अभिजीत दीपके का 48 घंटे का अल्टीमेटम, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, वरना देशव्यापी आंदोलन’

अभिजीत दीपके ने कहा कि बीजेपी 2024 के चुनाव में बहुमत हासिल करने में नाकाम रही और जब वे उस बहुमत से कम रह गए तो पैनिक बटन दबा दिया गया।

अभिजीत दीपके का 48 घंटे का अल्टीमेटम, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, वरना देशव्यापी आंदोलन’

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की है. 48 घंटे में इस्तीफा न देने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है. वोटर लिस्ट पर भी उठाए सवाल.

नई दिल्ली। चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तय समय में इस्तीफा नहीं दिया गया तो CJP देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी और इसके बाद दिल्ली में आंदोलन किया जाएगा।

विवाद उस रिपोर्ट के बाद और गहरा गया है, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले करीब 10 महीनों के दौरान आयोग की कुछ प्रक्रियाओं और फैसलों को लेकर लगभग 14 बार आपत्तियां दर्ज कराईं। रिपोर्ट में SIR, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर विपक्ष और कुछ राजनीतिक संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

CJP ने रखीं तीन बड़ी मांगें

गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP ने अपनी तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। पार्टी की पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है। दूसरी मांग आगामी चुनावों पर रोक लगाने की है, जबकि तीसरी मांग SIR प्रक्रिया को तत्काल बंद करने की रखी गई है।

अभिजीत दीपके ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर 48 घंटे में इस्तीफा नहीं दिया गया तो उनकी पार्टी देशभर में लोगों को एकजुट कर विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।

‘इस्तीफा नहीं दिया तो दिल्ली में आंदोलन’

CJP नेता ने कहा कि आंदोलन केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को जोड़ने का अभियान चलाएगी और इसके बाद दिल्ली में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जब तक चुनावी व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान नहीं होता, तब तक विपक्षी दलों को चुनावों के बहिष्कार पर भी विचार करना चाहिए। यह CJP की राजनीतिक मांग है और इसे पार्टी के घोषित रुख के रूप में देखा जाना चाहिए।

ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

दीपके ने दावा किया कि महाराष्ट्र में दो करोड़ से अधिक वोट हटाए गए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के मतदान से वंचित रहने का आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की मतदाता सूची को लेकर भी दावा किया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

इन आंकड़ों और आरोपों को CJP के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

‘13 करोड़ वोटर्स के नाम हटाए गए’

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि देश में अब तक करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए चुनावी नतीजों और मतदाता सूची में बदलाव के बीच संबंध को लेकर सवाल उठाया।

उन्होंने पूछा कि क्या किसी राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। हालांकि, यह CJP की ओर से लगाया गया आरोप है और इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

बीजेपी पर लगाए प्रॉक्सी पार्टियां बनाने के आरोप

CJP ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी पर भी कई आरोप लगाए। पार्टी ने दावा किया कि बीजेपी अलग-अलग राज्यों में प्रॉक्सी पार्टियां तैयार कर रही है।

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय दलों से जुड़े बागी गुटों को राजनीतिक संरक्षण, चुनाव चिह्न और फंड उपलब्ध कराया गया। उन्होंने इन संगठनों को बीजेपी से जोड़ते हुए कई गंभीर दावे किए। इन आरोपों पर संबंधित राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।

‘ज्ञानेश कुमार की वजह से जीत रही बीजेपी’

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि बीजेपी की चुनावी सफलता केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम या किसी लहर का परिणाम नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की मौजूदा व्यवस्था बीजेपी को एक के बाद एक राज्यों में चुनावी फायदा पहुंचा रही है।

उन्होंने कहा कि मोदी लहर के चरम के दौरान भी बीजेपी कुछ राज्यों में इतनी सीटें हासिल नहीं कर पाई थी, जितनी अब हासिल कर रही है। दीपके ने इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाया।

सुप्रीम कोर्ट से भी हस्तक्षेप की मांग

CJP ने चुनाव आयोग के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए। अभिजीत दीपके ने कहा कि SIR से संबंधित सभी फाइलों को सुरक्षित रखने की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट इन फाइलों को अपनी निगरानी या कस्टडी में लेने का आदेश दे, ताकि भविष्य में रिकॉर्ड नष्ट होने को लेकर कोई विवाद पैदा न हो।

‘मोदी के घर चपरासी बन जाएं’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार पर तीखी व्यक्तिगत टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चापलूसी करना चाहते हैं तो उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त का पद छोड़कर मोदी के घर चपरासी बन जाना चाहिए।

दीपके ने इस बयान के जरिए चुनाव आयोग की कथित निष्पक्षता पर सवाल उठाने की कोशिश की और कहा कि संवैधानिक संस्था के प्रमुख से निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर बहस तेज

पूरे मामले में दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक ओर रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों की ओर से कथित तौर पर कई आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात कही गई है। दूसरी ओर चुनाव आयोग से जुड़े पक्ष की ओर से यह कहा गया है कि आयोग के फैसले निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं और SIR को लेकर निर्णयों पर भी संस्थागत प्रक्रिया का पालन किया गया है।

ऐसे में CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने पहले से चल रहे विवाद को और राजनीतिक बना दिया है। 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद अब निगाह इस बात पर है कि ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की ओर से इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

CJP ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके बाद दिल्ली में आंदोलन की बात कही गई है। फिलहाल पार्टी के आरोप और मांगें राजनीतिक दावों के रूप में सामने हैं, जबकि मतदाता सूची, SIR और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर अंतिम तस्वीर संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और संस्थागत प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।