मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: महिलाओं, किसानों और विकास योजनाओं को बड़ी सौगात, 1.46 लाख करोड़ के कार्यों को मंजूरी

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बच्चों की खेल प्रतिभा तलाशने के लिए टैलेंट सर्च कार्यक्रम, नर्मदा नदी को निर्मल और अविरल बनाने के लिए नमन मिशन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 492.84 करोड़ रुपये की स्वीकृति और महिलाओं के लिए चार वर्किंग हॉस्टल बनाने जैसे फैसले लिए गए। इसके अलावा MP रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में 35 नए पदों को भी मंजूरी दी गई।

मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: महिलाओं, किसानों और विकास योजनाओं को बड़ी सौगात, 1.46 लाख करोड़ के कार्यों को मंजूरी

मोहन कैबिनेट की बैठक संपन्न

बैठक में कई महत्वपूर्ण के प्रस्ताव को मिली हरी झंडी

प्रदेश PWD मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की दी जानकारी 

भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को मंत्रालय में कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, नर्मदा संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सड़क विकास और खेल प्रतिभाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी PWD मंत्री राकेश सिंह ने दी। सरकार के अनुसार प्रदेश में विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए कुल 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

बैठक में सरकार ने कई प्रमुख योजनाओं के लिए अगले पांच वर्षों का वित्तीय प्रावधान तय किया। इनमें लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रमुख हैं। इन तीनों योजनाओं के लिए कुल मिलाकर 1.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य, कृषि शिक्षा, अनुसंधान, विज्ञान एवं तकनीक तथा सड़क विकास के लिए भी बड़ी राशि मंजूर की गई।

लाड़ली बहना योजना के लिए 1.14 लाख करोड़

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली लाड़ली बहना योजना को कैबिनेट ने बड़ा वित्तीय आधार दिया है। अगले पांच वर्षों के लिए योजना के तहत 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश सरकार की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके माध्यम से पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। पांच वर्षों के लिए राशि का प्रावधान किए जाने से योजना के आगामी संचालन के लिए बजटीय व्यवस्था स्पष्ट होगी। योजना की पात्रता, भुगतान या अन्य नियमों में भविष्य में किसी तरह का बदलाव होने पर सरकार की ओर से अलग से जानकारी जारी की जाएगी।

लाड़ली लक्ष्मी योजना को 16,326 करोड़

बेटियों के भविष्य और शिक्षा को मजबूत आधार देने वाली लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए भी अगले पांच वर्षों के लिए 16 हजार 326 करोड़ रुपये का प्रावधान मंजूर किया गया है।

योजना का उद्देश्य बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और उनके शिक्षा एवं भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। कैबिनेट के इस निर्णय से आने वाले वर्षों में योजना से जुड़े खर्चों के लिए बजट उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया गया है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 2,137 करोड़

महिलाओं और मातृत्व से जुड़ी योजनाओं में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को भी वित्तीय समर्थन दिया गया है। अगले पांच वर्षों के लिए इसके लिए 2,137 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

यह योजना निर्धारित शर्तों के तहत गर्भवती और धात्री महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने से जुड़ी है। मध्यप्रदेश में योजना के संचालन और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के लिए स्वीकृत राशि का इस्तेमाल निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।

तीन प्रमुख महिला योजनाओं के लिए 1.32 लाख करोड़ से ज्यादा

लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए मंजूर राशि को मिलाकर आंकड़ा 1.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। इससे साफ है कि सरकार ने महिला कल्याण, बेटियों के भविष्य और मातृत्व सहायता को अगले पांच वर्षों के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 11,835 करोड़ रुपये

कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र को भी महत्वपूर्ण वित्तीय समर्थन दिया गया। स्वास्थ्य योजनाओं और संबंधित कार्यों के लिए 11 हजार 835 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकार का फोकस प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, मौजूदा सुविधाओं के विस्तार और संबंधित योजनाओं के प्रभावी संचालन पर है। स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं के तहत किया जाएगा।

कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार के लिए 870 करोड़

किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया। कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के लिए 870 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

इस राशि का उपयोग कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों, अनुसंधान, प्रशिक्षण और किसानों तक उपयोगी तकनीकी जानकारी पहुंचाने से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और शोध से जोड़कर किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

नर्मदा संरक्षण के लिए बनेगा 'नमन मिशन'

कैबिनेट का सबसे अहम फैसला मां नर्मदा के संरक्षण से जुड़ा रहा। सरकार ने नर्मदा नदी को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के उद्देश्य से 'नमन मिशन' के गठन को मंजूरी दी है।

मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का राज्य अनुदान दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके तहत नर्मदा जल की स्वच्छता, प्रदूषण की रोकथाम और घाटों की साफ-सफाई जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सरकार की योजना केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है। नर्मदा के प्राकृतिक प्रवाह, जल गुणवत्ता और पर्यावरणीय स्थिति को बेहतर बनाए रखने के लिए भी समन्वित प्रयास किए जाएंगे।

नर्मदा के घाटों और जल गुणवत्ता पर विशेष फोकस

नर्मदा मध्यप्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से गहराई से जुड़ी नदी है। ऐसे में 'नमन मिशन' के जरिए नदी संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को एक समन्वित ढांचे में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रदूषण की रोकथाम, घाटों की सफाई, जल गुणवत्ता और प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना मिशन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रहेगा। मिशन के तहत भविष्य में किन क्षेत्रों में कौन-कौन से काम किए जाएंगे, इसका विस्तृत स्वरूप संबंधित विभागों की कार्ययोजना के आधार पर सामने आएगा।

सड़क विकास निगम में 35 नए पद मंजूर

प्रदेश में सड़क परियोजनाओं के प्रबंधन को मजबूत करने के लिए सड़क विकास निगम में 35 नए पदों को मंजूरी दी गई है।

नए पदों से निगम में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। प्रदेश में सड़क परियोजनाओं के विस्तार और उनके प्रबंधन से जुड़े कामों को देखते हुए इसे प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने वाला फैसला माना जा रहा है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए 492 करोड़ से ज्यादा

मध्यप्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए भी बड़ा वित्तीय प्रावधान किया गया है। अगले पांच वर्षों के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित योजनाओं के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है।

सरकार का जोर तकनीकी विकास, नई तकनीकों के इस्तेमाल, नवाचार और विज्ञान आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर रहेगा। इससे प्रदेश में तकनीकी क्षमता विकसित करने और अनुसंधान एवं नवाचार को गति देने की कोशिश की जाएगी।

5 से 15 साल के बच्चों का होगा टैलेंट सर्च

खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों के बीच टैलेंट सर्च कार्यक्रम चलाने की योजना पर भी कैबिनेट में चर्चा हुई।

इस कार्यक्रम के जरिए कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जाएगी। चयनित बच्चों को उनकी खेल प्रतिभा के अनुसार प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की शुरुआती स्तर पर पहचान कर उन्हें बेहतर मंच देना है।

डिंडौरी पीएम धन-धान्य कृषि योजना में देश में नंबर वन

कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से जुड़ी डिंडौरी जिले की उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया। जानकारी के अनुसार डिंडौरी इस योजना के तहत किए गए कार्यों के मामले में देश में पहले स्थान पर रहा है।

सरकार अब डिंडौरी मॉडल को प्रदेश के दूसरे जिलों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इस मॉडल की रणनीतियों और व्यवस्थाओं को अपनाकर कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करने का प्रयास किया जाएगा।

किसानों तक तकनीक और योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर

डिंडौरी की उपलब्धि को दूसरे जिलों के लिए उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाने का है।

इसके लिए कृषि विभाग और संबंधित संस्थानों के माध्यम से सफल मॉडल को दूसरे क्षेत्रों में लागू करने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।

पीएम मोदी के संकल्पों को पूरा करने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से लिए गए संकल्पों को पूरा करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनका लाभ आम जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया।

सरकार का कहना है कि विकास योजनाओं के साथ जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करना प्राथमिकता रहेगी।

महिला कल्याण से लेकर विकास तक बड़ा वित्तीय रोडमैप

18 अगस्त की कैबिनेट बैठक के फैसलों को देखें तो सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए कई क्षेत्रों को वित्तीय आधार देने की कोशिश की है। महिला कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, नर्मदा संरक्षण, विज्ञान एवं तकनीक, सड़क विकास और खेल को लेकर अलग-अलग फैसले किए गए हैं।

सबसे बड़ा वित्तीय प्रावधान लाड़ली बहना योजना के लिए किया गया है। वहीं लाड़ली लक्ष्मी और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को भी बड़ी राशि दी गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 11,835 करोड़ और कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए 870 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

नर्मदा संरक्षण के लिए 'नमन मिशन' का गठन और 100 करोड़ रुपये का राज्य अनुदान नदी संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दूसरी ओर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी प्रदेश में तकनीकी विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है।

कुल मिलाकर, मोहन यादव सरकार की 18 अगस्त की कैबिनेट बैठक में महिलाओं, किसानों, युवाओं, स्वास्थ्य, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे को केंद्र में रखते हुए बड़े वित्तीय फैसले लिए गए। सरकार ने इन योजनाओं के जरिए अगले पांच वर्षों के लिए विकास और जनकल्याण का व्यापक रोडमैप तैयार करने का संकेत दिया है।