विधानसभा के बाहर NSUI की नारेबाजी में चूक, 'नरेंद्र मोदी जिंदाबाद' के नारे लगे; कैलाश विजयवर्गीय की मुस्कान और प्यार भरा थप्पड़ भी हुआ वायरल
मध्य प्रदेश विधानसभा के बाहर प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गलती से 'नरेंद्र मोदी जिंदाबाद' के नारे लगा दिए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुस्कुराते हुए एक बीजेपी कार्यकर्ता को प्यार भरा थप्पड़ मारकर प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद इस घटना पर राजनीतिक चर्चा भी शुरू हो गई.
मोदी सरकार का विरोध कर रहे थे। फिर 'नरेंद्र मोदी... जिंदाबाद' के नारे लगा दिए। ये मिस्टेक भोपाल में छात्र संगठन NSUI के नेताओं से हो गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। अब लोग इसे चटकारे लेकर शेयर कर रहे हैं।
NSUI कार्यकर्ताओं से नारेबाजी में हुई चूक, विधानसभा के बाहर गूंजा 'नरेंद्र मोदी जिंदाबाद'; वीडियो वायरल
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को विधानसभा परिसर के बाहर एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा छेड़ दी। कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ता विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान नारेबाजी करते समय कुछ कार्यकर्ताओं से ऐसी चूक हो गई कि विरोध के बजाय उनके मुंह से "नरेंद्र मोदी जिंदाबाद" का नारा निकल गया।
यह घटना कुछ ही सेकंड की थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों का ध्यान तुरंत इस ओर गया। देखते ही देखते इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा और इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई इस गलती को लेकर अब भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई चूक
जानकारी के अनुसार, विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान NSUI कार्यकर्ता अपनी मांगों और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान लगातार नारे लगाए जा रहे थे। इसी बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध के नारों की जगह अचानक "नरेंद्र मोदी जिंदाबाद" का नारा लगा दिया।
वीडियो में दिखाई देता है कि नारा लगाते समय कुछ कार्यकर्ता एक पल के लिए असमंजस में पड़ जाते हैं। उन्हें अपनी गलती का एहसास होने के बाद वे तुरंत नारे बदलते हैं और फिर सरकार विरोधी नारे लगाने लगते हैं। हालांकि तब तक वहां मौजूद लोगों ने यह घटना देख ली थी और कई लोगों ने इसे अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो को हजारों लोगों ने शेयर किया और इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
कुछ लोगों ने इसे नारेबाजी के दौरान हुई सामान्य मानवीय भूल बताया। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान लगातार नारे लगाने से कई बार इस तरह की जुबानी गलती हो जाती है।
वहीं दूसरी ओर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणियां कीं। कुछ ने इसे कांग्रेस और NSUI की बड़ी चूक बताया, जबकि कुछ ने इसे हास्यास्पद क्षण करार दिया।
कैलाश विजयवर्गीय की मुस्कान भी बनी चर्चा
घटना के दौरान मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी विधानसभा परिसर के बाहर मौजूद थे। जैसे ही उनके कानों में "नरेंद्र मोदी जिंदाबाद" का नारा पड़ा, उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विजयवर्गीय ने पास खड़े एक भाजपा कार्यकर्ता को हल्के-फुल्के अंदाज में प्यार भरा थप्पड़ मारते हुए मुस्कुराकर प्रतिक्रिया दी। उनका यह सहज और हास्यपूर्ण अंदाज भी वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचने में सफल रहा।
इस पूरे घटनाक्रम से कुछ देर के लिए प्रदर्शन स्थल का माहौल हल्का हो गया और आसपास मौजूद कई लोग मुस्कुराते नजर आए।
भाजपा ने साधा निशाना
घटना सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और NSUI पर तंज कसना शुरू कर दिया। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह घटना दर्शाती है कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के मन में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सम्मान है।
कुछ भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किए और इसे विपक्ष की बड़ी राजनीतिक भूल बताया।
हालांकि भाजपा की ओर से इसे लेकर अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और सोशल मीडिया पर भी पार्टी समर्थकों ने वीडियो को व्यापक रूप से साझा किया।
कांग्रेस की ओर से नहीं आई आधिकारिक प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर कांग्रेस या NSUI की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
हालांकि कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि यह केवल नारेबाजी के दौरान हुई जुबानी गलती थी, जिसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उनका कहना है कि लंबे समय तक लगातार नारे लगाने के दौरान इस प्रकार की चूक किसी से भी हो सकती है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पहले ही सत्ता और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। ऐसे में इस घटना ने राजनीतिक माहौल में एक अलग ही चर्चा छेड़ दी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल और विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह की छोटी घटनाएं भी अक्सर बड़ी राजनीतिक बहस का विषय बन जाती हैं। सोशल मीडिया के दौर में कुछ सेकंड के वीडियो भी व्यापक चर्चा का कारण बन जाते हैं।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दो हिस्सों में बंटी नजर आईं। एक वर्ग ने इसे मजाकिया घटना बताते हुए हल्के अंदाज में लिया, जबकि दूसरे वर्ग ने इसे विपक्ष की गंभीर चूक बताया।
कई यूजर्स ने लिखा कि नारेबाजी के दौरान इस तरह की जुबानी फिसलन असामान्य नहीं होती। वहीं कुछ लोगों ने इसे लेकर मीम्स और व्यंग्यात्मक पोस्ट भी साझा किए।
कुछ मिनट की घटना बनी दिनभर की चर्चा
विधानसभा के बाहर हुई यह घटना भले ही कुछ मिनटों तक चली, लेकिन इसका असर पूरे दिन सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में देखने को मिला। वायरल वीडियो के कारण यह घटनाक्रम प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक चर्चाओं में शामिल हो गया।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस या NSUI इस मामले पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया देती है या इसे केवल नारेबाजी के दौरान हुई सामान्य भूल मानकर आगे बढ़ जाती है। फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर बहस जारी है और राजनीतिक दल अपने-अपने नजरिए से इसकी व्याख्या कर रहे हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस