खरगे के बयान पर बवाल: PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से भड़के अमित शाह, बोले- कांग्रेस के पास अब सिर्फ गाली-गलौज की राजनीति बची
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की बिहार में आयोजित एक सभा के दौरान हंगामा हो गया। एक शख्स को जवाब देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी का बाप भी जाएगा।
पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के PM मोदी को लेकर दिए गए बयान पर सियासी विवाद गहरा गया है. बीजेपी नेताओं ने इसे अमर्यादित और असंसदीय बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
पटना: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पटना में दिए गए एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर खरगे की कथित टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे के बयान को अभद्र और राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। शाह ने कहा कि लगातार चुनावी हार से कांग्रेस में हताशा बढ़ गई है और अब उसके पास न कोई नीति बची है, न कोई मुद्दा, बल्कि केवल गाली-गलौज की राजनीति रह गई है।
भीड़ से आवाज आई- 'मोदी नहीं जाएगा', खरगे ने दिया विवादित जवाब
पटना में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते समय मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक युवक ने कथित तौर पर कहा, 'मोदी नहीं जाएगा।' युवक की इस टिप्पणी पर खरगे नाराज हो गए। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा।'
खरगे की इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सियासी विवाद तेज हो गया। बीजेपी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी बताया और कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्टीकरण की मांग की।
युवक को बाहर निकालने और पिटाई का वीडियो भी सामने आया
कार्यक्रम के दौरान जिस युवक ने कथित तौर पर 'मोदी नहीं जाएगा' कहा था, उसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बाहर ले जाने का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में युवक को धक्का देते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं।
बीजेपी ने इस घटना को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस कार्यक्रमों में असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, युवक के साथ हुई कथित मारपीट को लेकर सामने आए वीडियो और उसके पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि अलग से जरूरी है।
RSS और बीजेपी पर भी खरगे ने साधा निशाना
पटना में अपने संबोधन के दौरान खरगे ने केवल प्रधानमंत्री मोदी को लेकर ही टिप्पणी नहीं की, बल्कि बीजेपी और आरएसएस पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए खरगे ने कहा कि श्री बाबू ने जमींदारी व्यवस्था खत्म करने और छुआछूत के खिलाफ काम किया।
खरगे ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद आरएसएस और दूसरी शक्तियां दंगा फैलाने में लगी थीं। उन्होंने दावा किया कि जब तक देश में आरएसएस की विचारधारा खत्म नहीं होगी, तब तक देश में शांति नहीं होगी।
खरगे ने बीजेपी और आरएसएस में छुआछूत के समर्थक होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया था, लेकिन आज भी बीजेपी और आरएसएस में ऐसे लोग मौजूद हैं।
नीतीश कुमार पर भी खरगे का हमला
कांग्रेस अध्यक्ष ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सोशलिस्ट पार्टी की विचारधारा लेकर राजनीति में आए थे, लेकिन अब आरएसएस की झोली में गिर गए हैं।
खरगे ने कांग्रेस के नेताओं के बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के बावजूद कांग्रेस का नेतृत्व संघर्ष करता रहा। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वह आज भी लड़ रहे हैं और संघर्ष कर रहे हैं।
'ब्रिटिश के एजेंट थे' वाले बयान पर भी सियासत
खरगे ने अपने भाषण में बीजेपी और आरएसएस पर अंग्रेजों के साथ होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने आजादी की लड़ाई में मार खाई, घर छोड़े और कुर्बानियां दीं, जबकि विरोधियों से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्या किया।
उन्होंने उत्तराखंड में मंच के कथित शुद्धिकरण की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि आजादी के 80 साल बाद भी इस तरह की घटनाएं होना चिंता की बात है।
SIR और चुनाव आयोग को लेकर खरगे के गंभीर आरोप
खरगे ने अपने भाषण में SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए विरोधियों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर देशभर में आंदोलन करने की अपील की।
खरगे ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी नाम लिया। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में मुख्य न्यायाधीश को हटाए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा और इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।
खरगे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां पहले भी उठाई जाती रही हैं और चुनाव आयोग के सामने कई सवाल रखे गए हैं।
ज्ञानेश कुमार को लेकर भी खरगे ने लगाए आरोप
खरगे ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि केरल में उनके कार्यकाल के दौरान एक अधिकारी को इस्तीफा देकर बीजेपी में आने के लिए कहा गया था। खरगे ने इस कथित घटना के आधार पर चुनाव व्यवस्था में नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए।
हालांकि, ये सभी आरोप कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण में किए गए राजनीतिक दावे हैं और इनके संबंध में संबंधित पक्षों का जवाब अलग से सामने आना बाकी है।
'वोट चोरी से सरकार चोरी कर ली': खरगे
खरगे ने बिहार के साथ पश्चिम बंगाल, हरियाणा और महाराष्ट्र का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है और 'वोट चोरी से सरकार चोरी' की गई है।
उन्होंने इन राज्यों की सरकारों को लेकर भी विवादित दावा किया और कहा कि ऐसे लोगों को छोड़ना नहीं चाहिए। खरगे ने कार्यकर्ताओं से संघर्ष करने और आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
अमित शाह ने खरगे पर बोला सीधा हमला
खरगे के बयान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। शाह ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने पटना में प्रधानमंत्री मोदी के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी कर राजनीतिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया हो। शाह ने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री की माता को लेकर कथित टिप्पणियों, 'मौत का सौदागर' और 'चायवाला' जैसे संबोधनों का जिक्र करते हुए हमला बोला।
शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी लगातार अभद्रता की सीमाएं पार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस में हताशा और निराशा बढ़ गई है।
'न नीति बची, न मुद्दा, सिर्फ गाली-गलौज की राजनीति'
अमित शाह ने अपने बयान में कांग्रेस पर सबसे बड़ा हमला करते हुए कहा कि चुनावी हार के बाद पार्टी के पास अब न कोई नीति बची है और न कोई मुद्दा। उनके मुताबिक कांग्रेस के पास केवल 'गाली-गलौज की राजनीति' बची है।
शाह ने कहा कि जनता के बीच जनाधार खो चुकी कांग्रेस अब अपने कार्यकर्ताओं के बीच भी आधार खो रही है। उन्होंने दावा किया कि जब-जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार के खिलाफ घृणित टिप्पणियां की हैं, तब-तब जनता ने कांग्रेस को चुनाव में जवाब दिया है।
बयान से बढ़ सकती है सियासी गर्मी
खरगे की टिप्पणी और अमित शाह के पलटवार के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। एक तरफ कांग्रेस चुनाव आयोग, SIR और वोटर लिस्ट को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है, वहीं बीजेपी कांग्रेस नेताओं की भाषा और बयानों को मुद्दा बना रही है।
ऐसे में पटना के कार्यक्रम में खरगे की कथित टिप्पणी अब राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गई है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर और तीखी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस