छात्रों ने रोका वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार का काफिला, सड़क-बिजली की मांग पर मंत्री ने दिया जल्द समाधान का भरोसा
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में विद्यार्थियों के एक समूह ने शुक्रवार को वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार का काफिला रोककर अपने स्कूल तक पक्की सड़क और बिजली समेत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। यह घटना चंदला विधानसभा क्षेत्र में हुई, जो जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर है। बस्राही स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने क्षेत्र से गुजर रहे मंत्री के काफिले को रोक लिया।
मध्य प्रदेश के छतरपुर में छात्रों ने मंत्री दिलीप अहिरवार के काफिले को रोक दिया है। छात्र सड़क की मांग कर रहे थे। स्कूल तक जाने के लिए रास्ते नहीं हैं। इसके बाद मंत्री ने भरोसा दिया है कि जल्द ही सड़क का निर्माण हो जाएगा।
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में शुक्रवार को उस समय एक अलग तरह की तस्वीर देखने को मिली, जब सरकारी स्कूल के छात्रों के एक समूह ने वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार के काफिले को रोक दिया। जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर चंदला विधानसभा क्षेत्र में छात्रों ने मंत्री के सामने अपने स्कूल से जुड़ी बुनियादी समस्याओं को रखा। छात्रों की प्रमुख मांग स्कूल तक पक्की सड़क और बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने की थी।
छात्रों का कहना था कि स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है, जिसके कारण उन्हें रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। विद्यार्थियों ने स्कूल में बिजली सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी की जानकारी भी मंत्री को दी। छात्रों की बात सुनने के बाद मंत्री दिलीप अहिरवार ने मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिया।
काफिला आने की जानकारी मिलते ही सड़क पर पहुंचे छात्र
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला चंदला विधानसभा क्षेत्र के बसराही गांव का है। यहां स्थित सरकारी सेकेंडरी स्कूल के छात्रों को जब जानकारी मिली कि वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार का काफिला क्षेत्र से गुजरने वाला है, तो छात्र अपनी समस्याएं लेकर सड़क पर पहुंच गए।
छात्रों ने मंत्री का काफिला रुकवाया और उनसे सीधे बातचीत करने की मांग रखी। काफिला रुकने के बाद मंत्री दिलीप अहिरवार गाड़ी से बाहर निकले और छात्रों के बीच पहुंच गए। इसके बाद विद्यार्थियों ने बारी-बारी से अपनी समस्याएं मंत्री को बताईं।
छात्रों ने कहा कि स्कूल तक पहुंचने के लिए अच्छी और पक्की सड़क नहीं होने के कारण उन्हें काफी दिक्कत होती है। कई बार खराब रास्ते की वजह से आवागमन मुश्किल हो जाता है। छात्रों ने स्कूल में बिजली की सुविधा को लेकर भी अपनी बात मंत्री के सामने रखी।
छात्रों ने कहा- लंबे समय से परेशान हैं
विद्यार्थियों ने मंत्री को बताया कि स्कूल से जुड़ी सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। स्कूल तक आने-जाने वाले छात्रों को खराब रास्ते के कारण परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण बरसात के दौरान रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है।
छात्रों का कहना था कि वे कई बार अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इसी वजह से जब उन्हें मंत्री के काफिले के गुजरने की जानकारी मिली तो उन्होंने सीधे मंत्री के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया।
छात्रों ने सड़क के अलावा स्कूल में बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जरूरत भी बताई। विद्यार्थियों की मांग सुनने के दौरान मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से समस्या का समाधान कराने की बात कही।
मंत्री ने गाड़ी से उतरकर सुनी छात्रों की समस्या
काफिला रोके जाने के बाद मंत्री दिलीप अहिरवार ने छात्रों को नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि गाड़ी से उतरकर उनकी पूरी बात सुनी। इस दौरान छात्रों ने उन्हें स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति के बारे में बताया।
मंत्री ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का समाधान निकालने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने सड़क निर्माण में आ रही अड़चन के बारे में भी जानकारी दी।
