सूरत के टेक्सटाइल निर्यात को 2030 तक ₹40,000 करोड़ करने का लक्ष्य, TEFC जल्द शुरू करने की मांग—चम्पालाल बोथरा
सूरत के टेक्सटाइल निर्यात को 2030 तक ₹10,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ करने के लक्ष्य को लेकर CAIT के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं टेक्सटाइल एंड गारमेंट कमेटी के चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने TEFC जल्द शुरू करने की मांग की है। उन्होंने 19 देशों के FTA का लाभ दिलाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग लैब, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और MSME निर्यातकों के लिए प्रशिक्षण की मांग रखी है।
सूरत के टेक्सटाइल निर्यात को 2030 तक ₹10,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ करने का लक्ष्य, TEFC शीघ्र शुरू करने की मांग- चम्पालाल बोथरा, सूरत
19 देशों के FTA का लाभ दिलाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग लैब और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह
सूरत, 26 अक्टूबर 2026-CAIT के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं टेक्सटाइल एंड गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह तथा टेक्सटाइल्स कमेटी, मुंबई के सचिव को पत्र भेजकर सूरत में टेक्सटाइल एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर (TEFC) शीघ्र शुरू करने की मांग की है।
टेक्सटाइल्स कमेटी के 9 फरवरी 2026 के ट्रेड नोटिस के अनुसार सूरत को देश के छह प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टरों में TEFC की स्थापना के लिए चुना गया है। वर्तमान में सूरत से लगभग ₹10,000 करोड़ का टेक्सटाइल निर्यात होता है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ करने का लक्ष्य है।
श्री बोथरा ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, UAE, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश, चिली, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड और न्यूजीलैंड सहित 19 देशों के साथ FTA से सूरत के कपड़ा उद्योग को बड़े अवसर मिल सकते हैं। इसके लिए निर्यातकों को बाजार, शुल्क, उत्पाद मांग, गुणवत्ता मानक, प्रमाणन और निर्यात प्रक्रियाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना आवश्यक है।
सूरत देश का प्रमुख MMF टेक्सटाइल केंद्र है। यहां के व्यापारियों, निर्माताओं और MSME इकाइयों में निर्यात बढ़ाने की पर्याप्त क्षमता है।
प्रमुख मांगें
1. TEFC की स्थापना, संचालन और प्रभारी अधिकारी का विवरण सार्वजनिक किया जाए।
2. निर्यात दस्तावेज, HS कोड और सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू हो।
3. MMF और टेक्निकल टेक्सटाइल उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए।
4. गुणवत्ता मानक, पैकेजिंग और निर्यात नियमों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।
5. FTA देशों के लिए विशेष सूचना डेस्क बनाया जाए।
6. नए MSME निर्यातकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
7. स्पष्ट समयसीमा और जिम्मेदार अधिकारियों के साथ कार्ययोजना लागू की जाए।
श्री बोथरा ने टेक्सटाइल्स कमेटी, वस्त्र मंत्रालय और MATEXIL से निर्यातकों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि TEFC का प्रभावी संचालन और FTA देशों के बाजारों का उपयोग सूरत को वैश्विक टेक्सटाइल निर्यात केंद्र बनाने में सहायक होगा। इससे निर्यात, उत्पादन, रोजगार और MSME व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस