"कभी मेरे पहुंचते ही थाना हिल जाता था, आज बेटे को कानून के सामने जाने की सलाह दे रहा हूं": बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का भावुक बयान, मारपीट मामले में बेटे पर स्थायी गिरफ्तारी वारंट

विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि दिनेश के खिलाफ कोई पुराना प्रकरण चल रहा है, जिसमें वो तारीख पर नहीं गया, इसलिए न्यायालय ने सही काम करते हुए वारंट निकाला है। बकौल प्रीतम, मैंने व उसकी मां ने भी कहा है कि न्यायालय में हाजिर हो जाओ। विधायक ने कहा कि मैंने हमेशा न्यायालय का सम्मान किया, तथा न्यायालय ने मुझे सभी मामलों में बरी भी कर दिया। एक जज ने तो मुझसे कहा था कि तुम आगे चलकर विधायक बनकर गरीबों की सेवा करोगे।

"कभी मेरे पहुंचते ही थाना हिल जाता था, आज बेटे को कानून के सामने जाने की सलाह दे रहा हूं": बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का भावुक बयान, मारपीट मामले में बेटे पर स्थायी गिरफ्तारी वारंट

बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का कहना है कि वह कई अपराधियों को पुलिस थानों में सरेंडर करा चुके हैं. न्यायपालिका का सम्मान करते हैं.

ग्वालियर। मध्यप्रदेश की राजनीति में अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि उनके बेटे दिनेश लोधी से जुड़ा एक कानूनी मामला है। ग्वालियर जिला न्यायालय द्वारा बेटे के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद विधायक प्रीतम लोधी ने एक वीडियो जारी कर कानून के प्रति अपनी आस्था जताई और बेटे से न्यायालय में पेश होकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने की अपील की।

विधायक प्रीतम लोधी ने भावुक अंदाज में कहा कि एक समय ऐसा था जब उनके थाने पहुंचने मात्र से पुलिस महकमे में हलचल मच जाती थी। उन्होंने कहा कि पहले वह कई अपराधियों को कानून के सामने आत्मसमर्पण करवाने का काम कर चुके हैं, लेकिन आज परिस्थितियां ऐसी हैं कि उन्हें अपने ही बेटे को अदालत में जाकर न्यायिक प्रक्रिया का सामना करने की सलाह देनी पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को न्याय व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। विधायक ने अपनी पत्नी और बेटे दोनों से स्पष्ट रूप से कहा है कि दिनेश लोधी को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना चाहिए। अदालत जो भी निर्णय देगी, उसे स्वीकार किया जाएगा।

बेटे के खिलाफ जारी हुआ स्थायी गिरफ्तारी वारंट

दरअसल, ग्वालियर जिले के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में दर्ज एससी-एसटी एक्ट सहित मारपीट के मामले में विशेष न्यायालय ने दिनेश लोधी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। न्यायालय की कार्रवाई के बाद दिनेश लोधी को फरार घोषित किया गया है।

मामले में पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई के बीच विधायक प्रीतम लोधी का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव या हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कानून की प्रक्रिया को सर्वोपरि बताया।

पुराने प्रभाव और अपराधियों के आत्मसमर्पण का किया जिक्र

अपने वीडियो संदेश में विधायक प्रीतम लोधी ने अपने पुराने सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके दौर में कई ऐसे अपराधी थे, जिन तक पुलिस पहुंच नहीं पाती थी, लेकिन उन्होंने उन्हें कानून के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने दावा किया कि दयाराम गड़रिया गिरोह से जुड़े कई लोगों को भी उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कराया था। उन्होंने कहा कि जब वह अपराधियों को लेकर थाने पहुंचते थे तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह जाते थे कि जिन लोगों को पकड़ने में पुलिस को कठिनाई होती थी, वे खुद उनके माध्यम से कानून के सामने आ रहे हैं।

तीन बार बेटे को खुद थाने पहुंचाने का दावा

विधायक ने यह भी दावा किया कि वह पहले भी तीन बार अपने बेटे दिनेश लोधी को पुलिस चौकी और थाने में पेश करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा कानून का सम्मान किया है और अपने बेटे से भी यही उम्मीद रखते हैं कि वह न्यायालय में जाकर अपनी बात रखे।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालय की प्रक्रिया से भागना नहीं चाहिए। यदि कोई आरोप है तो उसका जवाब अदालत में देना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 12 मार्च 2023 की रात का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता बरौआ निवासी कोकसिंह किरार ने अपने भतीजे राजेश किरार के साथ पुरानी छावनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार, वह अपने खेत और ट्यूबवेल पर फसल में पानी दे रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि एक ट्रैक्टर और अन्य वाहनों से कुछ लोग मौके पर पहुंचे और कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की सरियों से हमला किया। इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं। शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि इस घटना में दिनेश लोधी भी शामिल थे।

मारपीट में कई लोगों के घायल होने का आरोप

शिकायत के मुताबिक हमले में कोकसिंह किरार के सिर में चोट लगी और उनके हाथ में भी गंभीर चोट आई। वहीं मनोज राजपूत को भी सिर और आंख सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। मामले में अन्य लोगों के घायल होने की भी बात सामने आई थी।

पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया था कि घटना के बाद आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर धमकी भी दी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आगे न्यायालय में कार्रवाई चली।

अब न्यायालय की प्रक्रिया पर नजर

विशेष एससी-एसटी अदालत द्वारा दिनेश लोधी को फरार घोषित किए जाने और स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि वह कब न्यायालय में उपस्थित होते हैं या पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है।

विधायक प्रीतम लोधी का बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों ही स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां कुछ लोग इसे कानून के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार और भाजपा पर सवाल उठा सकता है। फिलहाल मामला न्यायालय में है और आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।