दतिया बवाल पर सियासत तेज: जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव को घेरा, बोले- भाजपा की नाकाम कानून व्यवस्था का जवाब देगी जनता,कलेक्टर और एसपी को हटाने की मांग

मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में बीजेपी द्वारा डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद हुए बवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि उपद्रव करने वाले बीजेपी कार्यकर्ता हैं और मुख्यमंत्री मोहन यादव को जवाब देना चाहिए, क्योंकि उनके पास गृह विभाग भी है.

दतिया बवाल पर सियासत तेज: जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव को घेरा, बोले- भाजपा की नाकाम कानून व्यवस्था का जवाब देगी जनता,कलेक्टर और एसपी को हटाने की मांग

दतिया उपचुनाव बवाल पर जीतू पटवारी का बड़ा हमला, बोले- भाजपा के कुशासन का जवाब देगी जनता; कलेक्टर-SP बदलने की मांग

भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश की सियासत में दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शुरू हुआ विरोध अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया में हुए हंगामे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

दतिया सीट पर भाजपा ने आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बाद पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बनी। हाईवे जाम किया गया और पथराव की घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई। घटना के बाद प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दतिया में जिस तरह का माहौल बना है, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। पटवारी ने कहा कि प्रदेश के वर्तमान गृह मंत्री अपने ही दल के नेताओं और समर्थकों को संभाल नहीं पा रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है।

उन्होंने कहा कि दतिया की जनता भाजपा सरकार के कथित कुशासन और कमजोर कानून व्यवस्था का जवाब उपचुनाव में देगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि जनता लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की रक्षा के लिए कांग्रेस के साथ खड़ी होगी।

लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप

जीतू पटवारी ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि दतिया में जो राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है, वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद उपचुनाव की स्थिति बनी है और कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश के रूप में देखती है।

पटवारी ने कहा कि दतिया की जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता का इस्तेमाल कर विपक्ष को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

कलेक्टर और एसपी को हटाने की मांग

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने निर्वाचन आयोग से दतिया के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन कानून व्यवस्था संभालने में असफल हो रहा है तो निष्पक्ष चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण होगा।

पटवारी ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले प्रशासन को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में लोगों के मन में सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है कि ऐसे अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए जो सभी दलों के प्रति समान व्यवहार रखें।

भाजपा प्रत्याशी के ऐलान के बाद बढ़ा विरोध

दरअसल, दतिया विधानसभा सीट पर भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। लंबे समय से इस सीट पर नरोत्तम मिश्रा का प्रभाव रहा है। टिकट को लेकर उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि पार्टी एक बार फिर नरोत्तम मिश्रा को मौका दे सकती है, लेकिन पार्टी के फैसले के बाद समर्थकों में नाराजगी सामने आई।

विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

दतिया सीट का राजनीतिक इतिहास

दतिया विधानसभा सीट मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण सीटों में गिनी जाती है। यहां से लंबे समय तक नरोत्तम मिश्रा भाजपा के प्रमुख चेहरे रहे हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था।

अब उपचुनाव में भाजपा ने नया चेहरा उतारकर चुनावी रणनीति बदली है, वहीं कांग्रेस इसे भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने के अवसर के रूप में देख रही है।

चुनावी माहौल हुआ गर्म

दतिया उपचुनाव से पहले ही राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। भाजपा जहां संगठन और नए उम्मीदवार के सहारे चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में जुटी है।

आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है। दतिया का उपचुनाव केवल एक सीट का मुकाबला नहीं बल्कि प्रदेश की राजनीतिक दिशा और दलों की अंदरूनी ताकत का भी परीक्षण माना जा रहा है।