4 दिन कुएं में फंसी महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर बचाई जान:बाराबंकी में मानवता की मिसाल,बजरंग सेवादल संगठन ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया-हर ओर सराहना
बाराबंकी में बजरंग सेवादल संगठन की टीम ने चार दिनों से गहरे कुएं में फंसी एक महिला को साहस और सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। रेस्क्यू के बाद महिला को डायल 112 के माध्यम से पुलिस के सुपुर्द किया गया और बेहतर इलाज की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इस मानवीय कार्य की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।
मानवता की मिसाल: बजरंग सेवादल संगठन ने 4 दिन से कुएं में फंसी महिला को सुरक्षित निकाला
बाराबंकी में रेस्क्यू ऑपरेशन, संगठन की तत्परता और सूझबूझ से बची महिला की जान
बाराबंकी। जिले में बजरंग सेवादल संगठन की टीम ने मानवता और सेवा भावना की एक अनूठी मिसाल पेश की है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपनी सूझबूझ, साहस और अथक प्रयासों के बल पर चार दिनों से गहरे कुएं में फंसी एक महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली। यह घटना न केवल स्थानीय क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि समाजसेवा की भावना को भी एक नई दिशा देती दिखाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार, यह महिला पिछले कई दिनों से लापता थी और बाद में उसका पता एक गहरे कुएं में चलने पर पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जैसे ही यह सूचना बजरंग सेवादल संगठन की टीम को मिली, टीम तुरंत सक्रिय हो गई और बिना देर किए मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
घटना स्थल पर पहुंचते ही संगठन के पदाधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत की। कुआं गहरा और खतरनाक होने के बावजूद टीम ने साहस का परिचय देते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। चार दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रही महिला को बाहर निकालते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने तुरंत पुलिस प्रशासन की डायल 112 सेवा को सूचना दी और महिला को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इसके साथ ही टीम ने नजदीकी पुलिस चौकी में लिखित ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें महिला के बेहतर इलाज और उचित देखभाल की मांग की गई।
संगठन ने अपने ज्ञापन में प्रशासन से अपील की कि महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे सुरक्षित रूप से उसके परिवार तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
इस पूरे रेस्क्यू अभियान में बजरंग सेवादल संगठन के कई पदाधिकारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। इनमें जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह, तहसील प्रभारी शिवम द्विवेदी, तहसील अध्यक्ष आशुतोष कुमार, तहसील सचिव दीपक कौशल, सुमित कौशल और आलोक यादव सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर एक टीम भावना के साथ इस साहसिक कार्य को अंजाम दिया।
स्थानीय लोगों ने भी संगठन की इस पहल की जमकर सराहना की और कहा कि यदि समय रहते यह प्रयास न किया जाता तो महिला की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ताओं ने बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात मेहनत कर महिला को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम योगदान दिया।
वहीं, घटना की जानकारी जैसे ही संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं राष्ट्रीय महासचिव रत्नेश उपाध्याय को फोन के माध्यम से दी गई, उन्होंने तुरंत पूरी टीम से बात कर उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बजरंग सेवादल संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता समाज सेवा को अपना कर्तव्य मानते हुए हमेशा तत्पर रहते हैं।
उन्होंने टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्य संगठन की उस सोच को दर्शाता है जिसमें मानव सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने आगे कहा कि संगठन के हर सदस्य का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है और इस तरह के कार्य उस संकल्प को और मजबूत करते हैं।
फिलहाल महिला का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन द्वारा भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच और आवश्यक सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग बजरंग सेवादल संगठन की सराहना करते नहीं थक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के संगठन समाज में मानवता और सेवा की भावना को जीवित रखते हैं।
बजरंग सेवादल संगठन का यह प्रयास न केवल एक महिला की जान बचाने में सफल रहा, बल्कि समाज में यह संदेश भी दिया कि यदि इच्छाशक्ति और सेवा भावना मजबूत हो तो किसी भी असंभव कार्य को संभव बनाया जा सकता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस