वन महोत्सव का शुभारंभ: “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के साथ उरई में हरियाली का संदेश

उरई में राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में वन महोत्सव का शुभारंभ “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने पौधरोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल करने की अपील की।

वन महोत्सव का शुभारंभ: “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के साथ उरई में हरियाली का संदेश

वन महोत्सव का शुभारंभ “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के साथ उरई में हरियाली का संदेश

राजकीय इंटर कॉलेज में हुआ कार्यक्रम का आयोजन

जिलाधिकारी ने किया पौधरोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

उरई। जनपद में वन महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ आज राजकीय इंटर कॉलेज, उरई परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच किया गया। इस अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने पौधरोपण कर किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्षा ऋतु पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है, इसलिए सभी लोग इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अधिक से अधिक पौधे लगाएं।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में विशेष रूप से छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपने घर, विद्यालय और आसपास के खाली स्थानों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल करें। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे वृक्ष बनने तक संरक्षण देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी कहा कि वे विद्यालय आते-जाते समय अपने द्वारा लगाए गए पौधों को पानी देने की आदत डालें ताकि वे सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें।

उन्होंने आगे कहा कि पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं। ये न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वर्षा चक्र को नियमित करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम आज पौधरोपण और संरक्षण नहीं करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।

इस अवसर पर सभी उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। शपथ में सभी ने यह संकल्प लिया कि वे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधे लगाएंगे और उन्हें अपनी मां के सम्मान तथा धरती माता को हरा-भरा बनाने के लिए संरक्षित करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव ने “आम बहार आपके द्वार” मिशन के अंतर्गत छायादार एवं फलदार आम के पौधों का वितरण किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को उपयोगी पौधे उपलब्ध कराना और उन्हें पौधरोपण के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि फलदार पौधों के रोपण से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को आर्थिक एवं पोषण संबंधी लाभ भी प्राप्त होंगे।

वनाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 के वर्षाकाल में पूरे प्रदेश में 40 करोड़ पौधों के रोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य तभी सफल हो सकता है जब प्रत्येक नागरिक इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाकर ही न रुकें, बल्कि उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने स्वयं पौधरोपण कर अभियान को गति देने का संदेश दिया।

अधिकारियों ने कहा कि वन महोत्सव केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और तापमान को देखते हुए हर नागरिक का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाए और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में योगदान दे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने पौधे लगाकर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान विद्यालय परिसर में हरियाली और उत्साह का विशेष वातावरण देखने को मिला।

वन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के पौधे वितरित किए गए, जिनमें छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधे शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी और संरक्षण के लिए विशेष व्यवस्था भी की जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे न केवल पौधे लगाएंगे बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर पर्यावरण को लाभ पहुंचाएं।

इस प्रकार वन महोत्सव का यह शुभारंभ न केवल एक औपचारिक आयोजन रहा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत जनआंदोलन के रूप में सामने आया, जिसमें प्रशासन, शिक्षा विभाग और आम नागरिकों की संयुक्त भागीदारी देखने को मिली।