मंत्री के मुताबिक, स्कूल तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव पहले से था, लेकिन प्रस्तावित रास्ते में निजी जमीन आने के कारण सड़क का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था। निजी जमीन होने के कारण सड़क निर्माण की प्रक्रिया अटक गई थी।
निजी जमीन बनी सड़क निर्माण में बाधा
मंत्री दिलीप अहिरवार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सड़क का प्रोजेक्ट निजी जमीन के कारण लंबित था। प्रस्तावित रास्ते में निजी भूमि आने की वजह से सड़क निर्माण शुरू नहीं हो सका था।
उन्होंने बताया कि अब जमीन के मालिक से बातचीत हो चुकी है और रास्ते को लेकर सहमति बनने के बाद सड़क निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मंत्री ने बताया कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यानी सीईओ को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मंत्री के अनुसार, अब सड़क निर्माण का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। इससे स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
स्कूल की चारदीवारी पहले से मौजूद, सड़क मुख्य समस्या
मंत्री दिलीप अहिरवार ने बताया कि स्कूल में चारदीवारी पहले से बनी हुई है। छात्रों की मुख्य समस्या स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क को लेकर थी।
छात्रों के मुताबिक, सड़क की खराब स्थिति के कारण उन्हें काफी समय से परेशानी हो रही थी। उनका कहना था कि स्कूल तक अच्छी सड़क बन जाने से विद्यार्थियों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी।
बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी छात्रों ने अपनी मांग रखी है। मंत्री ने इन समस्याओं को भी सुना और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा वीडियो
मंत्री के काफिले को छात्रों द्वारा रोकने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्र मंत्री के सामने खड़े होकर अपनी मांगें रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं मंत्री भी गाड़ी से उतरकर छात्रों की बात सुनते नजर आते हैं।
वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। लोगों का ध्यान ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में मौजूद बुनियादी सुविधाओं की ओर भी गया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लोग छात्रों के इस कदम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि छात्रों ने अपनी समस्या सीधे मंत्री के सामने रखी और मंत्री ने भी उनकी बात सुनकर समाधान का आश्वासन दिया।
छात्रों ने खुद उठाई अपनी आवाज
ग्रामीण इलाकों में स्कूलों से जुड़ी समस्याओं को लेकर अक्सर अभिभावक और ग्रामीण अधिकारियों के सामने शिकायत करते हैं। लेकिन बसराही के छात्रों ने अपनी समस्या को सीधे जनप्रतिनिधि के सामने रखने का फैसला किया।
जब मंत्री का काफिला वहां से गुजरने वाला था, तब छात्रों ने मौके का फायदा उठाते हुए काफिला रोक दिया। उन्होंने मंत्री से स्कूल की सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल किए।
छात्रों का कहना था कि उनकी समस्या लंबे समय से बनी हुई है और अब वे चाहते हैं कि इस पर जल्द कार्रवाई हो। मंत्री द्वारा सड़क निर्माण को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जाने के बाद छात्रों को उम्मीद है कि उनकी मांग जल्द पूरी होगी।
अब सड़क निर्माण शुरू होने का इंतजार
फिलहाल छात्रों की मांग के बाद मंत्री ने सड़क निर्माण को लेकर अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही है। निजी जमीन को लेकर जो समस्या सामने आ रही थी, उसे जमीन मालिक से बातचीत के बाद दूर करने का दावा किया गया है।
अब छात्रों और ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि सड़क निर्माण का काम वास्तव में कब शुरू होता है। यदि जल्द सड़क बनती है तो इससे स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी छात्रों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान देगा।
बसराही की यह घटना इस बात का उदाहरण है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी अब अपनी समस्याओं को लेकर सीधे आवाज उठा रहे हैं। छात्रों ने मंत्री का काफिला रोककर अपनी मांग रखी, मंत्री ने उनकी बात सुनी और जल्द समाधान का भरोसा दिया। अब इस आश्वासन को जमीन पर अमल में लाना प्रशासन के सामने अगली चुनौती होगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस