श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से भड़का यादव समाज का आक्रोश, धीरेंद्र शास्त्री के बहिष्कार का ऐलान; कार्रवाई के लिए प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

बाबा बागेश्वर ने भगवान कृष्ण का मजाक बनाते हुए तीन जगह से टेढ़ा बताया। धाम वृन्दावन को भी टेढ़ा बता दिया। वीडियो वायरल होने के बाद से उनका विरोध शुरू हो गया है।

श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से भड़का यादव समाज का आक्रोश, धीरेंद्र शास्त्री के बहिष्कार का ऐलान; कार्रवाई के लिए प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से आहत हुए भक्त

भिंड में संजय सिंह यादव के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन

शिवपुरी में कलेक्टर को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथित विवादित बयान पर शुरू हुआ विरोध, यादव महासभा ने जताई नाराजगी; सनातनियों और यादव समाज से कथाओं का बहिष्कार करने की अपील

भगवान श्रीकृष्ण को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा कथा के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यादव समाज सहित कई लोगों ने नाराजगी जताई है। इसी मामले में यादव महासभा ने विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महासभा ने उनके कार्यक्रमों और कथाओं के बहिष्कार का भी ऐलान किया है।

मामला धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की करेरा में आयोजित कथा के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है। कथा में उन्होंने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए ऐसी भाषा और उदाहरणों का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। उनके कथन में भगवान श्रीकृष्ण की वेशभूषा, खड़े होने की मुद्रा, बांसुरी बजाने और वृंदावन को लेकर टिप्पणी की गई। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

तीन जगह से टेढ़े होने की टिप्पणी पर विवाद

कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की प्रसिद्ध त्रिभंगी मुद्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके भक्तों के ठाकुरजी की तस्वीरों में भगवान तीन जगह से टेढ़े दिखाई देते हैं। उन्होंने हंसते हुए पैर के ऊपर पैर रखने, कमर लचकाने और गर्दन तिरछी करके बांसुरी बजाने की मुद्रा का अभिनय भी किया।

उन्होंने कहा, "तुम अपने वाले ठाकुर जी की एक भी फोटो देख लो, खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े। पांव के ऊपर पांव, कमर लचकाए, खपड़िया ऐसी करे... टेढ़ी खपड़िया करके बंशी बजाए रहे।"

इसके बाद उन्होंने भगवान श्रीराम की तुलना करते हुए कहा कि उनके भगवान सीधे खड़े होते हैं, उनका नाम सीधा है और उनका चलना भी सीधा है। उन्होंने अयोध्या को सीधा धाम बताते हुए वृंदावन को टेढ़ा कहा।

यही टिप्पणी अब विवाद की मुख्य वजह बन गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा उनकी विशिष्ट पहचान और भक्ति परंपरा का हिस्सा है। ऐसे में इस मुद्रा को लेकर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।

 बांसुरी बजाने को लेकर भी कही बात

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान में भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी और भगवान श्रीराम के धनुष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "बंसी का बजाना खेल भी है, धनुष का चलाना खेल नहीं।"

उन्होंने बांसुरी बजाने की बात पर आगे कहा कि बांसुरी तो उनके यहां भी कोई बजा सकता है। इस दौरान उन्होंने हंसते हुए बांसुरी बजाने की बात को हल्के अंदाज में प्रस्तुत किया।

इस पूरे वक्तव्य का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों के बीच बहस तेज हो गई। कई लोगों ने इसे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनुचित टिप्पणी बताया, वहीं इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

 यादव महासभा ने सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

विवाद के बाद यादव महासभा ने खुलकर विरोध दर्ज कराया है। महासभा के पदाधिकारियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए बयान की जांच कराई जाए और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।

महासभा का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण केवल यादव समाज के आराध्य नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था के केंद्र हैं। उनके जीवन, उपदेशों और व्यक्तित्व का भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान है। ऐसे आराध्य के स्वरूप और उनकी पहचान को लेकर सार्वजनिक मंच से मजाकिया टिप्पणी करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

ज्ञापन के माध्यम से महासभा ने प्रशासन से यह भी मांग की कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयानों पर उचित कदम उठाए जाएं, ताकि समाज में किसी तरह का तनाव और विवाद न बढ़े।

धीरेंद्र शास्त्री की कथाओं के बहिष्कार का ऐलान

यादव महासभा ने विरोध को आगे बढ़ाते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथाओं और कार्यक्रमों के बहिष्कार का ऐलान किया है। महासभा की ओर से यादव समाज और सनातन धर्म को मानने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे इस बयान के विरोध में उनकी कथाओं में शामिल न हों।

इस मामले में दामोदर यादव ने भी धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सनातनियों और यादव समाज से कथाओं के बहिष्कार की अपील करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रति इस तरह की टिप्पणी का विरोध होना चाहिए।

उनका कहना है कि धार्मिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों में मर्यादा और सम्मान का ध्यान रखा जाना जरूरी है। किसी भी देवी-देवता के स्वरूप को लेकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हों

सोशल मीडिया पर भी तेज हुई बहस

धीरेंद्र शास्त्री का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग उनके बयान को हास्य और तुलना के अंदाज में कही गई बात बता रहे हैं, जबकि विरोध करने वाले इसे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपमानजनक टिप्पणी मान रहे हैं।

फिलहाल विवाद का केंद्र भगवान श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा, वृंदावन को लेकर की गई टिप्पणी और बांसुरी-धनुष की तुलना बनी हुई है। यादव महासभा ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते हुए बहिष्कार का ऐलान किया है। अब इस मामले में प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।