्ताओं का उत्साह भी बढ़े।
प्रदेश स्तर के नेताओं में दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल को भी प्रचार अभियान में अहम जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा वरिष्ठ मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह भी विभिन्न क्षेत्रों में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। भाजपा संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों को भी अलग-अलग मंडलों और बूथों पर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पार्टी का लक्ष्य है कि दतिया विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक हिस्से में प्रभावी जनसंपर्क अभियान चलाया जाए।
नरोत्तम मिश्रा के नाम पर सबसे ज्यादा चर्चा
स्टार प्रचारकों की सूची में सबसे अधिक चर्चा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नाम को लेकर हो रही है। लंबे समय तक दतिया की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे डॉ. मिश्रा को इस बार पार्टी ने विधानसभा उपचुनाव का टिकट नहीं दिया। टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी सामने आई थी और स्थानीय स्तर पर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई थीं।
हालांकि भाजपा नेतृत्व ने समय रहते स्थिति को संभालने की कोशिश की। वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. मिश्रा से लगातार संवाद बनाए रखा और कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई नेताओं ने भी सार्वजनिक रूप से संगठन की एकजुटता पर जोर दिया। अब स्टार प्रचारकों की सूची में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम शामिल होने से यह स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका देना चाहती है और संगठन किसी भी तरह के मतभेद की छवि नहीं बनने देना चाहता।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया क्षेत्र में डॉ. मिश्रा का मजबूत जनाधार और संगठन पर उनकी पकड़ भाजपा के लिए चुनाव में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। ऐसे में उनका प्रचार अभियान में उतरना पार्टी प्रत्याशी के लिए लाभदायक माना जा रहा है।
आशुतोष तिवारी पर भाजपा का भरोसा
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया है। पार्टी का मानना है कि संगठन और सरकार दोनों का समर्थन मिलने से आशुतोष तिवारी चुनावी मुकाबले में मजबूत स्थिति में रहेंगे। भाजपा ने बूथ स्तर तक चुनावी रणनीति तैयार कर ली है और स्टार प्रचारकों के माध्यम से पूरे विधानसभा क्षेत्र में माहौल बनाने की योजना बनाई है।
पार्टी की रणनीति केवल बड़ी जनसभाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर पर भी व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए संगठन के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।
कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर खेला दांव
भाजपा के मुकाबले कांग्रेस ने दतिया राजघराने से जुड़े घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न मानते हुए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पार्टी के वरिष्ठ नेता भी चुनाव प्रचार में सक्रिय रहेंगे और स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ सरकार की नीतियों को लेकर भाजपा को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
दतिया का चुनाव इस बार इसलिए भी दिलचस्प माना जा रहा है क्योंकि मुकाबला दो अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव वाले चेहरों के बीच है। एक ओर भाजपा संगठन की ताकत और सरकार के विकास कार्यों को मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस स्थानीय समीकरणों और जनभावनाओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है।
नामांकन का अंतिम दिन आज
सोमवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह दोनों आज अपने-अपने समर्थकों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान दोनों दल शक्ति प्रदर्शन भी करेंगे।
नामांकन के बाद चुनाव प्रचार पूरी तरह से गति पकड़ लेगा। आगामी दिनों में मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं की जनसभाओं का कार्यक्रम तय किया जाएगा। राजनीतिक दल घर-घर संपर्क, रोड शो, नुक्कड़ सभाओं और सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश करेंगे।
भाजपा का एकजुटता का संदेश
भाजपा के लिए इस उपचुनाव में केवल सीट जीतना ही नहीं, बल्कि संगठन की एकजुटता का संदेश देना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टिकट वितरण के बाद पैदा हुई नाराजगी को शांत करने के लिए पार्टी लगातार प्रयास करती रही है। स्टार प्रचारकों की सूची में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को प्रमुख स्थान देना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता एक मंच पर दिखाई देते हैं तो इससे कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश जाएगा और विपक्ष को भी किसी प्रकार के मतभेद का मुद्दा उठाने का अवसर कम मिलेगा।
30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को परिणाम
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही दोनों प्रमुख दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आने वाले दिनों में दतिया का राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस दोनों इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकने जा रही हैं।

प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस