क्रांति गौड़ पर ICC की बड़ी कार्रवाई, फाइनल में विकेट के बाद किया था इशारा; मैच फीस का 10% जुर्माना

रविवार को दुबई में श्रीलंका के खिलाफ महिला एशिया कप फाइनल के दौरान ICC आचार संहिता के लेवल 1 का उल्लंघन करने के लिए भारत की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ पर उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है. फाइनल जीतकर भारतीय टीम रिकॉर्ड 8वीं बार एशियन चैंपियन बनी है.

क्रांति गौड़ पर ICC की बड़ी कार्रवाई, फाइनल में विकेट के बाद किया था इशारा; मैच फीस का 10% जुर्माना

महिला एशिया कप 2026 के खत्म होते ही आईसीसी ने बड़ा एक्शन लिया है. पाकिस्तान की पूरी टीम और भारत की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को बड़ा झटका लगा है.

दुबई। एशिया कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन कर भारत को रिकॉर्ड आठवीं बार चैंपियन बनाने वाली युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ के लिए खिताबी जीत के बाद मुश्किल खबर सामने आई है। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में विकेट लेने के बाद किए गए एक इशारे को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने उन्हें आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाया है। इसके चलते क्रांति गौड़ पर उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है।

फाइनल में विकेट के बाद हुआ विवाद

13 सितंबर को दुबई में भारत और श्रीलंका के बीच एशिया कप का फाइनल मुकाबला खेला गया था। भारतीय महिला टीम ने इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। भारत की जीत में गेंदबाजों की भूमिका भी बेहद अहम रही।

मैच के दौरान भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। श्रीलंका की पारी के शुरुआती ओवर में जब क्रांति गौड़ ने ओपनर इमेषा दुलानी को आउट किया, तो विकेट का जश्न मनाते समय उन्होंने पवेलियन की ओर इशारा किया। ICC ने इसी इशारे को बल्लेबाज के लिए अपमानजनक या उकसाने वाला माना।

ICC आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 का उल्लंघन

ICC के मुताबिक क्रांति गौड़ को खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए ICC आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। यह प्रावधान किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान बल्लेबाज के आउट होने पर ऐसी भाषा, हरकत या इशारे से जुड़ा है, जिसे अपमानजनक माना जा सकता है या जिससे आउट हुए बल्लेबाज की ओर से आक्रामक प्रतिक्रिया उत्पन्न हो सकती है।

क्रांति गौड़ का यह अपराध लेवल-1 की श्रेणी में रखा गया। लेवल-1 के उल्लंघनों में सजा के तौर पर आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस के 50 प्रतिशत तक जुर्माना और एक या दो डिमेरिट पॉइंट तक दिए जा सकते हैं।

हालांकि क्रांति गौड़ के मामले में ICC ने उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। साथ ही एक डिमेरिट पॉइंट उनके रिकॉर्ड में जोड़ा गया।

24 महीने में पहला अपराध

ICC की ओर से बताया गया कि पिछले 24 महीनों की अवधि में यह क्रांति गौड़ का पहला अपराध है। यही वजह है कि मामले में अपेक्षाकृत कम सजा के साथ कार्रवाई की गई।

गौर करने वाली बात यह भी है कि क्रांति गौड़ ने ICC की कार्रवाई को चुनौती नहीं दी। उन्होंने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया और ICC इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी की सुप्रिया रानी दास द्वारा प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया। इस कारण मामले में औपचारिक सुनवाई कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

अंपायरों ने लगाए थे आरोप

क्रांति गौड़ के खिलाफ आरोप मैदान पर मौजूद अंपायरों की रिपोर्ट के आधार पर लगाए गए। ऑन-फील्ड अंपायर सलीमा इम्तियाज और शथिरा जाकिर जेसी, तीसरे अंपायर रोकैया सुल्ताना और चौथे अंपायर हुमैरा फराह ने घटना को लेकर रिपोर्ट दी।

ICC की प्रक्रिया के तहत मामले की समीक्षा की गई और इसे आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 के अंतर्गत माना गया। क्रांति गौड़ द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद मैच रेफरी की ओर से निर्धारित दंड को अंतिम रूप दे दिया गया।

भारत ने जीता रिकॉर्ड आठवां एशिया कप खिताब

क्रांति गौड़ पर कार्रवाई की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशिया कप में शानदार प्रदर्शन के बाद जश्न मना रही है। फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप का खिताब जीता।

भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया और फाइनल में भी बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी दोनों विभागों में श्रीलंका पर दबाव बनाए रखा। श्रीलंका की पारी के शुरुआती चरण में विकेट हासिल करना भारतीय गेंदबाजों के लिए महत्वपूर्ण था और क्रांति गौड़ ने भी अपनी भूमिका निभाई।

युवा तेज गेंदबाज के लिए यह टूर्नामेंट व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण रहा। हालांकि फाइनल में विकेट लेने के बाद उनके सेलिब्रेशन का अंदाज अब चर्चा का विषय बन गया है।

मैदान पर जश्न और ICC की सख्ती

क्रिकेट में विकेट मिलने के बाद खिलाड़ियों का आक्रामक अंदाज में जश्न मनाना आम बात है। खिलाड़ी अक्सर अपनी भावनाएं अलग-अलग तरीकों से व्यक्त करते हैं। लेकिन ICC की आचार संहिता के तहत ऐसा जश्न स्वीकार्य नहीं है, जिससे विपक्षी खिलाड़ी को अपमानित या उकसाने वाला संदेश जाए।

क्रांति गौड़ के मामले में भी यही हुआ। विकेट हासिल करने के बाद पवेलियन की ओर किया गया इशारा ICC की नजर में नियमों के दायरे से बाहर माना गया। परिणामस्वरूप भारत की खिताबी जीत के तुरंत बाद उन्हें आर्थिक दंड का सामना करना पड़ा।

हालांकि यह लेवल-1 का मामला है और इस पर लगाया गया जुर्माना उनकी मैच फीस का केवल 10 प्रतिशत है। एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है, लेकिन फिलहाल इससे उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर कोई बड़ी पाबंदी नहीं लगाई गई है।

पाकिस्तान पर भी लगा जुर्माना

एशिया कप से जुड़ी एक अन्य कार्रवाई में पाकिस्तान महिला टीम पर भी जुर्माना लगाया गया है। शुक्रवार को श्रीलंका के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान की टीम निर्धारित समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर सकी। धीमी ओवर गति बनाए रखने के कारण ICC ने पाकिस्तान की टीम पर उसकी मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया।

इस मामले में भी मैदान पर मौजूद अंपायरों की ओर से रिपोर्ट दी गई थी। ऑन-फील्ड अंपायर वृंदा राठी और शथिरा जाकिर जेसी, तीसरे अंपायर रोकैया सुल्ताना और चौथे अंपायर रबाब अहसान ने धीमी ओवर गति को लेकर आरोप लगाए।

क्रांति गौड़ के लिए सीख भी

क्रांति गौड़ के लिए यह कार्रवाई एक तरह से चेतावनी भी मानी जा सकती है। ICC