दतिया उपचुनाव: दोपहर 1 बजे तक 50% से अधिक मतदान, बारिश-उमस के बीच वोटिंग जारी; BJP-कांग्रेस ने किया जीत का दावा
दतिया उपचुनाव में सुबह 16.33% मतदान दर्ज हुआ है. लखनपुर गांव में सड़क मांग को लेकर ग्रामीणों ने बहिष्कार किया. भाजपा-कांग्रेस दोनों ने जीत का दावा किया.
दतिया के उपचुनाव में मतदान हो रहा है। दोपहर एक बजे तक 50.26 फीसदी मतदान हो चुका है। सुबह 11 बजे तक 32.53% मतदान हुआ था। वहीं सुबह 9 बजे तक 12.94 प्रतिशत मतदान था।
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में मतदाताओं का उत्साह देखने को मिल रहा है। गुरुवार को सुबह 7 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया दोपहर 1 बजे तक 50 प्रतिशत से अधिक मतदान के साथ आगे बढ़ी। हल्की बारिश और उसके बाद तेज धूप के कारण उमस बढ़ने के बावजूद मतदाता लगातार मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। प्रशासन के अनुसार मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और सभी 291 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
मतदान शुरू होने से पहले कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़े उपकरणों में तकनीकी खराबी सामने आई। हालांकि निर्वाचन अधिकारियों ने समय रहते खराब उपकरणों को बदलकर मतदान निर्धारित समय पर शुरू करा दिया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि मॉक पोल के दौरान सभी राजनीतिक दलों के एजेंटों और कैमरों की मौजूदगी में खराब मशीनों को बदला गया, जिससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई।
प्रशासन के मुताबिक मतदान केंद्र क्रमांक 186 पर वीवीपैट, केंद्र क्रमांक 108 पर बैलेटिंग यूनिट (BU) और केंद्र क्रमांक 290 पर कंट्रोल यूनिट (CU) में तकनीकी समस्या आई थी। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार तत्काल नई मशीनें लगाई गईं और मतदान समय पर प्रारंभ कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई।
इस बीच बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों ने "सड़क नहीं तो वोट नहीं" के नारे लगाए और मुख्य सड़क बनने तक मतदान नहीं करने का निर्णय लिया। सूचना मिलने पर एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें मतदान के महत्व के बारे में समझाया। प्रशासन के आश्वासन के बाद करीब 50 ग्रामीण मतदान केंद्र पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस घटना ने स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों को भी चुनाव के केंद्र में ला दिया।
मतदान के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपनी-अपनी जीत के दावे किए। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने मतदान करने के बाद कहा कि जनता इस चुनाव में भाजपा के अहंकार को करारा जवाब देगी और कांग्रेस ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बसई क्षेत्र में कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को बूथ के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया, जिसकी शिकायत निर्वाचन अधिकारियों से की गई है। उन्होंने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की मांग भी की।
वहीं भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले मां पीतांबरा पीठ में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने दतिया के विकास, युवाओं को रोजगार और भयमुक्त वातावरण की कामना की। इसके बाद उन्होंने मतदान केंद्र क्रमांक 158 पहुंचकर पार्टी के पोलिंग एजेंटों से मुलाकात की और मतदान व्यवस्था का जायजा लिया। आशुतोष तिवारी ने दावा किया कि दतिया की जनता विकास और सुशासन के पक्ष में मतदान कर रही है तथा भाजपा को भारी समर्थन मिलेगा।
चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मतदान प्रक्रिया की निगरानी सीसीटीवी कैमरों, वेबकास्टिंग और माइक्रो ऑब्जर्वर के माध्यम से की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार अब तक कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कुल 2 लाख 20 हजार 400 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिला और युवा मतदाता भी शामिल हैं। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। दोपहर में मौसम बदलने के बावजूद मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ और लोग लगातार मतदान केंद्रों पर पहुंचते रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके परिणामों का असर प्रदेश की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है। यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी और मतदान के दिन भी दोनों दलों के नेता लगातार कार्यकर्ताओं के संपर्क में बने रहे।
प्रशासन ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक मतदाता की भागीदारी आवश्यक है। शाम तक मतदान प्रतिशत और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अब सभी की नजर मतदान समाप्त होने और इसके बाद होने वाली मतगणना पर रहेगी, जहां यह तय होगा कि दतिया की जनता ने विकास, स्थानीय मुद्दों या राजनीतिक समीकरणों में किसे प्राथमिकता दी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस