14 साल बाद ओरछा में BJP की प्रदेश कार्यसमिति बैठक, मिशन 2028-29 की तैयारियों पर मंथन; CM मोहन यादव, हेमंत खंडेलवाल समेत 350 प्रतिनिधि जुटे

मध्यप्रदेश भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक 30 और 31 अगस्त को ओरछा में होगी। संगठन मजबूती, बूथ सशक्तिकरण और विकसित भारत 2047 पर मंथन होगा।

14 साल बाद ओरछा में BJP की प्रदेश कार्यसमिति बैठक, मिशन 2028-29 की तैयारियों पर मंथन; CM मोहन यादव, हेमंत खंडेलवाल समेत 350 प्रतिनिधि जुटे

दो दिनों तक चलने वाले विचार-विमर्श में पार्टी की आगामी गतिविधियों और राजनीतिक दिशा को लेकर अहम फैसले लिए जाने की संभावना हैं।

निवाड़ी। मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले की ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी ओरछा में रविवार को भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई। करीब 14 साल बाद ओरछा में आयोजित हो रही इस महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं के साथ करीब 350 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। बैठक में संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर पर पार्टी की पकड़ बढ़ाने और आगामी लोकसभा-विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर विस्तृत मंथन किया जा रहा है।

कार्यसमिति की बैठक ओरछा स्थित होटल राजमहल में आयोजित की जा रही है। बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के 106 सदस्यों के अलावा सांसद, मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी समेत पार्टी के करीब 350 प्रमुख पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी बैठक में शामिल होने के लिए चित्रकूट से ओरछा पहुंचे। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नारायण सिंह, वीडी शर्मा, नरोत्तम मिश्रा और रामेश्वर शर्मा समेत कई वरिष्ठ नेता भी ओरछा पहुंचे। पार्टी नेताओं का स्थानीय स्तर पर तिलक लगाकर स्वागत किया गया।

रामराजा सरकार की नगरी से संगठन को नई दिशा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बैठक के लिए ओरछा को चुनने को लेकर कहा कि पार्टी के काम को आगे बढ़ाने के लिए रामराजा सरकार की नगरी से पवित्र स्थान कोई और नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि ओरछा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है और यहां से कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ओरछा पहुंचकर रामराजा सरकार के दर्शन और कार्यसमिति में शामिल होने को सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि ओरछा में भगवान श्रीराम केवल भगवान के रूप में नहीं, बल्कि राजा के रूप में पूजे जाते हैं। उनके मुताबिक भाजपा का लक्ष्य रामराज्य की स्थापना की दिशा में काम करना है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का अभियान चल रहा है। मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास और सुशासन के साथ रामराज्य की अवधारणा को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सिंधिया बोले- कार्यसमिति से निकलेंगे नीतिगत परिणाम

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ओरछा में कार्यसमिति की बैठक को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि रामराजा सरकार की नगरी में प्रदेश कार्यसमिति के लिए आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में आने वाले समय के लिए नीतिगत फैसलों और पार्टी की कार्यशैली को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम सामने आएंगे।

बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री अजय जामवाल समेत भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

बूथ सशक्तिकरण और संगठन विस्तार पर विशेष जोर

प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाजपा का मुख्य फोकस संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने पर है। पार्टी की बूथ इकाइयों को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने और संगठन के विस्तार की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।

भाजपा आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर पर अपनी तैयारियों को मजबूत करना चाहती है। इसके लिए राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका, संगठनात्मक गतिविधियों और सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा।

बैठक में मिशन 2028 और 2029 की चुनावी तैयारियों पर विशेष चर्चा होगी। मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव और उसके बाद लोकसभा चुनाव को लेकर संगठन किस तरह जमीनी स्तर पर काम करेगा, इसकी रणनीति तैयार किए जाने की संभावना है।

‘विकसित भारत 2047’ और ‘समरसता का संकल्प’ पर मंथन

कार्यसमिति में केवल चुनावी रणनीति ही नहीं, बल्कि सरकार और संगठन से जुड़े व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा होगी। ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को लेकर पार्टी की भूमिका और आगामी कार्यक्रमों पर विचार किया जाएगा।

इसके साथ ही ‘समरसता का संकल्प’ विषय के तहत समाज के सभी वर्गों को भाजपा के संगठन और सरकार की योजनाओं से जोड़ने पर भी मंथन किया जाएगा। पार्टी की कोशिश है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और संगठन की पहुंच समाज के प्रत्येक वर्ग तक मजबूत हो।

नरोत्तम मिश्रा ने गुटबाजी की चर्चाओं को बताया काल्पनिक

बैठक से पहले भाजपा के अंदर कथित गुटबाजी और संगठन में संभावित बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन चर्चाओं को काल्पनिक बताया और कहा कि भाजपा का संगठन मजबूती से खड़ा है।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तथा मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।

उनके बयान को प्रदेश भाजपा के भीतर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यसमिति की बैठक में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बीच संगठनात्मक स्थिति और आगामी रणनीति पर होने वाली चर्चा पर सभी की नजरें टिकी हैं।

‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण से हुई शुरुआत

प्रदेश कार्यसमिति के पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुई। इसके बाद कार्यसमिति में शामिल होने पहुंचे सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया।

कार्यक्रम स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं और अतिथियों के रामराजा सरकार के दर्शन का कार्यक्रम भी निर्धारित है।

31 अगस्त को ‘सेवा संकल्प अभियान’ पर कार्यशाला

कार्यसमिति की बैठक का समापन 31 अगस्त को होगा। दूसरे दिन ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें सेवा, सुशासन और संगठन विस्तार से जुड़े विषयों पर पार्टी की आगामी रणनीति पर चर्चा होगी।

कार्यशाला में राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के लिए आगे का रोडमैप तैयार किया जाएगा। पार्टी की कोशिश रहेगी कि प्रदेश के प्रत्येक जिले और बूथ तक संगठन की गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए।

कुल मिलाकर, 14 साल बाद ओरछा में हो रही भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक को मध्यप्रदेश भाजपा के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक नगरी ओरछा से पार्टी आगामी चुनावों के लिए संगठन को नई दिशा देने, बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में लिए जाने वाले फैसलों पर आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में असर देखने को मिल सकता है।