जालौन में स्लीपर बस से लाखों के माल की खेप पकड़ी गई, जीएसटी चोरी की आशंका; एआरटीओ की कार्रवाई से मचा हड़कंप

जालौन में एआरटीओ की वाहन चेकिंग के दौरान दिल्ली से आ रही एक स्लीपर बस से बड़ी मात्रा में संदिग्ध माल बरामद हुआ। कई सामानों के वैध बिल और ई-वे बिल मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद जीएसटी चोरी की आशंका पर जीएसटी विभाग को बुलाया गया। फिलहाल विभाग दस्तावेजों की जांच कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही कर चोरी की पुष्टि होगी।

जालौन में स्लीपर बस से लाखों के माल की खेप पकड़ी गई, जीएसटी चोरी की आशंका; एआरटीओ की कार्रवाई से मचा हड़कंप

एआरटीओ की चेकिंग में खुला बड़ा खेल, स्लीपर बस से बिना दस्तावेज लाखों का माल बरामद

दिल्ली से उरई आ रही बस पर कार्रवाई, जीएसटी टीम ने शुरू की जांच

स्लीपर बस बनी टैक्स चोरी का जरिया? जालौन में बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

उरई। जालौन जनपद में परिवहन विभाग की सघन वाहन चेकिंग के दौरान कथित जीएसटी चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। दिल्ली से उरई आ रही एक स्लीपर बस से बड़ी मात्रा में ऐसा माल बरामद हुआ, जिसके संबंध में मौके पर वैध कर संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल जीएसटी विभाग को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कर चोरी की पुष्टि हो सकेगी।

जानकारी के अनुसार, एआरटीओ राजेश कुमार नियमित वाहन चेकिंग अभियान के तहत क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली से आ रही शताब्दी/राज कल्पना नेटवर्क की स्लीपर बस (नंबर BR-32 PA-8676) को रोककर जांच की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बस पर पहले से लंबित चालान भी दर्ज था। नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए बस को कोतवाली जालौन में खड़ा कराया गया और उसकी विस्तृत तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान बस से बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रकार का व्यावसायिक माल बरामद हुआ। जब अधिकारियों ने माल के स्वामियों या बस कर्मचारियों से बिल, ई-वे बिल और अन्य आवश्यक कर संबंधी दस्तावेज मांगे तो कई सामानों के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इससे अधिकारियों को जीएसटी चोरी की आशंका हुई।

मामले की सूचना मिलते ही जीएसटी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और माल की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने बरामद सामान की सूची तैयार की तथा उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान किया। जिन सामानों के दस्तावेज नहीं मिले, उनकी अलग से जांच की जा रही है। जीएसटी विभाग का कहना है कि सभी दस्तावेजों की जांच और संबंधित व्यापारियों से पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में कर चोरी हुई है या नहीं।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से उरई आने वाली कुछ बसों के माध्यम से लंबे समय से बड़े पैमाने पर व्यावसायिक माल लाए जाने की शिकायतें मिलती रही हैं। आरोप है कि कई बार माल बिना उचित बिल और ई-वे बिल के बसों में भेजा जाता है, जिससे सरकार को जीएसटी राजस्व का नुकसान होता है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच दिल्ली से आने वाली कई बसें शहर के अलग-अलग स्थानों पर रुकती हैं और वहां से माल उतारकर विभिन्न व्यापारियों तक पहुंचाया जाता है।

हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ताजा कार्रवाई के बाद इस पूरे नेटवर्क की जांच की मांग तेज हो गई है। व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों का कहना है कि यदि बसों के माध्यम से लगातार बिना दस्तावेजों के माल लाया जा रहा है तो इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए, ताकि कर चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वाहन चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों, बिना दस्तावेज माल ढोने वालों तथा कर चोरी में शामिल पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं जीएसटी विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद यदि कर चोरी की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यापारियों, परिवहनकर्ताओं और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ जीएसटी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल बरामद माल, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित पक्षों से पूछताछ के आधार पर जांच जारी है। इस कार्रवाई से जिले में बिना वैध दस्तावेजों के माल परिवहन करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारी इसे कर चोरी के खिलाफ अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रहे हैं और भविष्य में भी ऐसी संयुक्त कार्रवाई जारी रखने की बात कह रहे हैं।